पड़ोसन भाभी और ननद की चुदाई का परिचय
मेरा नाम नमन है और मैं दिल्ली के एक अपमार्केट कॉलोनी में रहता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है, हाइट 6 फीट, एथलेटिक बॉडी और दिखने में काफी हैंडसम हूँ। मैंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और अपने फैमिली बिजनेस में हेल्प करता हूँ। मेरी बिल्डिंग में दूसरे फ्लोर पर रिया भाभी रहती हैं। रिया भाभी की उम्र 26 साल है, रंग गोरा, हाइट 5’6″, फिगर तकरीबन 34-28-36 का है। वो बहुत ही खूबसूरत औरत हैं। उनके बाल कंधे तक लंबे हैं और आँखें बड़ी-बड़ी मोहक हैं। उनके होंठ गुलाबी और मोटे हैं, जिन पर हल्की सी मुस्कान हमेशा बनी रहती है। पड़ोसन भाभी और ननद की चुदाई दोनो का मजा ।
रिया भाभी की शादी को सिर्फ दो साल ही हुए थे जब उनके पति का एक एक्सीडेंट में निधन हो गया। तब से वो विधवा हैं और अपने ससुराल में ही रहती हैं। उनके सास-ससुर ज्यादातर अपने गाँव में रहते हैं, इसलिए रिया भाभी अकेली ही इस फ्लैट में रहती हैं। वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती हैं और सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रहती हैं।
मैं रिया भाभी को पहली बार तब देखा था जब मैं इस कॉलोनी में शिफ्ट हुआ था। उन्होंने सफेद साड़ी पहनी हुई थी और माथे पर बिंदी लगाई हुई थी। मुझे उन्हें देखते ही कुछ हो गया। वो इतनी सुंदर थीं कि मेरी नज़रें उनसे हट ही नहीं रही थीं। उनका वो सफेद साड़ी में गोरा बदन, कमर पर हाथ रखकर चलना, मेरे दिल को छू गया।
धीरे-धीरे हमारी जान-पहचान हो गई। लिफ्ट में मिलना, नीचे पार्क में टहलते वक्त मुलाकात होना, ये सब चलता रहा। एक दिन मैंने हिम्मत करके उनसे बात शुरू की। पहले तो वो थोड़ा शर्माती थीं, लेकिन धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गई।
रिया भाभी मुझे अपने छोटे भाई की तरह मानती थीं, लेकिन मेरे मन में उनके लिए कुछ और ही चल रहा था। मैं हर वक्त उनके बारे में सोचता रहता था। रात को सोते वक्त मैं उनकी ही फैंटसी में खोया रहता था। मैं सोचता था कि काश मुझे एक बार इनके साथ देसी भाभी सेक्स का मौका मिल जाए।
एक दिन शाम को मैं पार्क में बैठा था, तभी रिया भाभी वहाँ आईं। उन्होंने नीली सलवार-कमीज पहनी हुई थी और बाल खुले छोड़े हुए थे। वो मेरे पास आकर बैठ गईं।
“नमन, तुम यहाँ अकेले क्या कर रहे हो?” रिया भाभी ने पूछा।
“कुछ नहीं भाभी, बस हवा खा रहा था। आप कैसी हैं?” मैंने पूछा।
“मैं ठीक हूँ, बस थोड़ा मन उदास था, इसलिए सोचा टहलने चलती हूँ,” रिया भाभी ने कहा।
“क्यों भाभी, क्या हुआ?” मैंने चिंता से पूछा।
“कुछ नहीं, बस अकेलेपन से परेशान हो जाती हूँ कभी-कभी। तुम्हें पता है नमन, रात को जब मैं अकेली अपने कमरे में होती हूँ, तो बहुत अजीब सा लगता है। कोई अपना नहीं है, कोई पूछने वाला नहीं,” रिया भाभी की आँखों में आँसू आ गए।
मैंने उनका हाथ पकड़ लिया, “भाभी, आप रोइए मत। मैं हूँ ना आपके साथ। आप कभी भी अकेली नहीं हैं, मैं हमेशा आपके साथ हूँ।”
रिया भाभी ने मेरा हाथ थाम लिया और मुझे देखने लगीं। उनकी आँखों में कुछ अलग सा भाव था। शायद वो भी मुझे पसंद करने लगी थीं।
उस दिन के बाद हमारी दोस्ती और गहरी हो गई। हम अक्सर एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे। कभी-कभी मैं उनके घर डिनर करने चला जाता और कभी वो मेरे यहाँ आ जातीं। हमारी बातें भी अब पर्सनल होने लगी थीं।
एक दिन रिया भाभी ने मुझे बताया कि उनकी ननद प्रीति कुछ दिनों के लिए उनके यहाँ आ रही है। प्रीति की उम्र 24 साल है और वो लखनऊ में रहती है। उसकी शादी नहीं हुई है और वो एक कॉलेज में पढ़ाती है। रिया भाभी ने कहा कि प्रीति बहुत ही खूबसूरत और स्मार्ट लड़की है।
कुछ दिन बाद प्रीति आ गई। जब मैंने उसे पहली बार देखा, तो मेरे होश उड़ गए। प्रीति और भी ज्यादा खूबसूरत थी। उसकी हाइट 5’4″ थी, फिगर 32-26-34 का था, रंग गोरा और चेहरा गोल-मटोल। उसने जींस और टॉप पहना हुआ था जिसमें उसकी कमर और हिप्स बहुत सेक्सी लग रहे थे।
प्रीति ने मुझे देखा और मुस्कुरा दी। उसकी मुस्कान में एक अलग ही कशिश थी। मैं समझ गया कि ये लड़की भी कुछ कम नहीं है। रिया भाभी ने हमारी परिचय कराया और प्रीति ने मुझे “हाय” कहा। उसकी आवाज़ बहुत मधुर थी।
अगले कुछ दिनों में प्रीति और मेरी अच्छी दोस्ती हो गई। वो बहुत फ्रैंक लड़की थी और मुझसे खुलकर बातें करती थी। हम तीनों अक्सर साथ में टाइम स्पेंड करते थे – मूवी देखने जाते, शॉपिंग करने जाते, या फिर घर पर ही बैठकर बातें करते।
एक शनिवार की शाम थी। रिया भाभी ने मुझे और प्रीति को डिनर के लिए बुलाया था। हम तीनों रिया भाभी के फ्लैट में बैठे थे। रिया देसी भाभी ने साड़ी पहनी हुई थी और प्रीति ने स्कर्ट और टॉप। मैंने जींस और टी-शर्ट पहनी थी।
डिनर के बाद हम वाइन पीने लगे। धीरे-धीरे हम सब थोड़े नशे में आने लगे। रिया भाभी ने अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया और ब्लाउज में अपने गोरे बदन को थोड़ा खुला छोड़ दिया। प्रीति भी काफी ढीली हो गई थी और मेरे करीब बैठ गई थी।
“नमन, तुम्हें पता है, मेरी ननद कितनी सुंदर है?” रिया भाभी ने नशे में धुत होकर कहा।
“हाँ भाभी, प्रीति बहुत खूबसूरत है,” मैंने कहा।
“तुम्हें पसंद है वो?” रिया भाभी ने पूछा।
मैं थोड़ा शर्मा गया, “भाभी, आप क्या पूछ रही हैं?”
“अरे, बताओ ना। मुझे सब पता है। तुम मुझे देखकर कैसे घूरते हो, मैं सब जानती हूँ। और अब तो तुम प्रीति को भी वैसे ही देखते हो,” रिया भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा।
मैं हैरान रह गया। मुझे नहीं पता था कि रिया भाभी इतना सब नोटिस करती हैं।
“भाभी, मुझे माफ कर दीजिए अगर मैंने कुछ गलत किया हो तो,” मैंने हिचकिचाते हुए कहा।
“अरे नहीं नमन, तुम्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है। मैं तो खुश हूँ कि तुम्हें मेरी ननद पसंद आई।” रिया भाभी ने कहा।
प्रीति ये सब सुन रही थी और शरमा रही थी। उसने अपना सिर नीचे कर लिया था।
“नमन, मैं तुमसे एक बात कहूँ?” रिया भाभी ने मेरे करीब आकर कहा।
“हाँ भाभी, बोलिए,” मैंने कहा।
“मुझे पता है कि तुम मुझे चाहते हो। और मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ। लेकिन मैं एक विधवा हूँ और मेरे समाज में मेरे लिए ये सब ठीक नहीं है। लेकिन अगर तुम मेरी ननद को पसंद करते हो, तो मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूँ,” रिया भाभी ने धीरे से कहा।
मैं समझ नहीं पाया कि वो क्या कहना चाह रही हैं।
“मतलब?” मैंने पूछा।
“मतलब ये कि मैं प्रीति को तुम्हारे लिए पटा सकती हूँ। वो अभी कुंवारी है और उसे भी एक अच्छे लड़के की तलाश है। अगर तुम चाहो, तो मैं उसे तुम्हारे बारे में कुछ बता सकती हूँ और तुम दोनों को करीब ला सकती हूँ,” रिया भाभी ने कहा।
मैं हैरान था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि रिया भाभी ये सब क्यों कह रही हैं।
“लेकिन भाभी, आप ये सब क्यों करेंगी?” मैंने पूछा।
रिया भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और धीरे से कहा, “क्योंकि मैं चाहती हूँ कि तुम खुश रहो। और अगर तुम मेरी ननद के साथ खुश रह सकते हो, तो मुझे खुशी होगी।”
उस रात हमने और भी वाइन पी और फिर मैं अपने घर चला गया। लेकिन मेरे मन में बहुत सारे ख्याल आ रहे थे। मैं सोच रहा था कि रिया भाभी सच में ये सब क्यों कर रही हैं। क्या वो सच में मेरी खुशी चाहती हैं, या फिर कोई और वजह है?
अगले दिन रिया भाभी ने मुझे फोन किया और कहा कि वो मुझसे कुछ जरूरी बात करना चाहती हैं। मैं उनके घर गया। प्रीति घर पर नहीं थी, वो अपनी एक दोस्त से मिलने गई थी।
“नमन, मैंने तुमसे कल जो कहा, उसके बारे में सोचा?” रिया भाभी ने पूछा।
“हाँ भाभी, मैंने सोचा। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप ये सब क्यों कर रही हैं,” मैंने कहा।
रिया भाभी ने मेरे करीब आकर मेरा हाथ पकड़ा। “नमन, मैं तुमसे सच कहूँ? मैं तुम्हें पसंद करती हूँ। लेकिन मैं एक विधवा हूँ और मेरे लिए ये सब संभव नहीं है। लेकिन मैं चाहती हूँ कि तुम मेरी ननद को पटाओ और उससे शादी करो। इस तरह तुम मेरे परिवार का हिस्सा बन जाओगे और हम एक-दूसरे को देख भी पाएंगे,” रिया भाभी ने कहा।
मैं समझ गया। रिया भाभी मुझे पसंद करती थीं, लेकिन समाज के डर से वो मुझसे रिलेशनशिप नहीं रख सकती थीं। इसलिए वो चाहती थीं कि मैं उनकी ननद से शादी कर लूँ, ताकि हम एक ही परिवार में रह सकें।
“भाभी, मैं समझ सकता हूँ आपकी बात। लेकिन क्या प्रीति मुझे पसंद करेगी?” मैंने पूछा।
“तुम चिंता मत करो, मैं उसे मना लूँगी। मैं उसे तुम्हारे बारे में इतना बताऊंगी कि वो तुम्हें पसंद करने लगेगी। बस तुम मेरे साथ कोऑपरेट करो,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने हाँ कर दी। मुझे लगा कि ये एक अच्छा मौका है। अगर प्रीति मुझे पसंद आ जाती है, तो मैं उससे शादी कर लूँगा और रिया भाभी भी मेरे पास रहेंगी।
अगले कुछ दिनों में रिया भाभी ने प्रीति को मेरे बारे में बहुत कुछ बताया। उन्होंने मेरी तारीफ में कसीदे पढ़े – कि मैं कितना अच्छा हूँ, कितना केयरिंग हूँ, कितना समझदार हूँ। प्रीति भी धीरे-धीरे मुझमें इंटरेस्ट लेने लगी।
एक दिन रिया भाभी ने मुझे बुलाया और कहा कि आज शाम को वो और प्रीति मेरे साथ डिनर पर जाना चाहती हैं। मैंने हाँ कर दी।
शाम को हम तीनों एक अच्छे रेस्टोरेंट में गए। वहाँ रिया भाभी ने जान-बूझकर मुझे और प्रीति को अकेला छोड़ दिया। वो बाथरूम गईं और फिर फोन पर बात करने लगीं। मैं और प्रीति अकेले बैठे थे।
“नमन, तुम्हें क्या लगता है, मैं कैसी लड़की हूँ?” प्रीति ने अचानक पूछा।
“तुम बहुत अच्छी हो प्रीति। स्मार्ट, खूबसूरत, और समझदार,” मैंने कहा।
“थैंक यू। मेरी भाभी तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताती हैं। वो तुम्हें बहुत पसंद करती हैं,” प्रीति ने कहा।
“हाँ, रिया भाभी बहुत अच्छी हैं। उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया है,” मैंने कहा।
“तुम मुझे पसंद करते हो?” प्रीति ने सीधे पूछा।
मैं थोड़ा चौंक गया, लेकिन फिर मैंने कहा, “हाँ प्रीति, मैं तुम्हें पसंद करता हूँ। तुम बहुत खास लड़की हो।”
प्रीति ने मुस्कुराते हुए मेरा हाथ पकड़ लिया। “मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ नमन।”
उस दिन के बाद मैं और प्रीति करीब आने लगे। हम अक्सर डेट पर जाने लगे और एक-दूसरे को समय देने लगे। रिया भाभी ये सब देखकर बहुत खुश होती थीं।
एक दिन रिया भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया। प्रीति वहाँ नहीं थी, वो अपने एक दोस्त के यहाँ गई थी।
“नमन, तुम और प्रीति अब करीब आ गए हो। मुझे बहुत खुशी हो रही है,” रिया भाभी ने कहा।
“हाँ भाभी, ये सब आपकी वजह से हुआ है। थैंक यू सो मच,” मैंने कहा।
“नमन, मैं तुमसे एक बात और कहना चाहती हूँ।” रिया भाभी थोड़ा शर्माते हुए बोलीं।
“क्या भाभी?” मैंने पूछा।
“मैं… मैं तुम्हें पसंद करती हूँ नमन। मैं जानती हूँ कि ये गलत है, लेकिन मैं अपने दिल को रोक नहीं पाती। जब से मैंने तुम्हें देखा है, मेरे दिल में तुम्हारे लिए कुछ है,” रिया भाभी ने अपनी आँखें झुकाते हुए कहा।
मैं हैरान रह गया। मुझे पता था कि रिया भाभी मुझे पसंद करती हैं, लेकिन उनके मुँह से ये सुनकर मैं चौंक गया।
“भाभी, मैं भी आपको पसंद करता हूँ। लेकिन प्रीति…” मैंने कहा।
“प्रीति के बारे में मत सोचो। वो मेरी ननद है और मैं उसकी भलाई चाहती हूँ। लेकिन मैं भी तुम्हें चाहती हूँ नमन। क्या तुम मुझे एक बार… एक बार अपना बना लोगे?” रिया भाभी ने मेरे करीब आकर कहा।
मैं समझ गया कि रिया भाभी क्या चाहती हैं। उनकी आँखों में वो लालसा थी जो मैं पहले कभी नहीं देखा था। वो मुझे चाहती थीं, और वो इस रात को मेरे साथ बिताना चाहती थीं।
“भाभी, आप सच में ये चाहती हैं?” मैंने पूछा।
“हाँ नमन, मैं ये चाहती हूँ। मैं एक विधवा हूँ, मेरे पति को गुजरे हुए दो साल हो गए हैं। मैंने इन दो सालों में किसी को अपने करीब नहीं आने दिया। लेकिन तुम… तुम मुझे अच्छे लगते हो। मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे एक रात अपना बनाओ,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उनका चेहरा अपने हाथों में लिया और उनके होंठों पर एक हल्का सा चुम्बन किया। वो मेरे पास आ गईं और मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया। उनकी साँसें तेज हो गईं और उनका दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।
“नमन, मुझे… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उनकी साड़ी को खोलना शुरू किया। धीरे-धीरे मैंने उनकी साड़ी उतार दी। वो अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं। उनका गोरा बदन मेरे सामने था और मैं उन्हें देखता ही रह गया।
“क्या देख रहे हो? पहले कभी किसी लड़की को नहीं देखा?” रिया भाभी ने शरमा कर पूछा।
“देखा है भाभी, लेकिन आप जैसी खूबसूरत कभी नहीं देखी,” मैंने कहा। मुझे ऐसी देसी हॉट भाभी बहुत पसंद है।
मैंने उनका ब्लाउज खोलना शुरू किया। उनके ब्लाउज के हुक मैंने एक-एक करके खोले। जब ब्लाउज खुला, तो उनकी सफेद ब्रा में कैद गोल-गोल चूचियाँ मेरे सामने आ गईं। वो इतनी सुंदर थीं कि मैं उन्हें देखता ही रह गया।
“नमन, अब और मत तड़पाओ,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उनकी ब्रा भी खोल दी। उनकी चूचियाँ बिल्कुल सीधी और गोल थीं। उनके निप्पल गुलाबी और कड़े हो चुके थे। मैंने एक चूची को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा।
“आह्ह्ह… नमन… बहुत मज़ा आ रहा है,” रिया भाभी ने मेरे बालों में हाथ फिराते हुए कहा।
मैं उनकी चूचियों को बारी-बारी से चूस रहा था। वो आहें भर रही थीं और मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबा रही थीं। मैंने उनकी दूसरी चूची को भी अपने हाथों से मसलना शुरू कर दिया।
“ओह्ह्ह… नमन… और जोर से… और जोर से चूसो,” रिया भाभी कराह रही थीं।
मैंने उनका पेटीकोट भी उतार दिया। अब वो सिर्फ पैंटी में थीं। उनकी पैंटी भी गीली हो चुकी थी। मैंने उनकी पैंटी को भी नीचे खींच दिया। उनकी चूत बिल्कुल साफ शेव थी और गुलाबी रंग की थी।
“नमन, प्लीज… मुझे चोदो… मुझे बहुत दिनों से किसी की जरूरत थी,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया और उनकी टांगें फैला दीं। उनकी चूत पूरी तरह से गीली थी और तैयार थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला। मेरा लंड 7 इंच का था और काफी मोटा था।
“भाभी, तैयार हैं आप?” मैंने पूछा।
“हाँ नमन, डाल दो अपना लंड… मुझे अपना बना लो,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उनकी चूत पर रखा और एक जोर का धक्का मारा। मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया।
“उई माँ… बहुत दर्द हो रहा है नमन… धीरे से करो,” रिया भाभी ने चीखते हुए कहा।
“सॉरी भाभी, मैं धीरे से करता हूँ,” मैंने कहा और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया।
रिया भाभी की चूत बहुत टाइट थी। शायद दो साल से किसी ने उन्हें नहीं चोदा था। मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया।
“आह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही… बहुत मज़ा आ रहा है नमन,” रिया भाभी मज़े ले रही थीं।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैं जोर-जोर से उनकी चूत में अपना लंड पेल रहा था। बेड की चरमराहट की आवाज़ और रिया भाभी की आहें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
“ओह्ह्ह… नमन… तुम बहुत अच्छा चोदते हो… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है,” रिया भाभी कह रही थीं।
मैंने उनकी टांगें अपने कंधों पर रख ली और और भी जोर से चोदने लगा। उनकी चूत से पानी निकलने लगा था और मेरे लंड पर लग रहा था।
“भाभी, आपकी चूत तो बहुत मस्त है,” मैंने कहा।
“हाँ नमन… चोदो मुझे… और जोर से चोदो… मुझे अपनी रंडी बना लो,” रिया भाभी ने कहा।
मैं और भी जोश में आ गया। मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में घुमा दिया और पीछे से उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। इस पोज़िशन में मैं और भी गहराई तक जा पा रहा था।
“आह्ह्ह… माँ… नमन… मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज… और तेज करो,” रिया भाभी चीख रही थीं।
मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। कुछ ही मिनटों में रिया भाभी झड़ गईं। उनकी चूत से पानी निकल कर बेड पर गिर गया। लेकिन मैं रुका नहीं, मैंने उन्हें और भी तेज चोदना जारी रखा।
“नमन, प्लीज… अब मत रोको… अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दो,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने कुछ और धक्के मारे और फिर मैं भी झड़ गया। मेरा गर्म गर्म वीर्य उनकी चूत में भर गया। हम दोनों थक कर बेड पर गिर गए।
“थैंक यू नमन… ये मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा सेक्स था,” रिया भाभी ने कहा।
“मुझे भी बहुत मज़ा आया भाभी,” मैंने कहा।
उस रात हमने दो बार और सेक्स किया। रिया भाभी पूरी तरह से संतुष्ट थीं। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये था कि प्रीति के बारे में क्या करना है।
अगले दिन रिया भाभी ने मुझे बुलाया और कहा, “नमन, मैंने सोचा है। तुम प्रीति से शादी कर लो। लेकिन मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे भी चोदते रहो। मुझे तुम्हारे बिना नहीं रहना।”
“लेकिन भाभी, अगर प्रीति को पता चल गया तो?” मैंने चिंता से पूछा।
“वो नहीं पता चलेगा। मैं उसे मना लूँगी। वो मेरी ननद है और मेरी बात मानेगी। मैं उसे कहूँगी कि मैं तुम्हें अपने छोटे भाई की तरह मानती हूँ और मुझे तुमसे मिलना-जुलना अच्छा लगता है। वो कुछ नहीं कहेगी,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने हाँ कर दी। मुझे भी रिया भाभी और प्रीति दोनों चाहिए थीं।
कुछ हफ्तों बाद मैंने प्रीति को प्रपोज किया और उसने हाँ कर दी। हमारी शादी तय हो गई। रिया भाभी बहुत खुश थीं।
शादी से पहले की रात रिया भाभी ने मुझे बुलाया। वो बहुत उदास थीं।
“क्या हुआ भाभी?” मैंने पूछा।
“नमन, कल से तुम प्रीति के पति बन जाओगे। मुझे डर है कि तुम मुझे भूल न जाना,” रिया भाभी ने कहा।
“अरे नहीं भाभी, मैं आपको कभी नहीं भूलूँगा। आप मेरी पहली महिला हो और हमेशा रहोगी,” मैंने कहा।
“थैंक यू नमन। आज रात मुझे एक बार फिर से अपना बना लो। आज की रात हमारी आखिरी रात होगी,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और उनके होंठों पर किस कर दिया। वो मेरे पास आ गईं और मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया।
इस बार रिया भाभी ने खुद मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। उन्होंने मेरी टी-शर्ट उतारी और फिर मेरी जींस का बटन खोला। मेरा लंड पहले से ही खड़ा था और उन्होंने मेरी अंडरवियर में से मेरा लंड बाहर निकाल लिया।
“वाह नमन, तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है,” रिया भाभी ने कहा और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगीं।
फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं। वो मेरे लंड को बड़े मज़े से चूस रही थीं और मैं आहें भर रहा था।
“ओह्ह्ह… भाभी… बहुत मज़ा आ रहा है… और जोर से चूसो,” मैंने कहा।
रिया भाभी ने मेरे लंड को और भी गहराई तक अपने मुँह में ले लिया। उनकी जीभ मेरे लंड के सुपाड़े पर घूम रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें रोका और उनकी साड़ी उतारने लगा। इस बार रिया भाभी ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उन पर बहुत सुंदर लग रही थी।
मैंने उनकी साड़ी, ब्लाउज, और पेटीकोट सब उतार दिए। वो अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं। मैंने उनकी ब्रा भी खोल दी और उनकी गोल-गोल चूचियों को चूसने लगा।
“आह्ह्ह… नमन… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है… और जोर से चूसो,” रिया भाभी कह रही थीं।
मैंने उनकी पैंटी भी उतार दी और उनकी चूत को चाटने लगा। उनकी चूत पूरी तरह से गीली थी और मैं उसे अपनी जीभ से चाट रहा था।
“ओह्ह्ह… नमन… तुम बहुत अच्छा चाटते हो… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है,” रिया भाभी कराह रही थीं।
मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली भी डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा। वो पागल हो रही थीं और मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा रही थीं।
“नमन, अब डाल दो अपना लंड… मुझे और इंतज़ार नहीं हो रहा,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी टांगें फैला दीं। फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उनकी चूत पर रखा और एक जोर का धक्का मारा। मेरा पूरा लंड एक ही बार में उनकी चूत में घुस गया।
“आह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही… बहुत मज़ा आ रहा है नमन,” रिया भाभी चीख रही थीं।
मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। उनकी चूत बहुत टाइट थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैं उन्हें पूरी तरह से चोद रहा था और वो मज़े ले रही थीं।
“ओह्ह्ह… नमन… और तेज… और तेज चोदो मुझे… मैं तुम्हारी हूँ… मुझे अपनी बना लो,” रिया भाभी कह रही थीं।
मैंने उन्हें घुमा कर डॉगी स्टाइल में कर दिया और पीछे से उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया। इस पोज़िशन में मैं और भी गहराई तक जा पा रहा था।
“आह्ह्ह… माँ… नमन… मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज करो,” रिया भाभी चीख रही थीं।
मैंने और भी तेज धक्के मारे। कुछ ही मिनटों में रिया भाभी झड़ गईं और उनकी चूत से पानी निकलने लगा। लेकिन मैंने उन्हें चोदना जारी रखा।
“नमन, प्लीज… अब छोड़ दो… मैं थक गई हूँ,” रिया भाभी ने कहा।
“नहीं भाभी, आज मैं आपको पूरी तरह से चोदूँगा,” मैंने कहा और उन्हें फिर से सीधा लिटा कर चोदने लगा।
मैंने उनकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं और और भी जोर से चोदने लगा। वो चीख रही थीं लेकिन मज़े भी ले रही थीं।
“ओह्ह्ह… नमन… तुम तो पूरा जानवर बन गए हो… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है,” रिया भाभी कह रही थीं।
मैंने लगातार 20 मिनट तक उन्हें चोदा। फिर मैं भी झड़ने वाला था।
“भाभी, मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ छोड़ूँ?” मैंने पूछा।
“मेरी चूत में ही छोड़ दो नमन… मुझे तुम्हारा वीर्य चाहिए,” रिया भाभी ने कहा।
मैंने कुछ और धक्के मारे और फिर मेरा वीर्य उनकी चूत में छूट गया। हम दोनों थक कर बेड पर गिर गए।
“थैंक यू नमन… ये मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन सेक्स था। मैं तुम्हें कभी नहीं भूलूँगी,” रिया भाभी ने कहा।
“मैं भी आपको कभी नहीं भूलूँगा भाभी,” मैंने कहा।
अगले दिन मेरी और प्रीति की शादी हो गई। रिया भाभी बहुत खुश थीं। शादी के बाद हम तीनों एक ही घर में रहने लगे क्योंकि प्रीति ने अपनी भाभी को अकेला छोड़ने से मना कर दिया था।
पहले कुछ महीनों तो सब ठीक चला। मैं रात को प्रीति के साथ सोता था और दिन में जब प्रीति ऑफिस जाती थी, तो मैं और रिया भाभी एक-दूसरे को चोदते थे।
लेकिन धीरे-धीरे प्रीति को शक होने लगा। एक दिन जब मैं और रिया भाभी बेडरूम में सेक्स कर रहे थे, तो प्रीति अचानक आ गई। उसने हम दोनों को नंगे देख लिया।
“ये क्या हो रहा है?” प्रीति ने चीखते हुए पूछा।
मैं और रिया भाभी डर गए। हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और प्रीति के पास गए।
“प्रीति, मुझे माफ कर दो… मैं…” मैंने कहना शुरू किया।
“चुप करो! मुझे सब समझ आ गया। तुम दोनों मुझे बेवकूफ बना रहे थे।” प्रीति रोते हुए बोली।
रिया भाभी ने प्रीति को समझाने की कोशिश की, “प्रीति, प्लीज मेरी बात सुनो। ये सब मेरी गलती है। मैंने नमन को फंसाया था। मैंने उसे कहा था कि तुम्हें पटा ले और फिर मैं तुम दोनों को एक साथ रखूँगी। लेकिन मैं नमन को पसंद करने लगी थी और मुझे उसके बिना नहीं रहा जा रहा था।”
प्रीति हैरान थी, “क्या? तुमने मुझे फंसाया था? तुमने मुझे नमन से शादी करने के लिए कहा था सिर्फ इसलिए कि तुम नमन के करीब रह सको?”
“हाँ प्रीति, मैंने तुम्हें फंसाया था। लेकिन मैं तुम्हारी भलाई चाहती थी। नमन अच्छा लड़का है और वो तुम्हें खुश रखेगा। बस मुझे भी उसकी जरूरत थी,” रिया भाभी ने कहा।
प्रीति कुछ देर सोचती रही। फिर उसने कहा, “ठीक है, अगर ये सच है तो मैं एक शर्त पर माफ कर सकती हूँ।”
“क्या शर्त?” मैंने पूछा।
“मुझे भी इसमें शामिल होना होगा। अगर तुम मेरी भाभी को चोद सकते हो, तो मुझे भी चोदो। मैं भी तुम्हारी पत्नी हूँ और मुझे भी तुम्हारे साथ सेक्स का हक है,” प्रीति ने कहा।
मैं और रिया भाभी दोनों हैरान थे। हमें उम्मीद नहीं थी कि प्रीति ऐसा कहेगी।
“प्रीति, तुम ये क्या कह रही हो?” रिया भाभी ने पूछा।
“मैं सच कह रही हूँ भाभी। अगर तुम नमन को शेयर कर सकती हो, तो मुझे भी शेयर करो। मैं भी तुम्हारी तरह उसे चाहती हूँ,” प्रीति ने कहा।
मैं समझ गया कि ये एक अच्छा मौका है। अगर प्रीति राजी है, तो मैं दोनों को एक साथ चोद सकता हूँ।
“ठीक है प्रीति, अगर तुम दोनों राजी हो तो मैं भी राजी हूँ,” मैंने कहा।
रिया भाभी भी मान गईं। उस रात हम तीनों ने एक साथ सेक्स किया। ये मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव था।
मैंने पहले प्रीति को चोदा। वो बहुत उत्साहित थी और मुझे बहुत मज़ा दे रही थी। फिर मैंने रिया भाभी को चोदा। दोनों मज़े ले रही थीं और मैं भी।
उस रात के बाद हम तीनों का एक अलग ही रिश्ता बन गया। मैं रात में प्रीति के साथ सोता था और दिन में रिया भाभी के साथ। कभी-कभी हम तीनों एक साथ भी सेक्स करते थे।
ये हमारी जिंदगी का एक नया हिस्सा बन गया। हम तीनों एक-दूसरे को खुश रखते थे और कोई भी किसी से जलता नहीं था।
रिया भाभी ने मुझे एक दिन कहा, “नमन, मैंने तुम्हें अपनी ननद से शादी करने के लिए कहा था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि हमारी जिंदगी इतनी खूबसूरत हो जाएगी। थैंक यू तुम्हारा कि तुमने मुझे मेरी ननद के साथ शेयर किया।”
“नहीं भाभी, थैंक यू; आपका कि आपने मुझे अपनी ननद से मिलवाया। अब मेरे पास दो-दो खूबसूरत औरतें हैं,” मैंने कहा।
प्रीति भी मुस्कुरा रही थी, “हाँ भाभी, अब हम दोनों नमन की हैं और वो हम दोनों का है।”
ये थी हमारी कहानी। एक कहानी जिसमें एक विधवा भाभी ने अपनी ननद को फंसाया, लेकिन अंत में सब खुश रहे। ये थी हमारी डेसी भाभी सेक्स की कहानी, जो हिंदी सेक्स स्टोरीज़ में सबसे बेस्ट इंडियन सेक्स स्टोरी बन गई।
इंडियन भाभी सेक्स की ये कहानी हमेशा याद रखी जाएगी। हॉट भाभी सेक्स का ये अनुभव मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा समय था। और डेसी भाभी फॉर सेक्स की ये तलाश हमेशा जारी रहेगी।
New Sex Story :- विधवा भाभी की चुदाई
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