मेरा नाम रोहन और मैंने कभी ये नहीं सोचा था कि ऐसे भाभीजी का शातिर जाल में फंस जाऊंगा और फिर उसके बाद मुझे पड़ोसन और भाभीजी की चुदाई करने को मिलेगी तुम्हें कहानी के किरदार के बारे में बता देता हूं
सिमरन (भाभीजी) – 32 साल की देसी खूबसूरती जिसकी हर अदा में जादू था। उसकी आंखें ऐसी जैसे काजल की कोख से निकली हों, घनी पलकें, नीली नसें जो पतले गालों पर साफ दिखती थीं। उसकी कमर इतनी पतली कि हाथ रखते ही पूरा घेरा बन जाता, और हिप्स इतने भरे हुए कि हर साड़ी उस पर फिटिंग में आ जाती। उसके पति रमेश एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे और महीने में 25 दिन बाहर रहते थे।
रोहन – 26 साल का जवान, जिम जाता हुआ, 6 फीट की हाइट, चौड़ी छाती, और उसकी आंखों में अपनी भाभी के लिए एक अजीब सी लालसा जो दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही थी। वो घर के बाहर एक छोटी सी दुकान चलाता था।
मीरा – 28 साल की शहरी लड़की, पड़ोस में किराए पर रहने आई। टैटू आर्टिस्ट थी, उसके बाएं हाथ पर एक ड्रैगन का टैटू था, नाक में छोटी सी रिंग, और बाल छोटे, अनकंवेंशनल। वो किसी भी नजरिए से गांव की लड़की नहीं लगती थी।
बारिश में बिखरी चाहत
भाभीजी का शातिर जाल : अकेलापन और नजरें
रमेश को दिल्ली जाए हुए तीन हफ्ते हो चुके थे। सिमरन सुबह से उदास बैठी थी। रोहन नीचे दुकान पर गया था लेकिन उसका मन वहीं ऊपर था। वो जानता था कि भाभीजी अकेली हैं।
दोपहर को जब रोहन ऊपर आया तो देखा कि सिमरन बालकनी में खड़ी थी, सफेद कॉटन की साड़ी में, बाल खुले हुए। हवा उसके बालों को उड़ा रही थी और साड़ी उसके बदन से चिपकी हुई थी। पसीने से हल्की गीली।
“भाभीजी, खाना खाएं?” रोहन ने पूछा।
सिमरन ने मुड़कर देखा। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। “रोहन, तुम्हें पता है, मैं कितनी अकेली महसूस करती हूं जब तुम्हारे भैया नहीं होते?”
रोहन का दिल धड़कने लगा। “मैं हूं ना भाभीजी…”
“तुम हो… लेकिन तुम भी तो अपनी दुकान में ही रहते हो,” सिमरन ने कहा और अंदर चली गई।
रोहन उसे जाते हुए देखता रहा। उसकी नजर उसकी कमर पर टिकी थी जो साड़ी में ऐसे हिल रही थी जैसे कोई नाचता हुआ सांप।
शाम को अचानक बादल छा गए। आसमान काला हो गया। रोहन ने दुकान बंद की और ऊपर आया। सिमरन छत पर कपड़े इकट्ठा कर रही थी।
“भाभीजी, बारिश आने वाली है, जल्दी आ जाएं!” रोहन ने छत पर चढ़ते हुए कहा।
सिमरन ने मुड़कर देखा और कहा, “ये बरसाती कहां गया? मुझे नहीं मिल रहा…”
रोहन ने देखा कि सिमरन पूरी तरह भीग चुकी थी। उसकी साड़ी उसके शरीर से चिपक गई थी। ब्रा का रंग साफ दिख रहा था – गुलाबी। और नीचे… पेटीकोट भी पूरी तरह चिपका हुआ था।
रोहन का गला सूख गया। वो खड़ा रहा।
“क्या हुआ? देखो ना कहीं…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने एक कदम आगे बढ़ाया। उसका हाथ कांप रहा था। वो एक पुराना बरसाती खोजने लगा जो कहीं नहीं था।
अचानक एक जोर की बिजली चमकी और सिमरन डरकर चीखते हुए रोहन से लिपट गई।
रोहन का दिल रुक सा गया। सिमरन का पूरा बदन उससे चिपका हुआ था। गीली साड़ी, ठंडा शरीर, लेकिन अंदर से एक गर्माहट। सिमरन का सांस रोहन के गले पर महसूस हो रहा था।
“भाभीजी…” रोहन ने धीरे से कहा।
सिमरन ने मुड़कर देखा। उनकी आंखें मिलीं। दोनों एक-दूसरे को देखते रहे। बारिश शुरू हो गई, पहले हल्की, फिर तेज़।
“रोहन… मुझे ठंड लग रही है…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने अपनी बांहें उसके कंधों पर डालीं। उसका हाथ उसकी गीली त्वचा को छू रहा था। सिमरन ने आंखें बंद कर लीं।
“मैं तुम्हें अंदर ले चलता हूं…” रोहन ने कहा।
लेकिन सिमरन ने हाथ बढ़ाया और रोहन के चेहरे को पकड़ लिया। “रुको…”
पहला चुंबन और पछतावा
सिमरन ने रोहन के गाल पर हाथ फिराया। फिर उसके होंठों की ओर बढ़ी। रोहन सांस रोककर खड़ा था।
“तुम मुझे पसंद करते हो ना?” सिमरन ने पूछा।
रोहन ने हां में सिर हिलाया।
“कब से?”
“पहले दिन से… जब तुम शादी करके आई थीं…” रोहन ने कहा।
सिमरन मुस्कुराई। फिर अचानक उसने रोहन के होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
वो चुंबन धीमा था, हल्का था, लेकिन आग लगा देने वाला। रोहन ने पहले तो चौंककर आंखें खोलीं, फिर वो भी किस में डूब गया।
उनके होंठ एक-दूसरे से रगड़ रहे थे। सिमरन ने रोहन का निचला होंठ अपने दांतों से काटा। रोहन ने उसकी कमर पकड़ ली और अपने पास खींच लिया।
दोनों बारिश में एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। रोहन का हाथ सिमरन की पीठ पर घूम रहा था, फिर नीचे की ओर बढ़ा, उसके हिप्स पर रुका।
“नहीं…” सिमरन ने अचानक पीछे हटते हुए कहा।
“क्या हुआ भाभीजी?” रोहन ने पूछा।
“यह गलत है… मैं तुम्हारी भाभी हूं…” सिमरन ने कहा और अंदर भाग गई।
रोहन छत पर ही खड़ा रहा, बारिश में भीगता हुआ, उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हुआ।
ट्विस्ट – सिमरन की असली मंशा
रात को जब रोहन सोने गया तो उसे नींद नहीं आ रही थी। वो सोच रहा था कि सिमरन ने उसे किस क्यों किया और फिर भाग क्यों गई?
दूसरी तरफ, सिमरन अपने कमरे में बैठी मुस्कुरा रही थी। उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया।
“हलो… हां मीरा… वो लड़का फंस गया… हां, बिल्कुल वैसे ही जैसे मैंने सोचा था… वो अब मेरे पीछे पागल हो रहा होगा…” सिमरन ने फोन पर कहा।
हां, यह सिमरन की योजना का हिस्सा था। मीरा उसकी पुरानी दोस्त थी, और सिमरन ने ही उसे इस गांव में किराए पर रहने के लिए कहा था। दोनों ने मिलकर यह प्लान बनाया था – सिमरन रोहन को फंसाएगी और मीरा… मीरा भी इस खेल का हिस्सा थी, लेकिन अभी तक रोहन को इसका पता नहीं था।
सिमरन ने अगले दिन रोहन से बिल्कुल वैसे ही बर्ताव किया जैसे कुछ हुआ ही न हो। लेकिन रोहन बदल गया था। वो सिमरन को घूर-घूरकर देखता, उसके पास बहाने से जाता, उसके कपड़े छूने की कोशिश करता।
तीन दिन बाद फिर बारिश हुई। इस बार रोहन ने जानबूझकर छत पर जाने का बहाना बनाया। सिमरन वहां थी, बरसाती पहने हुए, लेकिन अंदर कुछ नहीं पहना था – यह रोहन को पता था क्योंकि वो झाँककर देख चुका था।
“भाभीजी…” रोहन ने पीछे से आवाज़ दी।
सिमरन मुड़ी। उसके चेहरे पर वही शातिर मुस्कान थी। “हां रोहन?”
“वो… उस दिन… मुझे माफ़ कर दें…” रोहन ने कहा।
“किस बात के लिए? मैंने तो कुछ याद नहीं रखा…” सिमरन ने कहा और रोहन के पास आई।
वो इतनी करीब आई कि उसके बूब्स रोहन की छाती से टकरा रहे थे। बरसाती के नीचे कुछ भी नहीं था, यह रोहन महसूस कर सकता था।
“तुम्हें कुछ याद है?” सिमरन ने पूछा, उसकी सांसें रोहन के चेहरे पर महसूस हो रही थीं।
“हां… वो किस…” रोहन ने कहा।
“तो फिर दोबारा करो…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने इस बार संकोच नहीं किया। उसने सिमरन को अपनी बाहों में भर लिया और जोर से किस करने लगा। उसका हाथ बरसाती के नीचे घुसा, सिमरन की नंगी कमर को छूने लगा।
“आह्ह्ह… रोहन…” सिमरन ने कराहते हुए कहा।
रोहन ने उसे छत पर ही फर्श पर लिटा दिया। बारिश की फुहारें उन पर पड़ रही थीं। रोहन ने सिमरन का बरसाती खोला और उसके सामने एक नंगा, गोरा, बेहद खूबसूरत बदन था।
सिमरन के बूब्स पानी की बूंदों से भीगे हुए थे, निप्पल कड़े होकर खड़े थे। रोहन ने एक निप्पल मुँह में ले लिया और चूसने लगा।
“ओह्ह्ह… हां… और ज़ोर से…” सिमरन ने अपने हाथ रोहन के सिर पर रखे।
रोहन दूसरे बूब्स को भी चूस रहा था, काट रहा था। उसका हाथ नीचे बढ़ा, सिमरन की चूत पर पहुँचा। वो गीली थी, नहीं बारिश से, बल्कि अपने रस से।
“तुम बहुत गीली हो भाभीजी…” रोहन ने कहा।
“तुम्हारे लिए हूं…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। सिमरन की सांसें तेज़ हो गईं।
“अंदर डालो… जल्दी…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने अपनी पैंट खोली और अपना लंड बाहर निकाला। वो 7 इंच लंबा, मोटा, और कड़क खड़ा था। सिमरन ने उसे देखा और मुस्कुराई। “बड़ा है तुम्हारा…”
रोहन ने उसकी टांगें फैलाईं और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा। एक जोरदार धक्का दिया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
“आह्ह्ह… माँ… बहुत बड़ा है…” सिमरन चीखी।
रोहन ने उसके मुँह पर हाथ रखा और धक्के लगाने शुरू कर दिए। बारिश की आवाज़ में उनकी आवाज़ें दब रही थीं।
“तुम्हारी चूत बहुत टाइट है भाभीजी…” रोहन ने धक्के लगाते हुए कहा।
“और तुम्हारा लंड बहुत मोटा है देवरजी…” सिमरन ने कमर उठाकर उसका साथ दिया।
वो दोनों छत पर एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। रोहन सिमरन के बूब्स मसल रहा था और उसकी चूत में अपना लंड पेल रहा था। सिमरन के पैर रोहन की कमर के चारों ओर लिपटे हुए थे।
“ज़ोर से… और ज़ोर से…” सिमरन चिल्ला रही थी।
रोहन ने स्पीड बढ़ा दी। उसका लंड सिमरन की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, आवाज़ें आ रही थीं – फच… फच… फच…
“मैं आने वाला हूँ भाभीजी…” रोहन ने कहा।
“अंदर ही छोड़ दो… आज सेफ दिन है…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने जोर से एक धक्का मारा और अपना सारा माल सिमरन की चूत में छोड़ दिया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत को भर गया। रोहन सिमरन के ऊपर गिर पड़ा।
लेकिन यहाँ एक और ट्विस्ट था। छत के दरवाज़े के पीछे कोई खड़ा था… मीरा। वो ये सब देख रही थी और मुस्कुरा रही थी। यह सिमरन की योजना का हिस्सा था – मीरा को यह सब दिखाना ताकि वो भी इस खेल में शामिल हो सके।
पड़ोसन की एंट्री और पहला झटका
मीरा का आगमन
अगले ही हफ्ते पड़ोस के खाली मकान में मीरा आ गई। वो अपना सामान लेकर आई तो सिमरन ने बहाने से रोहन को बुलाया।
“रोहन, देखो ना पड़ोस में नई लड़की आई है, उसे मदद की ज़रूरत होगी…”
रोहन गया और जब उसने मीरा को देखा तो उसकी आंखें खुली रह गईं। मीरा ने जींस और टैंक टॉप पहना था, उसके हाथ पर टैटू दिख रहे थे, और वो इतनी बोल्ड थी कि रोहन शर्मा गया।
“हाय, मैं मीरा… तुम्हारा नाम?” मीरा ने हाथ बढ़ाया।
“रोहन…” उसने हाथ मिलाया।
मीरा ने जानबूझकर अपने हाथ को थोड़ी देर रोहन के हाथ में रखा और उसकी आंखों में देखकर मुस्कुराई। रोहन घबरा गया।
सिमरन ये सब ऊपर से खिड़की से देख रही थी और मुस्कुरा रही थी। उसकी योजना काम कर रही थी।
त्रिकोणीय दोस्ती
धीरे-धीरे मीरा, सिमरन और रोहन में दोस्ती हो गई। मीरा अक्सर सिमरन के घर आती, कभी कॉफी के बहाने, कभी गपशप के बहाने। रोहन भी वहां मौजूद रहता।
एक दिन मीरा ने शराब की बोतल निकाली। “आज हम तीनों पीएंगे…”
“यहां? गांव में?” रोहन ने घबराते हुए कहा।
“कौन देखेगा? तुम्हारे भैया तो हैं नहीं…” मीरा ने कहा।
सिमरन ने हामी भरी। तीनों ने शराब पी। धीरे-धीरे नशा चढ़ा। मीरा ने अपनी टी-शर्ट उतार दी, अंदर ब्रा थी।
“गर्मी लग रही है…” मीरा ने कहा।
रोहन की आंखें मीरा के बूब्स पर टिकी थीं। सिमरन ने नोटिस किया और मुस्कुराई।
“रोहन, तुम मीरा को देख रहे हो?” सिमरन ने पूछा।
“नहीं… वो…” रोहन घबराया।
“कोई बात नहीं, देखो… वो खूबसूरत है…” सिमरन ने कहा और मीरा के पास जाकर उसके बालों को सहलाया।
मीरा ने सिमरन का हाथ पकड़ा और उसे अपने पास खींच लिया। दोनों एक-दूसरे को देख रही थीं।
“तुम दोनों…” रोहन हैरान था।
“क्या हुआ? तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा?” मीरा ने पूछा।
उसी पल मीरा ने सिमरन के होंठों पर किस कर दिया। रोहन का दिमाग घूम गया। उसकी भाभी और पड़ोसन एक-दूसरे को किस कर रही थीं।
सिमरन ने मीरा को किस करते हुए रोहन की ओर देखा और आंख मारी। यह सब प्लान था, लेकिन रोहन को यह नहीं पता था।
रोहन का संदेह
कुछ दिनों बाद रोहन को शक हुआ। वो सिमरन के फोन में एक मैसेज देखकर हैरान रह गया – मीरा का मैसेज था: “कल रात मज़ा आया, रोहन को फंसाने में। अब अगला स्टेप?”
रोहन का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। “यह क्या मतलब हुआ? कल रात तो मीरा यहां नहीं थी…”
उसने सिमरन के और मैसेजेज चेक किए। वहां पता चला कि सिमरन और मीरा पहले से ही एक-दूसरे को जानती थीं, और यह सब एक योजना थी।
रोहन गुस्से में मीरा के घर गया। मीरा घर पर थी।
“तुम दोनों ने मुझे फंसाया है?” रोहन ने गुस्से में पूछा।
मीरा मुस्कुराई। “अरे वाह, पता चल गया?”
“क्यों? क्यों किया यह सब?” रोहन ने पूछा।
“क्योंकि सिमरन ने कहा था… उसे एक ऐसा रिश्ता चाहिए था जो उसे पूरा कर सके… और वो तुम्हें पसंद करती थी, लेकिन तुम शर्माते थे… इसलिए उसने यह नाटक रचा…” मीरा ने समझाया।
“तुम्हारा और उसका?” रोहन ने पूछा।
“हम दोनों पुरानी दोस्त हैं… और हां, हमारा भी एक रिश्ता है…” मीरा ने कहा।
रोहन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
भाभीजी का शातिर जाल : सच्चाई का खुलासा और नया मोड़
तीनों का आमना-सामना
रोहन मीरा को सिमरन के घर ले आया। सिमरन घर पर थी, कुर्सी पर बैठी कॉफी पी रही थी।
“तो पता चल ही गया?” सिमरन ने मुस्कुराते हुए पूछा।
“क्यों किया यह सब?” रोहन ने पूछा।
“क्योंकि मैं एक अकेली औरत हूं रोहन… मुझे प्यार चाहिए, बहुत सारा प्यार… और मुझे पता था कि तुम मुझे पसंद करते हो, लेकिन तुम कभी आगे नहीं बढ़ते… इसलिए मुझे यह नाटक रचना पड़ा…” सिमरन ने कहा।
“लेकिन मीरा?” रोहन ने पूछा।
“मीरा मेरी दोस्त है… और हां, हम दोनों के बीच भी कुछ है… लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं तुमसे प्यार नहीं करती…” सिमरन ने कहा।
“तुम दोनों मुझे धोखा दे रही थीं…” रोहन ने कहा।
“नहीं रोहन… हम तुम्हें एक तोहफा दे रही थीं… खुद को…” मीरा ने पीछे से आकर कहा।
मीरा ने रोहन के कंधों पर हाथ रखा। “क्या तुम दोनों को एक साथ नहीं चाहते?”
रोहन चुप था। उसका दिमाग घूम रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उसे समझ आया कि यह एक मौका है जो शायद कभी ना मिले।
पहला त्रिकोणीय संगम
सिमरन ने उठकर रोहन के पास आई। उसने उसके होंठों पर किस किया। फिर मीरा भी आई और रोहन के गाल पर किस किया।
“आज रात हम तीनों एक होंगे…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने हामी भरी।
सिमरन ने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। उसने अपनी साड़ी खोली, फिर ब्लाउज, फिर ब्रा। उसके गोल-गोल बूब्स आज़ाद हो गए। फिर उसने अपनी पेटीकोट उतारी। अब वो पूरी तरह नंगी थी।
मीरा ने भी अपने कपड़े उतारे। उसका बदन अलग था – टैटू वाली बाहें, छोटे बूब्स लेकिन कड़क निप्पल, पतली कमर।
रोहन ने भी अपने कपड़े उतारे। उसका लंड पूरी तरह खड़ा था।
तीनों बेडरूम में गए। सिमरन ने बेड पर लेटकर रोहन को इशारा किया। रोहन उसके ऊपर आ गया और उसके बूब्स चूसने लगा।
मीरा पीछे से आई और रोहन की गांड सहलाने लगी। फिर वो नीचे बैठी और रोहन के लंड को पकड़कर चूसने लगी।
“आह्ह्ह… यह…” रोहन कराह उठा।
सिमरन के बूब्स चूसते हुए रोहन को मीरा का लंड चूसना महसूस हो रहा था। मीरा उसके लंड को गले तक ले जा रही थी।
फिर मीरा ने रोहन को पीछे खींचा और खुद सिमरन की चूत पर मुँह लगा दिया। वो सिमरन की चूत चाटने लगी।
“ओह्ह्ह… मीरा… वहीं…” सिमरन कराही।
रोहन ने मीरा की चूत पीछे से देखी। वो रसीली थी। उसने अपना लंड मीरा की चूत में डाल दिया।
“आह्ह्ह… रोहन…” मीरा चीखी।
अब तीनों एक चेन में थे – रोहन मीरा को चोद रहा था, मीरा सिमरन की चूत चाट रही थी, और सिमरन मीरा के बालों को सहला रही थी।
यह एक नया अनुभव था। रोहन ने कभी सोचा नहीं था कि वो एक साथ दो औरतों के साथ होगा।
रात भर का खेल
वो रात खत्म नहीं हो रही थी। तीनों ने अलग-अलग पोजीशन में सेक्स किया।
कभी रोहन सिमरन को मिशनरी में चोदता और मीरा उसके बूब्स चूसती। कभी मीरा सिमरन को डॉगी स्टाइल में चोदती (स्ट्रैप-ऑन से) और रोहन उसके मुँह में अपना लंड डालता।
एक वक्त में रोहन ने सिमरन को बेड के किनारे बिठाया और उसकी टांगें फैलाकर उसकी चूत चाटी। मीरा पीछे से आई और रोहन की गांड चाटने लगी।
“ओह्ह्ह… मीरा… वहां भी…” रोहन कराहा।
मीरा ने अपनी जीभ रोहन की गांड में डाल दी और उसे चाटने लगी। रोहन सिमरन की चूत चाट रहा था और मीरा उसकी गांड चाट रही थी।
फिर मीरा ने एक डबल डिल्डो निकाला। उसने एक सिरा सिमरन की चूत में डाला और दूसरा अपनी चूत में। दोनों एक-दूसरे के सामने बैठीं और डिल्डो पर उछलने लगीं।
रोहन ने देखा कि दोनों औरतें एक डिल्डो साझा कर रही हैं। उसने अपना लंड निकाला और दोनों के बीच में खड़ा होकर उन्हें चूसने लगा। दोनों ने बारी-बारी से उसका लंड चूसा।
रात के 3 बजे तक वो थककर सो गए, एक-दूसरे से लिपटे हुए।
जलन का खेल और नए रिश्ते
बदलते रिश्ते
अगले कुछ हफ्तों में तीनों का रिश्ता और गहरा हो गया। लेकिन एक नई समस्या आई – जलन।
रोहन को लगने लगा कि सिमरन मीरा को उससे ज़्यादा पसंद करती है। और मीरा को लगता कि रोहन सिमरन के प्रति ज़्यादा पजेसिव है।
एक दिन रोहन ने सिमरन को मीरा के साथ अकेले देखा। वो दोनों बालकनी में खड़ी थीं और मीरा सिमरन के गाल पर किस कर रही थी।
रोहन को गुस्सा आया। वो अंदर आया और बोला, “मुझे लगता है मैं यहां अतिरिक्त हूं…”
“क्यों?” सिमरन ने पूछा।
“तुम दोनों तो खुश हो एक-दूसरे के साथ… मेरी क्या ज़रूरत?” रोहन ने कहा।
मीरा मुस्कुराई। “अरे, जलन हो रही है?”
“हां, हो रही है…” रोहन ने कहा।
सिमरन ने रोहन को पकड़ा और कहा, “यही तो मैं चाहती थी… थोड़ी जलन, थोड़ा पजेसिवनेस… इससे प्यार और गहरा होता है…”
जलन को प्यार में बदलना
सिमरन ने एक प्लान बनाया। उसने रोहन और मीरा को अकेले छोड़ दिया।
रोहन और मीरा एक-दूसरे को अजीब से देख रहे थे। फिर मीरा ने कहा, “आओ, हम सिमरन को जलन दिलाते हैं…”
रोहन समझा नहीं। मीरा ने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपने कमरे में ले गई। उसने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया ताकि सिमरन देख सके।
मीरा ने रोहन के कपड़े उतारे और उसके लंड पर मुँह लगा दिया। वो ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी।
सिमरन बाहर से देख रही थी और उसे भी जलन हो रही थी। वो अंदर आई और बोली, “मुझे भी शामिल करो…”
मीरा ने मुड़कर देखा और मुस्कुराई। “आओ…”
अब तीनों फिर से एक साथ थे। लेकिन इस बार जलन थी, और जलन में एक अलग मज़ा था।
रोहन ने सिमरन को बेड पर लिटाया और उसे चोदना शुरू किया। मीरा पीछे से रोहन की गांड में उंगली कर रही थी।
“तुम सिर्फ मेरी हो…” रोहन ने सिमरन को चोदते हुए कहा।
“नहीं, मैं दोनों की हूं…” सिमरन ने कहा।
यह जलन का खेल उन्हें और उत्तेजित कर रहा था। वो समझ गए थे कि थोड़ी जलन रिश्ते को मज़ेदार बनाती है।
होटल की रात
एक हफ्ते बाद तीनों ने शहर के एक लग्ज़री होटल में एक रात बिताने का फैसला किया। वो एक सूट बुक करके गए।
उस रात उन्होंने बहुत सारी शराब पी। सिमरन ने एक सेक्सी नेगलीजी पहना था, मीरा ने लिंगरी।
रोहन ने उन्हें देखा और कहा, “तुम दोनों बहुत खूबसूरत हो…”
तीनों ने बालकनी में खड़े होकर शहर का नज़ारा देखा। सिमरन ने बालकनी की रेलिंग पर हाथ रखे और अपनी गांड रोहन की तरफ उठा दी।
“यहां करो…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने उसकी गांड सहलाई और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया। मीरा सामने खड़ी थी और सिमरन के बूब्स चूस रही थी।
तीनों बालकनी में ही एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। ठंडी हवा में उनके गरम बदन एक-दूसरे से टकरा रहे थे।
“कोई देख लेगा तो?” सिमरन ने पूछा।
“देखने दो…” रोहन ने कहा और धक्के तेज़ कर दिए।
फिर वो अंदर आए और बाथटब में भरपूर सेक्स किया। पानी में तीनों नंगे थे, एक-दूसरे को चूम रहे थे, सहला रहे थे।
रोहन ने सिमरन को बाथटब के किनारे बिठाया और उसकी टांगें फैलाकर उसकी चूत चाटी। मीरा पीछे से रोहन का लंड पकड़कर उसे सहला रही थी।
फिर रोहन ने मीरा को बाथटब में लिटाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। सिमरन मीरा के बूब्स चूस रही थी।
पानी में तीनों के बदन एक-दूसरे से रगड़ रहे थे, आवाज़ें गूंज रही थीं।
रोल प्ले और नए प्रयोग
भाग 1: टीचर और स्टूडेंट
एक दिन सिमरन ने कहा, “आज हम रोल प्ले करेंगे।”
उसने एक टीचर का कॉस्ट्यूम पहना – सफेद शर्ट जिसके ऊपर के दो बटन खुले थे, काली स्कर्ट जो घुटनों से ऊपर थी, चश्मा, और बालों में एक जूड़ा।
“रोहन, तुमने होमवर्क क्यों नहीं किया?” सिमरन ने सख्त आवाज़ में पूछा।
रोहन ने अभिनय किया, “सॉरी मैम… मैं भूल गया…”
“सॉरी से काम नहीं चलेगा। तुम्हें पनिशमेंट मिलेगी,” सिमरन ने कहा।
मीरा भी वहां बैठी थी, एक और स्टूडेंट के रोल में।
सिमरन ने रोहन को कुर्सी पर बिठाया और उसके सामने घुटनों के बल बैठकर उसका लंड बाहर निकाला।
“यह है तुम्हारी पनिशमेंट,” सिमरन ने कहा और लंड मुँह में ले लिया।
वो उसे चूसने लगी, जीभ से सुपाड़े को चाट रही थी, फिर पूरा लंड गले तक ले जा रही थी। रोहन कराह रहा था।
मीरा भी आई और बोली, “मैम, मुझे भी पनिशमेंट दीजिए…”
सिमरन ने मीरा की स्कर्ट उठाई और उसकी चूट पर हाथ मारा। “तुमने भी होमवर्क नहीं किया?”
“नहीं मैम…” मीरा ने कहा।
सिमरन ने मीरा को बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगी। रोहन ने सिमरन की स्कर्ट उठाई और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया।
तीनों टीचर-स्टूडेंट के रोल में एक-दूसरे को चोद रहे थे। सिमरन मीरा की चूत चाट रही थी, रोहन सिमरन की चूत चोद रहा था।
डॉक्टर और मरीज़
अगले दिन मीरा ने डॉक्टर का रोल लिया। उसने व्हाइट कोट पहना, स्टेथोस्कोप लटकाया, और नीचे कुछ नहीं पहना था।
“मिस सिमरन, आपकी जांच करनी है,” मीरा ने कहा।
सिमरन ने मरीज़ के कपड़े पहने – एक हल्का गाउन जो पीछे से खुला था।
मीरा ने उसे बेड पर लिटाया और उसके बूब्स चेक किए। “यहां दर्द है?”
“हां… थोड़ा…” सिमरन ने कहा।
मीरा ने उसके निप्पलों को दबाया और चूसने लगी। “यहां?”
“आह्ह्ह… हां…”
फिर मीरा नीचे गई। उसने सिमरन की चूत चेक की। “यहां तो बहुत गीला है…”
“बुखार है शायद…” सिमरन ने कहा।
मीरा ने अपनी उंगली अंदर डाली। “मुझे लगता है अंदर जांच करनी होगी…”
रोहन भी डॉक्टर के असिस्टेंट के रोल में था। उसने मीरा की मदद की। मीरा ने सिमरन की चूत में डिल्डो डाला और रोहन ने सिमरन के मुँह में अपना लंड डाल दिया।
“आह्ह्ह… मुँह में भी दर्द है…” सिमरन ने अभिनय किया।
रोहन ने अपना लंड और अंदर धकेल दिया। मीरा डिल्डो से सिमरन की चूत चोद रही थी।
पुलिस और अपराधी
एक और दिन रोहन ने पुलिस वाले का रोल लिया। उसने एक खाली बेल्ट पहनी (बंदूक के लिए), और कैप लगाई।
“तुम दोनों अपराधी हो… मैंने तुम्हें चोरी करते देखा है…” रोहन ने कहा।
“हमने कुछ नहीं किया…” सिमरन और मीरा ने कहा।
“चुप! अब तुम्हें तलाशी लेनी होगी…” रोहन ने कहा।
उसने पहले सिमरन को दीवार से सटाया और उसके कपड़े उतारे। उसने उसके बूब्स दबाए, “यहां क्या छिपाया है?”
“कुछ नहीं…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने उसकी चूत में उंगली की। “यहां तो कुछ है…”
मीरा भी खड़ी थी। रोहन ने उसे भी दीवार से सटाया और उसकी चूत में उंगली की।
“तुम दोनों ने कुछ तो छिपाया है… अब तुम्हें सज़ा मिलेगी…” रोहन ने कहा।
उसने दोनों को बेड पर लिटाया और एक-एक करके दोनों को चोदा। पहले सिमरन को, फिर मीरा को। दोनों कराह रही थीं।
“माफ़ कर दो ऑफिसर…” दोनों ने कहा।
“नहीं, अब तो तुम दोनों मेरी कैदी हो…” रोहन ने कहा और चोदना जारी रखा।
डबल पेनेट्रेशन और नए आयाम
एक दिन रोहन और मीरा ने सिमरन के लिए एक सरप्राइज़ प्लान बनाया।
“आज हम तुम्हें डबल पेनेट्रेशन देंगे,” रोहन ने कहा।
“क्या?” सिमरन ने पूछा।
“तुम्हारी चूत में मैं लंड डालूंगा और तुम्हारी गांड में मीरा डिल्डो डालेगी,” रोहन ने समझाया।
सिमरन उत्तेजित हो गई। उसने अपने कपड़े उतारे और बेड पर कुत्ते की पोजीशन में आ गई।
“पहले तैयारी करनी होगी…” मीरा ने कहा।
मीरा ने एक ल्यूब निकाला और सिमरन की गांड पर लगाया। उसने अपनी उंगली से अंदर बाहर करना शुरू किया।
“आह्ह्ह… धीरे…” सिमरन ने कहा।
मीरा ने एक-एक करके तीन उंगलियां अंदर डाल दीं। सिमरन की गांड खुलने लगी।
फिर मीरा ने अपना स्ट्रैप-ऑन पहना। वो 8 इंच का काला डिल्डो था।
रोहन ने सिमरन की चूत में अपना लंड डाला और धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।
“अब…” रोहन ने कहा।
मीरा ने अपने डिल्डो का सुपाड़ा सिमरन की गांड पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।
“आह्ह्ह… बहुत मोटा है… दोनों तरफ से…” सिमरन चीखी।
“रिलैक्स…” मीरा ने कहा और थोड़ा और अंदर किया।
अब सिमरन की दोनों छेदों में एक साथ घुस रहा था। आगे रोहन का लंड, पीछे मीरा का डिल्डो।
“कैसा लग रहा है?” रोहन ने पूछा।
“बहुत मज़ा आ रहा है… और ज़ोर से…” सिमरन ने कहा।
दोनों ने स्पीड बढ़ा दी। रोहन आगे से धक्के लगा रहा था और मीरा पीछे से। सिमरन बीच में कसकर पकड़ी हुई थी।
“आह्ह्ह… माँ… बहुत गहरा जा रहा है…” सिमरन चिल्ला रही थी।
मीरा ने सिमरन के बाल पकड़े और उसका सिर पीछे खींचा। “मज़ा आ रहा है ना?”
“हां… बहुत…” सिमरन ने कहा।
दोनों ने एक साथ धक्के दिए। सिमरन भाभीजी की चूत और गांड चुदाई एक साथ भर रही थीं। वो पागल हो गई।
“मैं आने वाली हूं… बहुत तेज़ी से…” सिमरन चिल्लाई।
“रुको… हम भी आ रहे हैं…” रोहन ने कहा।
तीनों ने एक साथ झड़ने का फैसला किया। रोहन ने अपना माल सिमरन की चूत में छोड़ा, मीरा ने अपना डिल्डो अंदर ही रखा, और सिमरन ने अपना सारा रस बाहर निकाल दिया।
अगले दिन सिमरन ने कहा, “अब मैं तुम दोनों को डबल दूंगी…”
उसने एक डबल एंडेड डिल्डो निकाला। वो दोनों तरफ लंड जैसा था।
“रोहन, तुम एक सिरा अपनी गांड में डालो, और मीरा, तुम दूसरा…” सिमरन ने कहा।
दोनों ने मान लिया। वो एक-दूसरे के सामने खड़े हो गए, बीच में डिल्डो जो दोनों की गांड में घुसा हुआ था।
सिमरन ने दोनों को चूमना शुरू किया। वो रोहन के लंड चूस रही थी और मीरा की चूत चाट रही थी।
दोनों एक-दूसरे की गांड में डिल्डो महसूस कर रहे थे और सिमरन उन्हें चूम रही थी।
“आओ, एक-दूसरे को किस करो…” सिमरन ने कहा।
रोहन और मीरा ने एक-दूसरे को किस किया। यह पहली बार था जब वो एक-दूसरे को किस कर रहे थे।
सिमरन नीचे बैठी और दोनों की चूत और लंड एक साथ चूसने लगी।
बाहर का खेल और जोखिम
पार्क में रात
एक रात तीनों ने फैसला किया कि वो बाहर जाएंगे। वो एक पार्क में गए जो रात को सुनसान होता था।
“यहां कोई देख लेगा तो?” मीरा ने पूछा।
“इसी में तो मज़ा है…” सिमरन ने कहा।
उन्होंने एक झाड़ियों के पीछे जगह ढूंढी। रोहन ने सिमरन को एक पेड़ से सटाया और उसकी साड़ी उठा दी।
“जल्दी करो…” सिमरन ने कहा।
रोहन ने उसकी चूत में लंड डाल दिया। मीरा पास खड़ी होकर देख रही थी और अपनी चूत सहला रही थी।
“मुझे भी चाहिए…” मीरा ने कहा।
रोहन ने एक बार सिमरन को चोदा और फिर मीरा को पेड़ से सटाया और उसे चोदने लगा।
सिमरन देख रही थी और उत्तेजित हो रही थी।
अचानक उन्हें कुत्तों के भौंकने की आवाज़ सुनाई दी। कोई आ रहा था।
तीनों कपड़े ठीक करके भागे। वो हंसते हुए गाड़ी में बैठे।
“कितना मज़ा आया…” मीरा ने कहा।
सिनेमा हॉल में
एक और दिन उन्होंने एक लेट नाइट मूवी का प्लान बनाया। थिएटर में लोग कम थे, और वो पीछे की सीट पर बैठे।
सिमरन बीच में थी। मीरा ने उसकी साड़ी के नीचे हाथ डाल दिया और उसकी चूत सहलाने लगी।
“क्या कर रही हो… कोई देख लेगा…” सिमरन ने धीरे से कहा।
“कोई नहीं देख रहा…” मीरा ने कहा।
रोहन ने दूसरी तरफ से सिमरन के बूब्स दबाने शुरू कर दिए। दोनों तरफ से सिमरन को छुआ जा रहा था।
मीरा ने अपनी उंगली सिमरन की चूत में डाल दी। सिमरन ने अपना मुँह हाथ से ढक लिया।
“चलो, बाथरूम चलते हैं…” रोहन ने कहा।
तीनों बाथरूम में गए। वहां उन्होंने जल्दी से सेक्स किया। रोहन ने एक-एक करके दोनों को चोदा।
पब्लिक बस में
सबसे जोखिम भरा दिन था जब वो एक बस में यात्रा कर रहे थे। भीड़ थी, और वो तीनों खड़े थे।
सिमरन रोहन के सामने खड़ी थी, और मीरा रोहन के पीछे।
भीड़ में रोहन का लंड सिमरन की गांड से टकरा रहा था। मीरा ने पीछे से अपना हाथ रोहन की पैंट में डाल दिया और उसके लंड को पकड़ लिया।
“क्या कर रही हो…” रोहन ने धीरे से कहा।
“शांत रहो…” मीरा ने कहा।
वो उसे भीड़ में ही हिला रही थी। सिमरन भी पीछे दब रही थी ताकि रोहन का लंड उसकी गांड में घुस जाए।
कपड़ों के ऊपर से ही रोहन का लंड सिमरन की गांड की दरार में फंस गया था। मीरा पीछे से उसे धक्के दे रही थी।
एक स्टॉप पर जब लोग उतरे तो तीनों ने एक सांस ली।
“यह तो बहुत खतरनाक था…” रोहन ने कहा।
“लेकिन मज़ा आया…” सिमरन ने मुस्कुराते हुए कहा।
भैया का आगमन और खतरा
अप्रत्याशित आगमन
एक दिन अचानक रमेश (सिमरन के पति) का फोन आया। “मैं कल आ रहा हूं…”
सिमरन घबरा गई। रोहन और मीरा भी चिंतित थे।
“अब क्या करें?” रोहन ने पूछा।
“शांत रहो… मैं संभाल लूंगी…” सिमरन ने कहा।
रमेश आया। वो एक साधारण दिखने वाला आदमी था, लेकिन आंखों में चालाकी थी।
उसने नोटिस किया कि रोहन और सिमरन के बीच कुछ अलग है। और मीरा भी अक्सर आती-जाती थी।
एक रात रमेश ने सिमरन से पूछा, “क्या चल रहा है तुम्हारे और रोहन के बीच?”
सिमरन घबराई। “क्या मतलब?”
“मुझे पता है… मैं अंधा नहीं हूं…” रमेश ने कहा।
सिमरन रोने लगी। “मुझे माफ़ कर दो… मैं अकेली थी…”
रमेश चुप रहा। फिर उसने कहा, “मैं तुम्हें खुश नहीं कर पाता… मुझे पता है… इसलिए मैं चुप था… लेकिन अब मीरा भी इसमें शामिल है?”
सिमरन ने हां में सिर हिलाया।
अप्रत्याशित स्वीकृति
रमेश ने सोचा। फिर उसने कहा, “मैं एक शर्त पर चुप रहूंगा…”
“क्या?” सिमरन ने पूछा।
“मुझे भी शामिल होना है…” रमेश ने कहा।
सिमरन हैरान रह गई। “क्या?”
“हां, मैं भी इस खेल का हिस्सा बनना चाहता हूं… मैंने हमेशा से सोचा था कि मैं तुम्हें किसी और के साथ देखना चाहता हूं… यह मेरी फैंटसी है…” रमेश ने कहा।
सिमरन ने रोहन और मीरा से बात की। शुरू में वो हैरान थे, लेकिन फिर मान गए।
चार लोगों का खेल
पहली रात रमेश ने सिमरन को चोदा जबकि रोहन और मीरा देख रहे थे।
“तुम दोनों भी आओ…” रमेश ने कहा।
रोहन ने मीरा को चोदना शुरू किया जबकि रमेश सिमरन को चोद रहा था। चार लोग एक कमरे में थे।
फिर रमेश ने कहा, “मैं देखना चाहता हूं कि रोहन तुम्हें कैसे चोदता है…”
रोहन ने सिमरन को लिटाया और उसे चोदना शुरू किया। रमेश पास बैठकर देख रहा था और अपना लंड हिला रहा था।
मीरा रमेश के पास आई और उसका लंड चूसने लगी।
यह एक अजीब स्थिति थी – पति अपनी पत्नी को देवर से चुदवा रहा था और पड़ोसन उसका लंड चूस रही थी।
लेकिन सब खुश थे। रमेश को यह फैंटसी पूरी करने में मज़ा आ रहा था।
समूह संबंधों की स्थापना
नए नियम
रमेश के शामिल होने के बाद नए नियम बने। हफ्ते में दो दिन रमेश सिमरन के साथ रहता, दो दिन रोहन, और दो दिन मीरा। एक दिन सब एक साथ।
रमेश को यह अरेंजमेंट पसंद आया। वो अक्सर दूर से देखता कि उसकी पत्नी कैसे दूसरों के साथ मज़े कर रही है।
एक दिन रमेश ने कहा, “मैं एक और शर्त रखना चाहता हूं…”
“क्या?” सिमरन ने पूछा।
“मैं चाहता हूं कि कभी-कभी मीरा और रोहन भी मेरे साथ हों…” रमेश ने कहा।
मीरा और रोहन ने एक-दूसरे को देखा। फिर मान गए।
भाग 2: रमेश और मीरा
पहली बार रमेश ने मीरा को चोदा। सिमरन और रोहन देख रहे थे।
मीरा बहुत एक्साइटेड थी। उसने कहा, “मुझे मैरिड मेन पसंद हैं…”
रमेश ने उसे जोर-जोर से चोदा। मीरा चीख रही थी।
सिमरन देखते हुए उत्तेजित हो गई। उसने रोहन का लंड पकड़ लिया और चूसने लगी।
चारों ने एक साथ सेक्स किया। रमेश मीरा को चोद रहा था, रोहन सिमरन को, और दोनों औरतें एक-दूसरे को किस कर रही थीं।
रमेश और रोहन
एक और ट्विस्ट तब आया जब रमेश ने कहा, “मैं यह भी देखना चाहता हूं कि रोहन और मीरा कैसे करते हैं…”
रोहन ने मीरा को चोदा जबकि रमेश और सिमरन देख रहे थे।
फिर रमेश ने एक और चौंकाने वाली बात कही, “मैं यह भी देखना चाहता हूं कि रोहन मुझे चोदे…”
सब चौंक गए। लेकिन रोहन ने मान लिया। उसने रमेश की गांड मारी जबकि मीरा और सिमरन देख रही थीं।
यह एक अजीब लेकिन मज़ेदार स्थिति थी – देवर भैया की गांड मार रहा था और दोनों औरतें देख रही थीं।
अंतिम संगम और भविष्य
पांच लोगों का समूह
कहानी में एक और मोड़ तब आया जब मीरा ने अपनी दोस्त प्रिया को लाया। प्रिया एक और टैटू आर्टिस्ट थी।
अब पांच लोग थे – रमेश, सिमरन, रोहन, मीरा, और प्रिया।
उन्होंने एक वीकेंड पर एक फार्महाउस बुक किया। वहां उन्होंने दो दिन लगातार सेक्स किया।
हर कॉम्बिनेशन में – रमेश सिमरन के साथ, रमेश मीरा के साथ, रमेश प्रिया के साथ, रोहन सभी के साथ, मीरा और प्रिया एक-दूसरे के साथ।
एक रात उन्होंने एक गेम खेला। सबने अपने कपड़े उतारे और एक बड़े बेड पर लेट गए। एक-एक करके सबने सबके साथ सेक्स किया।
सिमरन का सपना पूरा
सिमरन का सपना पूरा हो गया था। वो अब अकेली नहीं थी। उसके पास चार लोग थे जो उससे प्यार करते थे।
एक रात उसने सबके सामने कहा, “मैं यह कहना चाहती हूं कि मैं सबसे प्यार करती हूं…”
सबने पूछा, “किससे ज़्यादा?”
“सबसे… हर एक से अलग तरीके से…” सिमरन ने कहा।
रमेश से उसे सुरक्षा मिलती थी, रोहन से जवानी का प्यार, मीरा से एक औरत की समझ, और प्रिया से नई उत्तेजना।
भविष्य की योजना
उन्होंने फैसला किया कि वो एक साथ रहेंगे। रमेश ने एक बड़ा घर खरीदा जहां सब अलग-अलग कमरों में रहेंगे लेकिन रात में एक साथ आ सकेंगे।
सिमरन अब गांव की सबसे खुश औरत थी। सब जानते थे कि उसके कई रिश्ते हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता था क्योंकि सब खुश थे।
रोहन ने अपनी दुकान बंद कर दी और घर पर ही रहने लगा। मीरा और प्रिया ने घर पर ही टैटू का काम शुरू कर दिया।
रमेश महीने में एक हफ्ते घर पर रहता और बाकी दिन ऑफिस से काम करता।
अंतिम रात
कहानी का अंत एक रात के साथ होता है जब सब एक साथ थे।
सिमरन बीच में लेटी थी। रमेश उसके एक तरफ, रोहन दूसरी तरफ, मीरा उसके पैरों के पास, और प्रिया उसके सिर के पास।
सबने एक-एक करके सिमरन को चोदा। फिर सबने एक-दूसरे को चोदा। यह एक प्यार का महासंगम था जो सुबह तक चला।
सुबह जब सूरज निकला तो सिमरन बालकनी में खड़ी थी, चारों उसके पीछे थे।
“मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी ज़िंदगी ऐसी होगी…” सिमरन ने कहा।
“कैसी?” रमेश ने पूछा।
“पूरी… बिना किसी कमी के…” सिमरन ने मुस्कुराते हुए कहा।
रोहन ने उसे पीछे से पकड़ा, मीरा ने आगे से, प्रिया ने किस किया, और रमेश ने उसके बालों को सहलाया।
यह था उनका खतरनाक पैक्ट – कोई किसी से कुछ नहीं छुपाता, सब कुछ खुला है, और प्यार, सेक्स, और रोमांस का ये खेल बिना किसी रोक-टोक के चलता रहता है।
New Sex story :- ऑफिस में भाभीजी और वो शाम
Comment