छत पर मिली पड़ोसन की चूत
रोहन एक 28 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर था जो मुंबई के गोरेगांव में एक छोटे से फ्लैट में रहता था। उसकी जिंदगी बिल्कुल रूटीन थी – सुबह 9 बजे ऑफिस, रात 8 बजे घर वापसी, फिर नेटफ्लिक्स या कोई किताब पढ़कर सोने चला जाना। लेकिन आज कुछ अलग था। छत पर मिली पड़ोसन की चूत – यह सोचकर ही उसकी सांसें तेज हो जाती थीं। वह सोच रहा था कि आज रात कुछ अलग होने वाला है, कुछ ऐसा जो उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देगा।
रात के बज रहे थे बारह और रोहन अपनी छत पर खड़ा होकर सिगरेट पीने की कोशिश कर रहा था। उसके हाथ कांप रहे थे, लेकिन वो नहीं जानता था कि यह बेचैनी निकोटीन की लगी थी या उस दिल की धड़कन की जो उसके सीने में कुछ अजीब सी उम्मीद लेकर धड़क रहा था।
आज उसने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी अजनबी को इतना करीब से देखा था, और वह भी आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान की शुरुआत बन गई थी। दिल में कुछ कुछ होता था जब वह उसकी याद करता, कुछ ऐसा जो पहले कभी महसूस नहीं किया था।
उसकी बिल्डिंग की छत पर ही एक पुराना वाटर टैंक था जिसके पास एक छोटी सी जगह थी जहां लोग सूखे कपड़े सुखाते थे। आज दोपहर को जब रोहन वहां गया था, तो उसने देखा कि एक नई लड़की वहां खड़ी थी। गोरी, लंबे काले बाल, और आंखें… उसकी आंखें ऐसी थीं जैसे किसी ने अंधेरी रात में दो चांद के टुकड़े छुपा रखे हों। उसने एक हल्के से गुलाबी रंग का सूट पहना हुआ था, और बाल हवा में उड़ रहे थे।
“हाय, मैं नई आई हूं थर्ड फ्लोर के फ्लैट में,” उसने मुस्कुराते हुए कहा था। “मैं कियारा।”
रोहन ने जवाब दिया था, लेकिन उसका गला सूख गया था। उसने अपना नाम बताया और जल्दी से वहां से चला आया। लेकिन पूरी शाम और रात उसका दिल सिर्फ उसी अजनबी पर आकर रुका था। वह हॉट लग रही थी, बेहद हॉट।
अब छत पर मिली वो अजनबी उसके दिमाग में घूम रही थी। उसने सोचा कि शायद वह भी ऊपर आई होगी हवा खाने। या शायद यह उसका वहम था। लेकिन फिर उसने नीचे की तरफ देखा और एक साये को छत की तरफ आते हुए देखा।
कियारा थी। उसने एक हल्के से सफेद रंग का नाइट ड्रेस पहना हुआ था जो उसकी गोरी जिल्द पर बिल्कुल पिघल सी रही थी। उसके बाल खुले थे और हवा में उड़ रहे थे। वह सीधे रोहन की तरफ आ रही थी।
“मैंने सोचा तुम यहीं होगे,” उसने कहा, और उसकी आवाज में एक अजीब सी मधुषि थी। “मुझे नींद नहीं आ रही थी। नया शहर, नया घर… सब अजीब सा लग रहा था।”
रोहन ने अपनी सिगरेट बुझाई और उसकी तरफ देखा। “मैं भी यहां सोचने आया था। मेरी जिंदगी भी अजीब सी हो गई है आजकल।”
कियारा पास आ गई। अब उनके बीच सिर्फ दो कदम की दूरी थी। रोहन उसकी महक महसूस कर सकता था – कोई हल्के फूलों जैसी परफ्यूम थी, या शायद वह उसकी नेचुरल खुशबू थी। यह सेक्स अपील थी, कच्ची और असली।
“तुम्हारी आंखें उदास हैं,” कियारा ने कहा, और अपने हाथ से उसके चेहरे को छूकर उसकी आंखों के नीचे की स्याही को छुआ। “क्या हुआ? प्यार में धोखा खाया है?”
रोहन ने उसका हाथ पकड़ा। उसके हाठ ठंडे थे, लेकिन उसकी छुअन से रोहन के शरीर में आग सी लग गई। “नहीं, बस जिंदगी से थक गया हूं। अकेलापन… समझ रही हो?”
कियारा ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं भी अकेली हूं। बहुत अकेली। शायद इसीलिए ऊपर आई थी… तुमसे मिलने।”
यह कहकर उसने अपना हाथ रोहन के हाथ में डाल दिया। उनकी उंगलियां एक दूसरे में फंस गईं। छत पर मिली वो अजनबी अब उसके इतने करीब थी कि उनकी सांसें एक दूसरे के होठों को छू रही थीं।
“कियारा…” रोहन ने हल्के से कहा।
“हूं?”
“क्या मैं… क्या मैं तुम्हें किस कर सकता हूं?”
कियारा ने कुछ नहीं कहा। बस अपनी आंखें बंद कर लीं। यह उसकी हां थी। रोहन ने धीरे से अपने होठ उसके होठों पर रखे। पहले तो हल्के से, फिर जोर से। कियारा ने भी जवाब दिया, और उनके होठ एक दूसरे से चिपक गए। यह हॉट चुंबन था, पूरी तरह से जोश भरा।
वह किस गहरी होती गई। रोहन ने अपने हाथ उसकी कमर पर रखे और उसे अपनी तरफ खींच लिया। उनके बदन एक दूसरे से चिपक गए। कियारा ने कुछ नहीं कहा, बस रोहन के बालों में हाथ फिराया और उसे और जोर से किस करने लगी। यह सेक्स का पहला संकेत था, और वह दोनों इसके लिए तैयार थे।
“छत पर मिली वो अजनबी” – यह बात अब सच हो चुकी थी। रोहन उसके होठों को चूस रहा था, उसकी जीभ उसके मुंह में घूम रही थी। कियारा भी पूरी तरह से दीवानी हो चुकी थी। उसने अपना एक हाथ रोहन की शर्ट के अंदर डाला और उसके सीने को छूकर उसकी धड़कन को महसूस किया।
“तुम्हारा दिल तेज धड़क रहा है,” उसने सांसें फुलाते हुए कहा।
“तुम्हारी वजह से,” रोहन ने जवाब दिया और उसके गले को किस करने लगा।
कियारा ने अपना सिर पीछे की तरफ मोड़ा, और रोहन उसके गले पर अपने होठ रखकर नीचे की तरफ आने लगा। उसके नाइट ड्रेस के हल्के से स्ट्रैप नीचे सरक गए, और उसके कंधे का एक हिस्सा नजर आने लगा। रोहन ने वहां अपने होठ रख दिए।
“ऊह…” कियारा ने एक हल्की सी आवाज निकाली।
छत पर मिली पड़ोसन की चूत अब उसकी बाहों में थी, और रोहन उसके बदन को छू रहा था। उसने धीरे से उसके ड्रेस के दोनों स्ट्रैप नीचे किए। कियारा ने कुछ नहीं कहा, बस सांसें तेज-तेज लेने लगी। उसने अपनी आंखें बंद रखी थीं, जैसे वह इस पल का पूरा मजा लेना चाहती हो।
रोहन ने उसके ड्रेस को नीचे किया। अब कियारा सिर्फ अपनी ब्रा में थी – सफेद लेस वाली। उसके छोटे-छोटे से उभार बिल्कुल परफेक्ट थे। रोहन ने अपने होठ उनके ऊपर रख दिए, और कियारा ने एक लंबी सांस ली।
“प्लीज…” उसने कुछ कहना चाहा, लेकिन शायद खुद ही नहीं जानती थी कि वह क्या मांग रही थी।
रोहन ने उसकी ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया। अब कियारा की छाती बिल्कुल नंगी थी। चांदनी में उसका बदन चमक रहा था। उसके छोटे-छोटे से चुचे बिल्कुल गुलाबी थे, और बीच में हल्के से खड़े हुए थे। रोहन ने अपने होठों से एक चूची को छू लिया, और दूसरे को अपने हाथ से दबाने लगा।
कियारा ने अपने हाथ उसके सर पर रख दिए और उसे और जोर से अपनी छाती पर दबाने लगी। “प्लीज… और जोर से…”
रोहन ने उसकी बात मानी। उसने जोर से चूची को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया, और दूसरे को इतनी जोर से दबाया कि कियारा के मुंह से हल्की सी चीख निकली। यह हॉट एक्शन था, पूरी तरह से वासना भरा।
कियारा पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी। उसने अपने हाथ नीचे किए और रोहन की पैंट के ऊपर से उसके लंड को छू लिया। वह पहले से ही सख्त हो चुका था। उसने उसे जोर से दबा दिया।
“मुझे तुम्हारा चाहिए…” उसने हल्के से कहा।
रोहन ने अपनी पैंट की जिप खोली और अपना लंड बाहर निकाल लिया। चांदनी में वह बड़ा और मोटा दिख रहा था। कियारा ने उसे देखा और मुस्कुराई। फिर वह नीचे बैठ गई और अपने होठों से उसके लंड को छू लिया।
“कियारा…” रोहन ने उसका नाम पुकारा।
वह कुछ नहीं बोली। बस अपने होठों से उसके लंड के सुपाड़े को छूकर उसे अपने मुंह में ले लिया। गरम-गरम उसकी जीभ उसके लंड पर घूम रही थी। रोहन ने अपने हाथ उसके बालों में डाल दिए और उसे अपनी तरफ खींच लिया। छत पर मिली पड़ोसन की चूत अब उसकी गोद में थी और उसका लंड चूस रही थी।
कियारा ने पूरा लंड अपने गले तक अंदर ले लिया। उसके मुंह की गर्मी और उसकी जीभ का नरम स्पर्श रोहन को पागल बना रहा था। उसने जोर-जोर से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया, जैसे वह किसी लॉलीपॉप को चूस रही हो।
रोहन का कंट्रोल खराब होने वाला था। उसने उसका सिर पकड़ा और उसे रोक दिया। “रुको… मैं झड़ने वाला हूं…”
कियारा ने मुंह निकाला और मुस्कुराते हुए कहा, “तो झड़ो ना… मुझे तुम्हारा टेस्ट चखना है…”
यह कहकर उसने फिर से लंड मुंह में ले लिया और और तेजी से चूसने लगी। रोहन ने अपनी कमर को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में उसने अपना सारा माल उसके मुंह में छोड़ दिया। कियारा ने एक भी बूंद बर्बाद नहीं होने दी। पूरा का पूरा पी गई।
रोहन नीचे बैठ गया और उसे गले लगा लिया। “तुम बहुत कमाल हो…”
कियारा ने मुस्कुराते हुए कहा, “अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है…”
छत पर मिली पड़ोसन की चूत – यह बात अब रोहन के लिए सिर्फ एक मुलाकात नहीं रही थी। वह उसके लिए एक नशा बन चुकी थी। अगले कुछ दिनों में, वह रोज रात को छत पर मिलते। कभी किस, कभी छाती को छूना, और कभी पूरा जिस्म एक दूसरे के साथ मिलाना। यह सेक्स था, शुद्ध और असली।
लेकिन एक अजीब सी बात थी। कियारा हमेशा आधी रात के बाद ही आती। दिन के वक्त वह कभी नहीं दिखती थी। और जब भी रोहन उसके फ्लैट पर जाने की कोशिश करता, तो कोई दरवाजा नहीं खोलता था। वह सिर्फ रात को ही मिल पाती थी, और सिर्फ छत पर ही।
एक रात, जब वह दोनों एक दूसरे की बाहों में थे, रोहन ने पूछा, “कियारा, तुम दिन में कहां होती हो? मैंने तुम्हें बिल्डिंग के अंदर कभी नहीं देखा।”
कियारा ने एक पल के लिए उसकी आंखों से नजरें चुरा लीं। “मैं… मैं काम पर जाती हूं। बहुत देर तक काम होता है।”
“कौन सा काम?”
“वो… मॉडलिंग का…”
रोहन को कुछ अजीब सा लगा। उसने बिल्डिंग के वॉचमैन से पूछा था, लेकिन उसने कहा था कि थर्ड फ्लोर के फ्लैट में कोई नई लड़की नहीं आई है। लेकिन फिर भी वह सोचता था कि शायद वॉचमैन को पता नहीं होगा।
लेकिन आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान में अब एक राज का एलिमेंट आ रहा था। रोहन ने नोटिस किया कि कियारा हमेशा आधी रात के बाद ही आती थी, और सुबह 4 बजे से पहले चली जाती थी। कभी उसने उसका फ्लैट देखा नहीं था। कभी उसने उसके साथ दिन में वक्त नहीं बिताया था।
एक रात, जब वह दोनों छत पर थे, कियारा ने कहा, “रोहन, अगर मैं तुमसे कुछ छुपा रही हूं, तो क्या तुम मुझे माफ करोगे?”
रोहन ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया। “क्या छुपा रही हो तुम?”
कियारा ने कुछ नहीं कहा। बस उसकी आंखों में आंसू आ गए। “मैं… मैं तुम्हें बता नहीं सकती। लेकिन तुम मुझसे प्यार करते हो ना?”
रोहन ने उसे गले लगाया। “हां, बहुत प्यार करता हूं। लेकिन झूठ से प्यार नहीं रह पाता। सच बताओ, कियारा। तुम हो कौन?”
छत पर मिली पड़ोसन की चूत ने एक गहरी सांस ली। “मैं… मैं इस घर की पहली वाली…”
रोहन ने उसे अलग होकर देखा। “क्या मतलब?”
“यह फ्लैट… यह फ्लैट पहले मेरा था। तीन साल पहले…” उसकी आवाज कांप रही थी। “तीन साल पहले इसी छत पर… किसी ने मेरा खून कर दिया था।”
रोहन का दिल जोर से धड़कने लगा। “क्या… क्या बकवास कर रही हो?”
“मैं मर चुकी हूं, रोहन,” कियारा ने कहा, और उसकी आंखें आंसुओं से भर गईं। “मैं सिर्फ रात को आती हूं क्योंकि मैं… मैं एक आत्मा हूं।”
रोहन ने पीछे हटकर उसे देखा। उसका चेहरा सफेद हो गया। “यह… यह मजाक है ना?”
कियारा ने अपना हाथ आगे बढ़ाया, और रोहन ने देखा कि उसका हाथ थोड़ा सा पारदर्शी था। चांदनी उसके हाथों से गुजर रही थी। आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान अब एक हॉरर स्टोरी बनने वाली थी।
“नहीं…” रोहन ने कहा, और उसके पैर जमीन पर जम गए।
“मैं तुम्हें दुख नहीं देना चाहती थी,” कियारा ने कहा, और उसकी आवाज में अब एक अलग सी इको थी। “लेकिन मैं तुमसे प्यार करने लगी। तुम्हारी गर्मी, तुम्हारी सांसें… मुझे फिर से जिंदा महसूस कराती हैं।”
रोहन नीचे गिरने वाला था, लेकिन कियारा ने उसे पकड़ लिया। उसके हाथ अब भी ठंडे थे, लेकिन एक अजीब सी शक्ति थी उनमें।
“मैं तुम्हें कुछ नहीं करूंगी,” उसने कहा। “मैं सिर्फ इतना चाहती हूं कि तुम मुझे याद रखो। मेरी मौत का राज सुलझाओ। मुझे इंसाफ दिलाओ।”
रोहन ने उसे देखा। उसके चेहरे पर वही प्यार था, वही मासूमियत। “कौन… कौन था वह?”
“मैं नहीं जानती,” कियारा ने कहा। “मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि वह इसी बिल्डिंग में रहता था। एक रात मुझे यहां बुलाया गया था… और फिर…” उसकी आंखें भर आईं। “मेरा खून कर दिया गया। मेरा जिस्म यहीं किसी कोने में दफनाया गया था, और फिर हत्यारे ने मेरा फोन भी तोड़ दिया ताकि कोई सबूत न मिले।”
रोहन ने देखा कि छत पर मिली पड़ोसन की चूत अब उसके सामने रो रही थी। लेकिन उसके आंसू असली थे। उसके दिल में उसके लिए प्यार था, और अब दर्द भी था।
“मैं तुम्हारी मदद करूंगा,” रोहन ने कहा, और उसने अपने डर को पीछे धकेला। “मैं तुम्हारा राज खोलूंगा। लेकिन पहले मुझे यह बताओ… जो कुछ भी हुआ हमारे बीच… क्या वह सच था?”
कियारा ने उसकी तरफ देखा। “मेरे लिए हां। जब मैं तुम्हारे साथ होती हूं, मैं फिर से जिंदा महसूस करती हूं। तुम्हारा छुअन मुझे गर्मी देता है। तुम्हारा प्यार मुझे जिंदा रखता है।”
रोहन ने उसे गले लगाया। उसके बाल हवा में उड़ रहे थे, लेकिन अब उसे कोई डर नहीं था। “मैं तुम्हारा इंसाफ दिलाऊंगा। आई प्रॉमिस।”
छत पर मिली पड़ोसन की चूत की कहानी जानने की कोशिश में रोहन ने बिल्डिंग के पुराने रिकॉर्ड चेक किए। तीन साल पहले, एक लड़की नाम कियारा मल्होत्रा इस बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर में रहती थी। वह एक एस्पायरिंग मॉडल थी। एक दिन अचानक वह गायब हो गई। पुलिस ने केस फाइल किया, लेकिन कोई लीड नहीं मिला। उसके घर वाले भी उसके बारे में कुछ नहीं जानते थे।
रोहन ने बिल्डिंग के वॉचमैन से बात की। “भैया, तीन साल पहले यहां एक लड़की रहती थी, कियारा मल्होत्रा। क्या आपको याद है?”
वॉचमैन ने सोचा। “हां, वो सुंदर सी लड़की? हां, याद है। बहुत अच्छी लड़की थी। लेकिन एक दिन अचानक गायब हो गई। पुलिस आई थी, पूछताछ की थी। कुछ नहीं मिला।”
“कोई शक या कुछ?”
“वो… उस वक्त फोर्थ फ्लोर पर एक लड़का रहता था। अर्जुन नाम था उसका। वह बहुत परेशान करता था उस लड़की को। लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। कहते हैं उसके पापा बड़े आदमी थे।”
रोहन ने यह बात याद रखी। रात को जब वह आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान की हीरोइन से मिला, तो उसने उसे यह सब बताया।
कियारा ने कहा, “हां, अर्जुन… वह मुझे पसंद करता था। लेकिन मैं उससे नफरत करती थी। वह बहुत गंदा आदमी था। एक बार उसने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की थी…”
रोहन का खून खौलने लगा। “क्या उसने तुम्हारा…?”
“मैं नहीं जानती,” कियारा ने कहा। “मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि उस रात मुझे किसी ने फोन करके यहां छत पर बुलाया था। कहा था कि मेरी मम्मी को कुछ हो गया है और वह नीचे खड़ी हैं। मैं बेवकूफ थी… मैं आ गई। और फिर…”
रोहन ने उसे सहारा दिया। “मैं उस अर्जुन को ढूंढ लूंगा। लेकिन अभी… अभी मैं तुम्हारे साथ वक्त बिताना चाहता हूं।”
कियारा ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम मुझसे प्यार करते हो… एक मुर्दा लड़की से?”
रोहन ने उसके होठों पर अपने होठ रख दिए। “तुम मेरे लिए जिंदा हो। और हमेशा रहोगी।”
वह दोनों फिर से एक दूसरे में खो गए। छत पर मिली पड़ोसन की चूत अब उसके लिए सिर्फ एक आत्मा नहीं थी, बल्कि उसकी मोहब्बत थी। उसने उसके नाइट ड्रेस को उतारा। चांदनी में उसका बदन चमक रहा था। हां, वह थोड़ी सी पारदर्शी थी, लेकिन रोहन के लिए वह उतनी ही असली थी जितनी कोई और लड़की।
उसने उसके चूचे मुंह में लिए और चूसने लगा। कियारा ने अपनी आंखें बंद कर ली और मजा लेने लगी। “तुम्हारा छुअन… यह मुझे जिंदा रखता है…”
रोहन नीचे की तरफ आया। उसने उसके पेट को किस किया, फिर उसकी जांघों को। कियारा ने अपने पैर फैला दिए। रोहन ने उसकी चूत को देखा – वह बिल्कुल गुलाबी थी, और एक अजीब सी रोशनी से चमक रही थी।
उसने अपनी जीभ से उसकी चूत को छुआ। कियारा ने एक लंबी सांस ली। “ऊह… यह… यह बहुत अच्छा लग रहा है…”
रोहन ने पूरी जीभ उसकी चूत में डाल दी। उसके रस को चाटने लगा। कियारा पूरी तरह से मदहोश हो रही थी। उसने अपने हाथ अपनी चूचियों पर रख दिए और उन्हें दबाने लगी।
“और जोर से… प्लीज… और जोर से…” कियारा ने कहा।
रोहन ने जोर-जोर से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ उसके क्लिटोरिस पर घूम रही थी। कियारा के मुंह से अजीब सी आवाजें निकल रही थीं – ऐसे जैसे वह रो रही हो और मुस्कुरा रही हो एक साथ।
“मैं… मैं झड़ने वाली हूं…” उसने कहा।
रोहन ने अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। वह गर्म थी, गीली थी। उसने अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया, और अपनी जीभ से उसके क्लिटोरिस को चाटना जारी रखा।
“ऊह… आह… हां…” कियारा ने जोर से चीखा, और उसका पूरा बदन कांपने लगा। उसने अपना माल रोहन के मुंह पर छोड़ दिया। रोहन ने सब चाट लिया।
आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान में अब एक नई गहराई आ गई थी। रोहन ने अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा। “मैं अंदर डालूं?”
कियारा ने हां में सिर हिलाया। “प्लीज… मुझे महसूस करो…”
रोहन ने धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। वह गर्म थी, टाइट थी। उसने आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। कियारा ने अपने पैर उसकी कमर पर लपेट दिए।
“तुम… तुम बहुत अच्छा कर रहे हो…” उसने कहा।
रोहन ने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। उनकी आवाजें छत पर गूंज रही थीं। “थप… थप… थप…” की आवाज में वह दोनों एक दूसरे में खो गए।
“कियारा… मैं तुमसे प्यार करता हूं…” रोहन ने कहा, और जोर से धक्का लगाया।
“मैं भी… मैं भी तुमसे प्यार करती हूं…” कियारा ने कहा, और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे।
वह दोनों साथ में झड़ गए। रोहन ने अपना सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया। कियारा ने उसे कस के पकड़ लिया।
रोहन ने अर्जुन के बारे में पता लगाया। उसने सोशल मीडिया पर उसकी प्रोफाइल ढूंढी। वह अब भी मुंबई में ही रहता था, एक अलग एरिया में। रोहन ने उससे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की।
एक दिन, उसने अर्जुन को एक फेक नाम से मैसेज किया। उसने उससे मिलने के लिए कहा। अर्जुन ने हां कर दी, शायद सोचकर कि कोई नई लड़की है।
जब वह मिले, रोहन ने उसे पहचान लिया। वही गंदी नजर, वही गंदा चेहरा। छत पर मिली पड़ोसन की चूत का खूनी उसके सामने था।
“अर्जुन, तुम कियारा मल्होत्रा को जानते हो?” रोहन ने सीधे सवाल पूछा।
अर्जुन का चेहरा बदल गया। “कौन… कौन हो तुम?”
“मैं उसका दोस्त हूं। तीन साल पहले तुमने उसका खून किया था। सच बताओ, नहीं तो पुलिस को बता दूंगा।”
अर्जुन ने पीछे हटकर कहा, “मैंने… मैंने कुछ नहीं किया। वह… वह खुद गायब हो गई थी।”
“झूठ!” रोहन ने जोर से चिल्लाया। “तुमने उस रात उसे छत पर बुलाया था। तुमने उसके साथ जबरदस्ती की थी। और जब उसने मना किया, तो तुमने उसका गला दबा दिया।”
अर्जुन का चेहरा सफेद हो गया। “तुम्हें… तुम्हें कैसे पता?”
रोहन ने उसका गला पकड़ लिया। “मैं सब जानता हूं। अब तुम मुझे सच बताओगे, नहीं तो मैं तुम्हारा यहीं हाल कर दूंगा।”
अर्जुन ने हाथ जोड़ते हुए कहा, “ठीक है… ठीक है… मैं बताता हूं। हां, मैंने उस रात उसे फोन किया था। मैंने उससे मिलना चाहा था। लेकिन वह मना कर रही थी। मैं… मैं नशे में था। मैंने उससे जबरदस्ती कोशिश की… और फिर… फिर उसने मुझे थप्पड़ मारा। मैं पागल हो गया… मैंने उसका गला दबा दिया…”
रोहन ने उसे जोर से धक्का दिया। “कहां है उसका जिस्म?”
“वह… वह छत पर ही है… वाटर टैंक के पीछे… मैंने उसे वहीं दफनाया था…”
रोहन ने पुलिस को फोन किया। अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने छत पर एक्सकेवेशन किया और कियारा के बाकी बचे जिस्म के टुकड़े मिले।
आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान अब अपने अंतिम पड़ाव पर थी। कियारा की आत्मा को मुक्ति मिलने वाली थी।
उस रात, जब रोहन छत पर आया, कियारा वहां थी। लेकिन अब उसके चेहरे पर एक अलग सी रोशनी थी।
“तुमने मेरा इंसाफ दिलाया,” उसने कहा। “मैं तुम्हारी आभारी हूं।”
रोहन ने उसे गले लगाया। “मैं तुम्हें जाने नहीं दूंगा।”
कियारा ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं जा रही हूं, रोहन। मेरी आत्मा को मुक्ति मिल गई है। लेकिन मैं हमेशा तुम्हारे दिल में रहूंगी।”
रोहन की आंखें भर आईं। “प्लीज… रुक जाओ…”
“मैं तुमसे दूर नहीं जा रही,” उसने कहा। “मैं बस एक अलग दुनिया में जा रही हूं। लेकिन जब भी तुम रात को छत पर आओगे, मैं तुम्हें महसूस कर पाऊंगी। मैं हवा बनकर तुम्हें छू लूंगी। मैं चांदनी बनकर तुम्हारी रातों को रोशन करूंगी।”
रोहन ने उसे जोर से पकड़ा। “मैं तुमसे प्यार करता हूं…”
“मैं भी,” कियारा ने कहा, और उसके होठों पर एक आखिरी बार अपने होठ रख दिए।
फिर वह धीरे-धीरे हवा में घुलने लगी। उसका बदन रोशनी बनकर ऊपर की तरफ जाने लगा। छत पर मिली पड़ोसन की चूत अब हमेशा के लिए उसकी यादों में सिमट गई।
रोहन नीचे बैठ गया और रोने लगा। लेकिन उसके दिल में एक शांति थी – उसने अपनी मोहब्बत के लिए इंसाफ दिलाया था।
एक साल बीत गया। रोहन अब भी उसी बिल्डिंग में रहता था। उसने अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर दी थी। लेकिन हर रात, आधी रात को, वह छत पर जरूर आता था।
आज भी वह वहीं खड़ा था, सिगरेट पीने की कोशिश कर रहा था। तभी उसने पीछे से किसी के आने की आहट सुनी।
“यह जगह तुम्हारी फेवरेट है क्या?”
रोहन ने पीछे मुड़कर देखा। एक लड़की खड़ी थी – गोरी, लंबे काले बाल, और आंखें जैसे दो चांद के टुकड़े। लेकिन यह कियारा नहीं थी। यह एक और लड़की थी, लेकिन उसकी आंखों में वही चमक थी।
“मैं… मैं नई आई हूं सेकंड फ्लोर के फ्लैट में,” उसने मुस्कुराते हुए कहा। “मैं रिया।”
रोहन ने मुस्कुराते हुए अपनी सिगरेट बुझाई। “हाय रिया, मैं रोहन हूं।”
रिया ने उसकी तरफ कदम बढ़ाए। “मुझे नींद नहीं आ रही थी। नया शहर, नया घर… सब अजीब सा लग रहा था।”
रोहन ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं भी यहां सोचने आया था।”
उनकी आंखें मिलीं। छत पर मिली पड़ोसन की चूत – यह कहानी फिर से शुरू होने वाली थी। लेकिन इस बार यह सिर्फ रोमांस होगा, सिर्फ प्यार होगा। क्योंकि कियारा की आत्मा अब मुक्ति पा चुकी थी, और उसने रोहन के लिए यह दुआ की थी कि वह फिर से प्यार करे।
रिया ने पास आकर उसका हाथ पकड़ा। “तुम्हारी आंखें बहुत खूबसूरत हैं। लेकिन थोड़ी उदास हैं।”
रोहन ने उसका हाथ कस के पकड़ा। “अब नहीं। अब शायद उदास नहीं।”
आधी रात को शुरू हुई एक दीवानी दास्तान अब एक नई कहानी बनने वाली थी। रोहन ने ऊपर की तरफ देखा, और उसे लगा कि हवा में किसी ने मुस्कुराते हुए कहा, “खुश रहो, रोहन। मैं हमेशा तुम्हारा साथ हूं।”
और फिर, रिया ने अपना चेहरा उसके करीब किया, और उनके होठ एक दूसरे से मिले। चांदनी में, छत पर मिली पड़ोसन की चूत – जो अब अजनबी नहीं थी – एक नई दीवानी दास्तान की शुरुआत हो गई।
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