शाम का सूर्य बालकनी में बैठी रिया के चेहरे पर एक अजीब सी हलचल डाल रहा था। उसकी बड़ी बहन की शादी को तीन साल हो चुके थे, और हर बार जब वह दीदी के घर आती, तो जीजू अर्जुन के साथ उसका रिश्ता थोड़ा अलग महसूस होता। जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी
पहले तो वह सिर्फ “जीजू” थे – दीदी का पति, परिवार का हिस्सा। लेकिन पिछले कुछ महीनों से कुछ बदल रहा था। शायद यह उसकी उम्र थी – अब वह 22 की हो चुकी थी, और उसकी नजरें पहले से ज्यादा गहराई से देखने लगी थीं।
“चाय?” अर्जुन की आवाज़ ने उसे विचारों से झिंझोड़ा।
रिया ने मुड़कर देखा। अर्जुन हाथ में दो कप लिए खड़े थे। उनकी आंखों में वह हल्की सी मुस्कान थी जो रिया को हमेशा असहज सी उत्तेजना देती थी।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“धन्यवाद, जीजू,” उसने कप लिया, उनकी उंगलियों के स्पर्श से एक हल्की सिहरन दौड़ी।
अर्जुन बालकनी की दूसरी कुर्सी पर बैठ गए। “कॉलेज का क्या हाल है?”
“ठीक है। प्रोजेक्ट चल रहा है,” रिया ने कहा, लेकिन उसका ध्यान अर्जुन की बातों पर नहीं, उनके हाथों पर था जो कप पर कांप रहे थे। वह हमेशा से जानती थी कि जीजू थोड़े घबराहट वाले हैं, लेकिन आज उनका घबराना अलग लग रहा था।
“दीदी कब आएंगी?” रिया ने पूछा।
“दो दिन लगेंगे। उनकी दोस्त की शादी है ना,” अर्जुन ने कहा, और रिया ने नोट किया कि उनकी आवाज़ में एक अजीब सी खुरदुराहट थी।
रात का खाना एक अजीब सी चुप्पी में बीता। रिया ने नोट किया कि अर्जुन उससे उतनी आसानी से आंख नहीं मिला पा रहे थे जितनी वह पहले करते थे। और जब भी उनकी नजरें मिलतीं, दोनों तुरंत कहीं और देखने लगते।
“मैं बर्तन धो देती हूं,” रिया ने उठते हुए कहा।
“नहीं, रहने दो,” अर्जुन ने भी उठकर उसका हाथ पकड़ लिया।
यह स्पर्श थोड़ी देर ज्यादा रहा। अर्जुन ने तुरंत हाथ छोड़ा, लेकिन वह क्षण बीत चुका था। रिया का दिल तेज़ी से धड़क रहा था।
“मैं… मैं सोने जा रहा हूं,” अर्जुन ने कहा, और जल्दी से कमरे में चले गए।
रिया रसोई में अकेली खड़ी रही। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा था। क्या वह अकेली थी इस भावना में? या…
रात को रिया को प्यास लगी। वह रसोई की ओर बढ़ी, और गलती से अर्जुन के कमरे का दरवाज़ा खुला देखा। अंदर से हल्की सी रोशनी आ रही थी।
“जीजू?” उसने धीरे से पुकारा।
कोई जवाब नहीं आया। लेकिन जब वह आगे बढ़ी, तो उसने देखा कि अर्जुन बिस्तर पर बैठे थे, एक पुराना फोटोएल्बम हाथ में लिए। उनकी आंखें नम थीं।
“जीजू, क्या हुआ?” रिया चौंककर अंदर आ गई।
अर्जुन ने एल्बम बंद किया। “कुछ नहीं… बस पुरानी यादें।”
रिया उनके पास बैठ गई। इतनी करीब कि उनके कंधे छू रहे थे। “आप रो रहे हैं?”
“नहीं… वो…” अर्जुन ने उसकी ओर देखा, और इस बार उनकी नजरें नहीं हटीं। “रिया, मैं…”
“क्या, जीजू?”
अर्जुन ने गहरी सांस ली। “मुझे नहीं पता कि यह सही है या गलत। लेकिन पिछले कुछ महीनों से… जब भी तुम आती हो, मैं कुछ अलग महसूस करता हूं।”
रिया का दिल मुंह को आ गया। “क्या… क्या महसूस करते हैं?”
“तुम्हें देखकर मेरा दिल तेज़ धड़कने लगता है। मैं तुमसे बात करना चाहता हूं, तुम्हारे पास रहना चाहता हूं। और जब तुम जाने वाली होती हो, तो…” अर्जुन की आवाज़ रुक गई।
“तो क्या?” रिया की आवाज़ फुसफुसाहट में बदल गई थी।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“तो मुझे लगता है कि कुछ खो रहा हूं।”
रिया ने महसूस किया कि उसकी आंखें भी नम हो रही थीं। “मैं भी, जीजू। मैं भी यही महसूस करती हूं। लेकिन यह गलत है ना? आप दीदी के पति हैं…”
“मैं जानता हूं,” अर्जुन ने कहा, उनकी आवाज़ में दर्द था। “इसीलिए मैंने कभी कुछ नहीं कहा। कभी कुछ नहीं करूंगा। बस… बस आज रात तुम्हें बताना चाहता था।”
रिया ने उनका हाथ पकड़ लिया। “मुझे पता है। मैं भी कुछ नहीं करूंगी। लेकिन… एक बार… एक बार बस…”
दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। वह सीमा जो हमेशा उनके बीच थी, अब पतली होती जा रही थी। अर्जुन का हाथ धीरे-धीरे रिया के चेहरे की ओर बढ़ा।
“मैं… मैं तुम्हें छू सकता हूं?” उनकी आवाज़ कांप रही थी।
रिया ने धीरे से सिर हिलाया। ना में हां थी, या हां में ना – वह खुद नहीं जानती थी। लेकिन जब अर्जुन के हाथ ने उसके गाल को छुआ, उसने आंखें बंद कर लीं।
वह स्पर्श इतना हल्का था, जैसे पंख छू रहा हो। लेकिन उसमें इतनी गहराई थी कि रिया की सांसें रुक सी गईं।
“तुम इतनी खूबसूरत हो,” अर्जुन ने फुसफुसाते हुए कहा।
“जीजू…” रिया की आवाज़ में विनती थी – रुकने की या आगे बढ़ने की, वह खुद नहीं जानती थी।
अर्जुन ने अपना माथा उसके माथे से मिलाया। दोनों की सांहें मिल रही थीं। “मुझे माफ़ करना,” उन्होंने कहा, और फिर धीरे से उसके माथे पर एक चुंबन दिया।
वह चुंबन इतना पवित्र था, फिर भी इतना विद्रोही। रिया ने महसूस किया कि वह रो रही है। अर्जुन ने उसके आंसू पोंछे।
“रो मत… प्लीज़ रो मत,” उन्होंने कहा।
“मैं नहीं रो रही,” रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं तो खुश हूं।”
अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। वह आलिंगन इतना कसा हुआ था, जैसे दोनों डूब रहे हों और एक-दूसरे को पकड़कर बचा रहे हों। रिया ने उनकी सांसों की गंध महसूस की – व्हिस्की और पुरानी किताबों की, और कुछ और भी, जो सिर्फ उनकी थी।
“मुझे जाना चाहिए,” रिया ने कहा, लेकिन वह हिली नहीं।
“हां,” अर्जुन ने कहा, लेकिन उनकी बाहें और कस गईं।
कई मिनट तक वह वैसे ही बैठे रहे। दो शरीर, एक रिदम में सांस लेते हुए। दो दिल, एक ही तेज़ी से धड़कते हुए। दो आत्माएं, जो जानती थीं कि यह गलत था, फिर भी इस पल को चुराना चाहती थीं।
जब रिया उठी, तो अर्जुन ने उसका हाथ नहीं छोड़ा। “कल… कल मैं ऑफिस नहीं जाऊंगा। तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं।”
रिया ने उनकी ओर देखा। उनकी आंखों में वह अजीब सी चमक थी – प्यार की, दर्द की, और कुछ और भी जो रिया पहचान चुकी थी।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“मैं भी,” उसने कहा, और धीरे से अपना हाथ खींचकर कमरे से बाहर निकल आई।
अपने कमरे में लेटी रिया छत को देखती रही। उसके होठों पर अभी भी उस चुंबन का एहसास था – माथे पर, लेकिन आत्मा में उतर गया था। वह जानती थी कि कल कुछ होगा। कुछ ऐसा जो उनके रिश्ते को हमेशा के लिए बदल देगा।
और सबसे डरावनी बात यह थी कि वह उसके लिए तैयार थी।
सुबह की धूप पर्दों के सीधे बालकनी में आ रही थी, लेकिन रिया की आंखें पहले ही खुली हुई थीं। रात भर उसकी नींद खुल-खुलकर आई थी। हर बार जब वह सोने की कोशिश करती, वह चुंबन उसके माथे पर महसूस हो जाता – हल्का, पवित्र, फिर भी इतना भारी।
उसने घड़ी देखी। सुबह के नौ बज चुके थे। दीदी के फोन का इंतज़ार था, लेकिन उससे ज्यादा उसे यह जानना था कि क्या अर्जुन सच में ऑफिस नहीं गए।
वह धीरे-धीरे उठी, नहाई, और एक साधारण सी साड़ी पहनी – हल्की नीली, जो उसकी मां ने दी थी। वह जानबूझकर कुछ भी खास नहीं पहनना चाहती थी। जैसे साधारण कपड़े उसकी भावनाओं को छुपा सकेंगे।
रसोई में आते ही उसकी सांसें अटक गईं। अर्जुन वहां थे, लेकिन पजामे-कमीज में, ऑफिस के कपड़े नहीं। उन्होंने बालकनी में चाय का सामान लगाया हुआ था – दो कप, प्लेट में बिस्कुट, और एक गुलदान में ताज़े गेंदे के फूल।
“तुम… सच में रुक गए?” रिया की आवाज़ हल्की थी।
अर्जुन ने उसकी ओर देखा। उनकी आंखों में वही अजीब सी उथल-पुथल थी जो रात को थी। “कहा था ना… तुम्हारे साथ रहना है।”
“दीदी का फोन आया?” रिया ने पूछा, अपने हाथों को कमर के पीछे बांधते हुए।
“हां… बोली शाम को आएंगी। ट्रेन लेट हो गई है।” अर्जुन ने चाय उबलने से हटाई। “बैठो… मैंने चाय बनाई है।”
रिया बालकनी में गई। सुबह की हवा ताज़ी थी, लेकिन उसकी त्वचा पर गर्मी महसूस हो रही थी। जब अर्जुन चाय लेकर आए, उनके हाथ कांप रहे थे। चाय का एक कतरा कप से बाहर गिरा, उनके अंगूठे पर।
“ओह…” अर्जुन ने हल्की सी आवाज़ निकाली।
“लगी तो नहीं?” रिया ने तुरंत उनका हाथ पकड़ लिया। उसने बिना सोचे उस अंगूठे को अपने होठों के पास लाया और फूंक मारी।
दोनों एक पल के लिए स्थिर हो गए। रिया को एहसास हुआ कि वह अभी भी उनका हाथ पकड़े हुए है, और उसके होठ उनकी त्वचा से कुछ इंच की दूरी पर हैं।
“मैं… मैं सॉरी,” उसने हाथ छोड़ा, लेकिन अर्जुन ने उसका हाथ नहीं छोड़ा।
“रुको…” उनकी आवाज़ बहुत धीमी थी।
वह उसका हाथ अपने दोनों हाथों में लेकर सहलाने लगे। उनकी उंगलियां उसकी हथेली पर चल रही थीं, जैसे कोई राही नक्शा पढ़ रहा हो। रिया ने अपनी आंखें बंद कर लीं। उसे लगा कि वह पिघल रही है।
“तुम्हारे हाथ बहर नरम हैं,” अर्जुन ने कहा।
“जीजू… प्लीज़…” रिया नहीं जानती थी वह क्या कह रही थी – रुकने के लिए या आगे बढ़ने के लिए।
अर्जुन ने उसका हाथ अपने होठों के पास लाया। उन्होंने उसकी हथेली पर एक चुंबन दिया। फिर दूसरा। फिर कलाई के अंदरूनी हिस्से पर, जहां नसें धड़क रही थीं।
“मैं पागल हो रहा हूं,” अर्जुन ने कहा, उनकी सांसें तेज़ हो रही थीं। “मैं जानता हूं यह गलत है… लेकिन मैं रोक नहीं पा रहा।”
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
रिया ने आंखें खोलीं। उनकी आंखें नम थीं। “मैं भी नहीं रोक पा रही हूं।”
अर्जुन ने धीरे से उसका चेहरा अपने हाथों में लिया। “एक बार… बस एक बार… अगर मैंने कुछ गलत किया, तो मुझे रोक देना।”
रिया ने सिर हिलाया। वह नहीं जानती थी कि यह हां था या ना।
अर्जुन धीरे-धीरे उसके करीब आए। उनकी सांसें उसके चेहरे पर महसूस हो रही थीं। “मैं तुम्हें चूमना चाहता हूं… असली जगह पर।”
रिया का दिल इतनी तेज़ी से धड़क रहा था कि उसे लगा वह बेहोश हो जाएगी। उसने अपने होंठ हल्के से खोले।
अर्जुन ने धीरे से उसके गाल पर अपना माथा रखा। फिर नाक के पास आए। फिर…
उनके होंठ मिले।
यह कोई हल्का चुंबन नहीं था। यह भूख थी, प्यास थी, वह सब कुछ जो वे महीनों से दबाए हुए थे। अर्जुन के होंठ रिया के होंठों पर थे, पहले धीरे, फिर ज़ोर से। उनकी जीभ ने रिया के होंठों को खोलने की कोशिश की, और रिया ने विरोध नहीं किया।
वह पहली बार किसी को चूम रही थी। और यह उसके जीजू थे। यह गलत था, बहुत गलत, लेकिन उसे कुछ भी गलत नहीं लग रहा था। उसे लग रहा था कि वह घर आ गई है।
अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। उनके हाथ उसकी पीठ पर थे, फिर कमर पर, फिर नीचे। रिया ने अपने हाथ उनके बालों में डाल दिए। वह उनकी गंध में खो रही थी – सुबह की धूप, साबुन, और कुछ मर्दाना, जो सिर्फ उनका था।
“रिया… रिया…” अर्जुन उसका नाम फुसफुसाते हुए ले रहे थे, जैसे कोई मंत्र हो।
वे बालकनी में ही एक-दूसरे से लिपटे खड़े थे। चाय ठंडी हो चुकी थी, लेकिन उनके शरीर आग की तरह गर्म थे। अर्जुन ने धीरे से उसे अपने घर की ओर खींचा।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“अंदर चलें…” उन्होंने कहा।
रिया ने उनकी आंखों में देखा। वहां प्यार था, लालसा थी, और एक डर भी था – उसे खोने का डर।
“हां,” उसने धीरे से कहा।
वे अंदर आए, लेकिन अलग नहीं हुए। अर्जुन ने दरवाज़ा बंद किया, और फिर से उसे अपनी बाहों में ले लिया। इस बार उनका चुंबन और गहरा था, और उनके हाथ और साहसी।
अर्जुन के हाथ रिया की साड़ी पर थे, उसकी कमर को सहला रहे थे। फिर धीरे-धीरे ऊपर बढ़े, उसकी पीठ पर, फिर ब्लाउज के ऊपर से उसकी पीठ की हड्डियों को महसूस कर रहे थे।
“मैं… मैंने कभी…” रिया ने कहा, शर्म से उसका चेहरा लाल हो गया।
अर्जुन ने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया। “मैं जानता हूं। मैं भी नहीं चाहता कि जल्दबाज़ी हो। बस… बस तुम्हें महसूस करना चाहता हूं।”
उन्होंने उसे सोफे पर बैठाया, और खुद उसके पास बैठ गए। उनका एक हाथ उसके कंधे पर था, दूसरा उसके हाथ में। वे एक-दूसरे को देख रहे थे, जैसे पहली बार देख रहे हों।
“तुम्हें पता है,” अर्जुन ने कहा, “जब तुम पहली बार यहां आई थी, तुम सोलह साल की थीं। मैंने तुम्हें बच्ची समझा।”
“और अब?” रिया ने पूछा।
“अब मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिंदगी की सबसे कीमती चीज़ को पहचानने में बहुत देर कर दी।”
रिया ने अपना सिर उनकी छाती पर रख दिया। उनका दिल तेज़ी से धड़क रहा था। “मुझे डर लग रहा है, जीजू।”
“किस बात से?”
“इस प्यार से। यह इतना गहरा है… अगर यह टूट गया तो?”
अर्जुन ने उसे और कसकर पकड़ लिया। “मैं तुम्हें टूटने नहीं दूंगा। चाहे दुनिया हमसे नाराज़ हो जाए।”
वे कुछ देर वैसे ही बैठे रहे। फिर अर्जुन ने धीरे से उसका चेहरा उठाया। “मैं तुम्हें देखना चाहता हूं… सच में देखना।”
रिया समझ गई। उसका दिल धड़क रहा था, लेकिन उसने धीरे से अपनी साड़ी का पल्लू खींचा। फिर खड़ी हुई, और पीछे मुड़कर ब्लाउज के हुक खोलने लगी।
“रुको…” अर्जुन ने कहा, और खुद उठकर उसके पीछे आए। “मैं करना चाहता हूं।”
उनके हाथ कांप रहे थे, लेकिन वे धीरे-धीरे एक-एक हुक खोलने लगे। हर हुक खुलने पर वे उसकी पीठ पर एक चुंबन देते। जब ब्लाउज खुला, उन्होंने धीरे से उसे नीचे किया।
रिया ने अपने हाथों से अपना बदन ढकने की कोशिश की, लेकिन अर्जुन ने उसके हाथ पकड़ लिए।
“मत छुपाओ… प्लीज़,” उन्होंने कहा। “तुम बहुत खूबसूरत हो।”
रिया ने अपने हाथ नीचे किए। वह आईने में अपना प्रतिबिंब देख सकती थी – उसका चेहरा शर्म से लाल, आंखें नम, और अर्जुन उसके पीछे खड़े, उसे देखते हुए जैसे कोई कलाकार अपनी सबसे कीमती रचना को देखता हो।
अर्जुन ने धीरे से अपने हाथ उसकी कमर पर रखे, फिर ऊपर बढ़ाए। रिया ने आंखें बंद कर लीं। उसे लग रहा था कि वह सपना देख रही है।
और फिर उसने महसूस किया कि अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में उठा लिया था, और बेडरूम की ओर बढ़ रहे थे…
बेडरूम में घुसते ही अर्जुन ने धीरे से रिया को अपने पैरों पर खड़ा किया। पर्दे खींचे हुए थे, कमरे में धुंधली रोशनी थी। बाहर की दुनिया की हर आवाज़ दूर लग रही थी, जैसे समय थम गया हो।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
अर्जुन ने उसका चेहरा अपने दोनों हाथों में लिया। “आखिरी बार पूछ रहा हूं… क्या तुम सच में यह चाहती हो? अगर नहीं, तो मैं समझ जाऊंगा। हम कभी इस बारे में बात नहीं करेंगे।”
रिया ने उनकी आंखों में देखा। वहां इतनी ईमानदारी थी, इतना प्यार। उसने धीरे से अपना हाथ उठाया, और अर्जुन की कमीज के बटन खोलने लगी।
“मैं चाहती हूं,” उसने फुसफुसाते हुए कहा। “मैंने कभी कुछ इतना ज्यादा नहीं चाहा।”
अर्जुन ने उसके हाथों को पकड़ लिया, और खुद अपनी कमीज उतार दी। फिर उन्होंने रिया के हाथ अपने सीने पर रख दिए। उनकी त्वचा गर्म थी, और रिया उनकी धड़कन महसूस कर सकती थी – तेज़, अनियंत्रित, जैसे उसका अपना दिल।
“मेरा दिल तुम्हारे लिए धड़क रहा है,” अर्जुन ने कहा।
रिया ने अपना सिर उनकी छाती पर रख दिया। उनकी धड़कन उसके कानों में गूंज रही थी। उसने अपने हाथ उनकी पीठ पर लपेट दिए, उनकी त्वचा को महसूस किया – नरम, गर्म, जीवित।
अर्जुन ने धीरे से उसके बालों को सहलाया, फिर उसका चेहरा उठाया। उनका चुंबन इस बार और गहरा था, और जब उनके शरीर एक-दूसरे से मिले, तो रिया ने एक हल्की सी सिसकी निकाली। वह नंगी ऊपर से थी, और उनकी त्वचा के स्पर्श ने उसे बिजली का झटका दिया।
“डर लग रहा है?” अर्जुन ने पूछा।
“थोड़ा,” रिया ने कहा। “लेकिन अच्छा डर।”
अर्जुन ने मुस्कुराते हुए उसे बिस्तर की ओर ले जाया। उन्होंने उसे धीरे से बिठाया, और खुद उसके सामने घुटनों के बल बैठ गए। उनके हाथ उसकी कमर पर थे, फिर धीरे-धीरे ऊपर बढ़े।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“मैं तुम्हें छू सकता हूं?” उन्होंने पूछा, उनकी आवाज़ में विनती थी।
रिया ने सिर हिलाया। उसका चेहरा शर्म से लाल था, लेकिन उसने अपने हाथ पीछे किए, खुद को उनके सामने पेश किया।
अर्जुन के हाथ धीरे-धीरे ऊपर बढ़े। उनकी उंगलियां उसकी त्वचा पर चल रही थीं, जैसे कोई संगीत बजा रही हों। जब उन्होंने पहली बार उसे छुआ, रिया ने अपनी आंखें बंद कर लीं। उसे लगा कि वह पिघल रही है, अपने आप को खो रही है।
“तुम इतनी नरम हो,” अर्जुन ने फुसफुसाते हुए कहा। उनकी सांसें तेज़ हो रही थीं। “इतनी खूबसूरत।”
रिया ने अपने हाथ उनके बालों में डाल दिए। उसे लग रहा था कि वह तैर रही है, किसी समंदर में, और अर्जुन उसकी लहरें हैं।
अर्जुन ने धीरे से उसे बिस्तर पर लिटाया। वह उसके ऊपर झुके, लेकिन अपना वज़न नहीं डाला। उनके हाथ उसके चेहरे पर थे, उसके गालों को सहला रहे थे, उसके होंठों को छू रहे थे।
“मैं तुमसे प्यार करता हूं, रिया,” उन्होंने कहा। यह पहली बार था जब वे यह शब्द बोल रहे थे। “मैं जानता हूं यह गलत है… दुनिया के नज़रिए से। लेकिन मेरे दिल के नज़रिए से, यह सबसे सच्ची चीज़ है जो मैंने कभी महसूस की।”
रिया की आंखों से आंसू बहने लगे। “मैं भी प्यार करती हूं, जीजू। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं किसी से इतना प्यार कर सकती हूं।”
अर्जुन ने उसके आंसू चूमे। फिर उसके गाल। फिर गरदन। उनके होंठ उसकी त्वचा पर चल रहे थे, हल्के, पंख जैसे चुंबन। रिया ने अपने हाथ उनकी पीठ पर रखे, उन्हें और करीब खींचने की कोशिश की।
“धीरे… धीरे,” अर्जुन ने कहा। “मैं चाहता हूं हर पल को महसूस करो।”
उन्होंने उसकी साड़ी का नाड़ा खोलना शुरू किया। धीरे-धीरे, एक-एक परत हटती गई। रिया ने अपने हाथों से उनका सिर सहलाया, उनके बालों में उंगलियां फेराईं। जब वह पूरी तरह उनके सामने थी, उसने अपने हाथों से खुद को ढकने की कोशिश की, लेकिन अर्जुन ने उसके हाथ पकड़ लिए।
जीजा साली की रोमांटिक सेक्स कहानी, jija sali sex story hindi, जीजा साली की चुदाई कहानी, रोमांटिक सेक्स स्टोरी हिंदी, जीजा साली प्रेम कहानी, sali ki chudai story, जीजा साली रियल सेक्स स्टोरी, हिंदी सेक्स कहानी जीजा साली, romantic sex story hindi, जीजा साली की गरम कहानी
“नहीं,” उन्होंने कहा, उनकी आंखों में वो देखने वाली नज़र थी जो रिया को कमजोर कर रही थी। “मुझे देखने दो। मुझे तुम्हें याद करने दो।”
रिया ने अपने हाथ हटा लिए। वह उनके सामने थी, पूरी तरह, बिना किसी आड़ के। और अर्जुन उसे देख रहे थे, जैसे कोई भक्त अपनी देवी को देखता हो।
“तुम परफेक्ट हो,” उन्होंने फुसफुसाते हुए कहा।
फिर वह खुद भी उठे, और अपने बचे हुए कपड़े उतार दिए। जब वह वापस उसके पास आए, रिया ने पहली बार एक मर्द को इतने करीब, इतने नज़दीक देखा। उसका दिल धड़क रहा था, उसकी सांसें तेज़ हो रही थीं।
अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में लिया। उनके शरीर एक-दूसरे से मिले, गर्मी से, प्यार से। रिया ने महसूस किया कि वह कांप रही है, लेकिन अर्जुन के बाहों में वह सुरक्षित थी।
“डरो मत,” उन्होंने उसके कान में फुसफुसाया। “मैं हूं ना।”
उन्होंने उसे बिस्तर पर लिटाया, और खुद उसके बगल में आए। उनका एक हाथ उसके पेट पर था, धीरे-धीरे सहला रहा था। फिर ऊपर, फिर नीचे। हर स्पर्श इतनी ईमानदारी से, इतने प्यार से।
रिया ने अपना चेहरा उनकी ओर किया। उनकी आंखें बंद थीं, लेकिन आंसू निकल रहे थे। खुशी के, डर के, प्यार के।
अर्जुन ने उसके आंसू चूमे। फिर उसके होंठ। वह चुंबन धीरे-धीरे गहरा होता गया। उनके हाथ उसके शरीर पर घूम रहे थे, हर जगह छू रहे थे, हर जगह पूजा कर रहे थे।
“मैं चाहता हूं तुम्हें महसूस करो,” अर्जुन ने कहा, उनकी आवाज़ कांप रही थी। “मैं चाहता हूं तुम्हें पता चले कि तुम कितनी खास हो।”
रिया ने अपने हाथ उनकी पीठ पर रखे, उन्हें और करीब खींचा। वह उन्हें महसूस करना चाहती थी, हर हिस्से को, हर सांस को।
और फिर, जब वे एक-दूसरे में खोए हुए थे, जब दुनिया बाहर रुकी हुई लग रही थी, अर्जुन ने धीरे से उसके कान में कहा, “क्या तुम तैयार हो?”
रिया ने अपनी आंखें खोलीं। उनकी आंखों में वही प्यार था, वही डर, वही वादा। उसने धीरे से सिर हिलाया।
“हां,” उसने फुसफुसाया। “मैं तैयार हूं। तुम्हारे लिए। सिर्फ तुम्हारे लिए।”
अर्जुन ने उसे कसकर पकड़ लिया। “मैं तुम्हें दर्द नहीं देना चाहता।”
“मुझे पता है,” रिया ने कहा। “तुम कभी मुझे दर्द नहीं दोगे।”
वे एक-दूसरे को देख रहे थे, और उस पल में, वे सिर्फ जीजू-साली नहीं थे। वे दो आत्माएं थीं, जो हमेशा से एक-दूसरे के लिए बनी थीं, और आखिरकार मिली थीं।
बाहर शाम हो रही थी, और अंदर, उनके कमरे में, एक नई सुबह शुरू हो रही थी
New Sex Story :- ट्यूशन टीचर बनी चुदाई की टीचर