मेरा नाम अर्जुन है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। यह कहानी उस समय की है जब मैंने फेसबुक पर एक देसी हॉट भाभी को पटाया था। उसका नाम था सोनाली, उम्र 23 साल, और वो शादीशुदा थी। देसी हॉट भाभी की चुदाई ।
उसकी शादी को दो साल हो चुके थे और उसका तलाक होने वाला था क्योंकि उसके पति से उसके रिश्ते बिल्कुल खराब हो चुके थे।
मैंने उसे फेसबुक पर एक कॉमन ग्रुप में देखा था। उसकी प्रोफाइल फोटो देखते ही मेरा दिल धड़कने लगा। वो एक बेहद खूबसूरत देसी भाभी थी – गोरा रंग, भरे हुए गाल, काले लंबे बाल, और वो आंखें… उफ्फ! मैंने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और उसने एक्सेप्ट कर ली।
शुरुआत में तो हम सामान्य बातें करते थे – मौसम, खाना, सिनेमा। लेकिन धीरे-धीरे हमारी बातें गहरी होने लगीं। उसने मुझे बताया कि उसकी शादीशुदा जिंदगी बिल्कुल बेकार चल रही है। उसका पति उसे वक्त नहीं देता, उसकी कोई केयर नहीं करता। एक 23 साल की जवान औरत के लिए यह बहुत मुश्किल था – उसकी जवानी खिल उठी थी लेकिन उसे कोई प्यार करने वाला नहीं था।
“अर्जुन, मुझे लगता है मेरी जिंदगी में कुछ भी अच्छा नहीं बचा,” एक रात उसने मुझे मैसेज किया।
मैंने उसे समझाया, “सोनाली, तुम इतनी खूबसूरत हो, इतनी समझदार हो। तुम्हारी जिंदगी में अभी बहुत कुछ बाकी है।”
धीरे-धीरे हमारी बातें फ्लर्ट की तरफ मुड़ने लगीं। वो मुझे अपनी तस्वीरें भेजने लगी – कभी किचन में खड़ी होकर, कभी बालकनी में, कभी बेडरूम में। हर तस्वीर में वो एक परफेक्ट देसी हॉट भाभी लगती थी। उसके कपड़े कभी साड़ी, कभी सूट, और कभी नाइटी में। मैं तो उसकी तस्वीरें देखकर पागल हो जाता था।
हम रोज रात को घंटों वीडियो कॉल पर बात करते थे। वो मुझे अपनी जिंदगी की हर बात बताती – कैसे उसका पति उसे अनदेखा करता है, कैसे वो रातों को अकेली सोती है, कैसे उसका दिल किसी प्यार के लिए तरसता है। और मैं… मैं उसे सिर्फ एक बार मिलने का मौका मांगता रहता था।
पहली मुलाकात और भाभी चुदाई
लगभग तीन महीने की बातचीत के बाद, सोनाली ने आखिरकार मिलने के लिए हां कर दी। उसने बताया कि उसका पति दो दिन के लिए ऑफिस के काम से बाहर जा रहा है। यह मेरे लिए सुनहरा मौका था।
मैं उसके घर के पास एक होटल में रुका। जब वो मिलने आई, तो मैं उसे पहचान ही नहीं पाया। रियल लाइफ में वो और भी ज्यादा खूबसूरत थी। उसने एक गुलाबी रंग का सूट पहना था जिसमें वो एकदम परी लग रही थी। उसके बाल खुले थे और हल्का मेकअप किया था।
देसी हॉट भाभी, भाभी चुदाई, भाभी बनी रंडी, हिंदी सेक्स स्टोरी, देसी भाभी की चुदाई, शादीशुदा भाभी अफेयर, फेसबुक से पटाई भाभी, कार में भाभी चुदाई, दोस्त की भाभी चुदाई, ग्रुप सेक्स स्टोरी हिंदी, रियल भाभी चुदाई, जवान भाभी की चुदाई, पड़ोसन भाभी सेक्स, इंडियन भाभी एक्स, भाभी की चूत चुदाई, भाभी को चोदा, हॉट भाभी एक्स, देसी रंडी भाभी, भाभी की गांड चुदाई, भाभी का ब्लोजॉब
“अर्जुन?” उसने शर्माते हुए पूछा।
“हां सोनाली, तुम… तुम तो और भी खूबसूरत हो रियल में,” मैंने कहा।
हमने होटल के कमरे में एंट्री की। जैसे ही दरवाजा बंद हुआ, मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। वो पहले तो झिझकी, लेकिन फिर वो भी मेरे साथ हो गई। उसकी सांसें तेज हो रही थीं, उसका दिल धड़क रहा था।
“अर्जुन, मैंने कभी किसी और के साथ…” वो शर्मा रही थी।
“शhh… कोई बात नहीं, मैं हूं ना,” मैंने उसके होठों पर अपने होठ रख दिए।
वो पहले तो कड़ी रही, लेकिन फिर धीरे-धीरे वो भी मेरे साथ देने लगी। उसके होठ इतने नरम थे, इतने रसीले। मैं उसे कसकर चूम रहा था, उसके गालों पर किस कर रहा था, उसके गले को चाट रहा था। वो “आह… आह…” की आवाजें निकाल रही थी।
धीरे-धीरे मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए। पहले उसका दुपट्टा हटाया, फिर उसकी कमीज के बटन खोलने लगा। वो शर्म से लाल हो रही थी, अपने हाथों से अपना चेहरा छुपा रही थी।
“सोनाली, मत शर्माओ, तुम बहुत खूबसूरत हो,” मैंने उसके हाथ हटाए।
जब मैंने उसकी कमीज उतारी, तो मैं तो देखता ही रह गया। उसके गोरे बदन पर एक सफेद रंग की ब्रा थी जिसमें उसके गोल-गोल बूब्स कैद थे। मैंने पीछे से उसकी ब्रा की हुक खोली और जैसे ही वो हटी, उसके बूब्स आजाद हो गए। वो कितने सुंदर थे – गोल, गुलाबी निप्पल्स के साथ, थोड़े बड़े और कसे हुए।
मैंने उन्हें अपने हाथों में ले लिया और चूसने लगा। सोनाली की सांसें और तेज हो गईं, वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और मुझे अपनी तरफ दबा रही थी। “आह… अर्जुन… और जोर से…”
मैं एक बूब को चूस रहा था और दूसरे को मसल रहा था। उसकी निप्पल्स कड़क हो गई थीं। फिर मैं नीचे गया, उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसे नीचे खींचा। अब वो सिर्फ पैंटी में थी – एक सफेद रंग की पतली सी पैंटी जिससे उसकी चूत की झलक मिल रही थी।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी पैंटी उतार दी। उफ्फ! क्या नजारा था! एकदम साफ-सुथरी, गोरी चूत, थोड़ी सी झांटें जो कि बहुत सेक्सी लग रही थीं। मैंने उसकी टांगें खोली और अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी।
“ओह माई गॉड… अर्जुन… यह क्या कर रहे हो…” वो चीख उठी।
लेकिन मैंने उसे रोका नहीं। मैं उसकी चूत को चाट रहा था, उसकी क्लिट को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था, जीभ से उसके छेद में घुसा रहा था। सोनाली पागल हो रही थी, वो बेड की चादरें पकड़कर खींच रही थी, अपनी कमर उठा-उठाकर मेरे मुंह पर दबा रही थी।
“आह… हां… और… और तेज… मैं पागल हो जाऊंगी…” वो कराह रही थी।
कुछ ही मिनटों में वो झड़ गई। उसका पूरा बदन कांप रहा था, उसकी सांसें तेज चल रही थीं। मैंने अपने कपड़े उतारे और अपना 7 इंच का लंड उसके सामने लाया। वो उसे देखकर डर गई।
“अर्जुन, यह तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा…” वो कांपते हुए बोली।
“प्यार से करूंगा, तुम्हें बहुत मजा आएगा,” मैंने उसे समझाया।
मैंने उसकी टांगें और खोलीं और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के मुंह पर रखा। थोड़ा सा थूक लगाया और धीरे-धीरे अंदर धकेलने लगा। वो दर्द से चीखने लगी, अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा रही थी।
“आह… धीरे… बहुत दर्द हो रहा है…” वो रोने लगी।
मैंने रुक गया, उसके होठों पर किस किया, उसके बूब्स दबाए और फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। वो एकदम तंग थी, उसकी चूत ने मेरे लंड को कसकर पकड़ लिया था। मैंने कुछ देर वैसे ही रुककर उसे ठीक होने का मौका दिया।
फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज-तेज। सोनाली की आवाजें बदलने लगीं – दर्द की जगह अब मजा आने लगा था।
“हां… अर्जुन… अब अच्छा लग रहा है… और तेज करो…” वो बोलने लगी।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। बेड की चरचराहट, हमारी सांसों की आवाज, और थप-थप की आवाज से पूरा कमरा भर गया था। मैं उसे पूरी तरह से चोद रहा था, भाभी चुदाई का असली मजा ले रहा था।
“ओह… मैं झड़ने वाली हूं… और… और तेज…” सोनाली चिल्लाई।
मैंने पूरी ताकत से धक्के लगाए और वो एकदम झड़ गई। उसकी चूत ने मेरे लंड को कसकर पकड़ लिया और मैं भी उसी के साथ झड़ गया। हम दोनों थककर बेड पर गिर पड़े।
वो मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “अर्जुन, यह मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव था।”
दोस्त सुर्भि और परुल का परिचय
सोनाली से मेरी मुलाकातें अक्सर होने लगीं। हर हफ्ते हम मिलते, प्यार करते, और एक-दूसरे की जरूरतें पूरी करते। लेकिन एक दिन सोनाली ने मुझे अपनी दो लाइफलॉन्ग बेस्ट फ्रेंड्स से मिलवाया – सुर्भि और परुल।
सुर्भि 25 साल की थी, शादीशुदा, और एकदम गोरी-चिट्टी। उसके होंठ मोटे थे और आंखें बड़ी-बड़ी। परुल 24 साल की थी, थोड़ी सांवली लेकिन बहुत सेक्सी फिगर वाली। दोनों ही शादीशुदा थीं और दोनों का ही अपने-अपने पतियों से अलग अफेयर चल रहा था।
हम चारों अक्सर साथ में घूमने जाते, डिनर पर जाते। धीरे-धीरे मैंने नोटिस किया कि परुल मुझ पर बार-बार लाइन मार रही थी। वो मुझे छूती, मेरे साथ फ्लर्ट करती, कभी-कभी तो अपने पैर मेरे पैरों पर रख देती।
एक दिन सोनाली ने मुझे बताया, “अर्जुन, परुल को तुम बहुत पसंद आए हो। वो मुझसे बार-बार तुम्हारे बारे में पूछती है।”
मैंने कहा, “सच में? लेकिन तुम्हें बुरा नहीं लगता?”
“नहीं, वो मेरी सबसे अच्छी दोस्त है। अगर वो खुश हो जाए तो मुझे भी खुशी होगी,” सोनाली ने कहा।
लेकिन समस्या यह थी कि सोनाली के कारण मैं परुल को नहीं छेड़ सकता था। अगर मैंने ऐसा किया और सोनाली को पता चल जाता, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। मैं परुल को चोदना तो चाहता था, लेकिन मौका ही नहीं मिल रहा था – ना मिल सकते थे अकेले में, ना ही चोद सकते थे।
देसी हॉट भाभी, भाभी चुदाई, भाभी बनी रंडी, हिंदी सेक्स स्टोरी, देसी भाभी की चुदाई, शादीशुदा भाभी अफेयर, फेसबुक से पटाई भाभी, कार में भाभी चुदाई, दोस्त की भाभी चुदाई, ग्रुप सेक्स स्टोरी हिंदी, रियल भाभी चुदाई, जवान भाभी की चुदाई, पड़ोसन भाभी सेक्स, इंडियन भाभी एक्स, भाभी की चूत चुदाई, भाभी को चोदा, हॉट भाभी एक्स, देसी रंडी भाभी, भाभी की गांड चुदाई, भाभी का ब्लोजॉब
पति को पता चला और नई योजना
इतने में सोनाली के पति को पता चल गया कि उसका अफेयर करन नाम के एक लड़के से चल रहा है। करन उसका ऑफिस का ही कोई सहकर्मी था जिसके साथ सोनाली का पहले से ही कुछ चल रहा था। उसके पति ने उसे धमकी दी कि अगर वो करन से नहीं ब्रेकअप करती, तो वो तलाक दे देगा और उसकी बदनामी कर देगा।
सोनाली घबरा गई। उसने मुझे फोन किया और रोते हुए सारी बात बताई।
“अर्जुन, मैं क्या करूं? अगर मेरे पति को हमारे बारे में भी पता चल गया तो…” वो रो रही थी।
मैंने उसे समझाया, “सुनो सोनाली, मुझे एक प्लान आया है। तुम्हें करन से पहले ब्रेकअप करना ही पड़ेगा। लेकिन इसके लिए तुम्हें उसे दिखाना होगा कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो।”
“कैसे?” उसने पूछा।
“हम एक प्लान बनाएंगे। तुम मुझे अपने पति को दिखाओगी कि मैं तुम्हारा नया बॉयफ्रेंड हूं, करन से तुम्हें कोई लेना-देना नहीं। इस बहाने हम अक्सर मिल सकेंगे और… मुझे तुम्हारी दोस्त परुल के करीब जाने का मौका मिलेगा,” मैंने अपनी असली मंशा बताई।
सोनाली थोड़ी देर सोचती रही, फिर बोली, “ठीक है, लेकिन परुल को तुम सिर्फ इसलिए इस्तेमाल नहीं करोगे ना? उसे भी खुश रखना।”
“वादा करता हूं,” मैंने कहा।
भाभी बनी रंडी – कार में चुदाई
अगले हफ्ते सोनाली ने अपने पति को बताया कि वो मुझसे मिलने जा रही है – अपने नए बॉयफ्रेंड से। उसके पति ने उसे फॉलो किया। जैसा कि प्लान था, मैं अपनी कार में उसके घर के बाहर खड़ा था। सोनाली आई और मैंने उसे गले लगाया, उसके गाल पर किस किया – सब कुछ उसके पति को दिखाने के लिए।
फिर मैंने कार चलाई और उसे एक सुनसान जगह ले गया – शहर के बाहर एक पुराना फैक्ट्री एरिया जहां शाम को कोई नहीं आता था। कार रोकी और मैंने पीछे की सीट पर आकर उसे चूमना शुरू कर दिया।
“अर्जुन, यहां कोई आ तो नहीं जाएगा?” सोनाली घबरा रही थी।
“कोई नहीं आएगा, बेबी। आज तुम मेरी पूरी तरह से हो,” मैंने कहा और उसके होठों पर अपने होठ रख दिए।
वो पहले तो मना करने लगी, “नहीं अर्जुन, यहां नहीं… कोई देख लेगा…”
लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा। मैं उसे जोर-जोर से चूम रहा था, उसके गालों पर, गले पर, कानों पर किस कर रहा था। उसकी सांसें तेज हो गईं, उसका शरीर गर्म होने लगा।
“अर्जुन… प्लीज… रुको…” वो कमजोर हो रही थी।
मैंने उसकी कमीज उठाई और उसके बूब्स दबाने लगा। वो “आह… आह…” की आवाजें निकालने लगी। फिर मैंने नीचे हाथ बढ़ाया और उसकी सलवार में हाथ डाल दिया। उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी।
“देखो, तुम्हें भी मजा आ रहा है,” मैंने कहा।
थोड़ी नाटक करने के बाद, वो ज्यादा एक्साइटेड हो गई। उसने खुद मेरे पैंट की जिप खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। वो उसे हिलाने लगी, फिर झुककर मुंह में ले लिया।
“ओह सोनाली… क्या कर रही हो…” मैंने आंखें बंद कर लीं।
वो मेरे लंड को चूस रही थी, जीभ से उसे चाट रही थी, मुंह में पूरा लेकर चूस रही थी। मैं तो स्वर्ग में पहुंच गया था। यह भाभी बनी रंडी – क्या मजा दे रही थी!
फिर उसने अपनी सलवार और पैंटी उतार दी। कार की पीछे की सीट पर ही वो मेरे ऊपर बैठ गई और अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया। वो ऊपर-नीचे उछलने लगी, अपनी कमर हिला रही थी।
“आह… अर्जुन… यह बहुत अच्छा है… कार में चुदने का अलग ही मजा है…” वो चीख रही थी।
मैंने उसके बूब्स पकड़े और नीचे से धक्के मारने लगा। कार हिल रही थी, हमारी आवाजें गूंज रही थीं। वो पूरी तरह से वेश्या बन चुकी थी – कोई शर्म नहीं, कोई हिचकिचाहट नहीं, सिर्फ चुदाई का मजा ले रही थी।
“और तेज… और… मैं झड़ने वाली हूं…” वो चिल्लाई।
मैंने पूरी ताकत से धक्के लगाए और वो झड़ गई। उसके बाद मैंने भी अपना माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया। हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।
परुल को पटाना
इस घटना के बाद सोनाली के पति को यकीन हो गया कि करन से तो उसका कोई लेना-देना नहीं, बल्कि अब वो मुझसे अफेयर कर रही है। उन्होंने करन से ब्रेकअप करवा दिया। लेकिन अब असली मिशन शुरू हुआ – परुल को पटाना।
एक दिन सोनाली ने मुझे तीनों को डिनर पर बुलाया। हम एक रेस्टोरेंट में बैठे थे। परुल आज कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही थी – उसने एक गहरे गले का टॉप पहना था जिससे उसके क्लीवेज का हल्का झलक मिल रहा था।
डिनर के बाद, सोनाली ने जानबूझकर कहा, “अर्जुन, तुम परुल को घर छोड़ दो ना। उसका घर तुम्हारे रास्ते में ही है।”
यह मेरे लिए सुनहरा मौका था। मैं और परुल अकेले मेरी कार में थे। रास्ते में मैंने एक सुनसान जगह पर कार रोकी।
“क्या हुआ?” परुल ने पूछा।
“परुल, मुझे पता है कि तुम मुझे पसंद करती हो,” मैंने सीधे मुद्दे पर आते हुए कहा।
वो शर्मा गई, “अर्जुन, यह क्या बोल रहे हो… मैं शादीशुदा हूं…”
“और सोनाली भी शादीशुदा थी। लेकिन हम दोनों खुश हैं। तुम भी खुश हो सकती हो,” मैंने उसके हाथ पर हाथ रखा।
वो कुछ नहीं बोली। मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ किया और उसके होठों पर किस कर दिया। वो पहले तो झिझकी, लेकिन फिर वो भी मेरे साथ हो गई। हम दोनों कार में एक-दूसरे को चूम रहे थे।
“अर्जुन, मुझे डर लग रहा है… अगर किसी ने देख लिया…” वो कांप रही थी।
“कोई नहीं देखेगा, ट्रस्ट मी,” मैंने कहा और उसके टॉप के बटन खोलने लगा।
उसके बूब्स बहुत बड़े थे, 34D साइज के। मैंने उन्हें अपने हाथों में ले लिया और चूसने लगा। वो “आह… हां…” की आवाजें निकाल रही थी। फिर मैंने उसकी जींस का बटन खोला और हाथ अंदर डाल दिया।
उसकी चूत पूरी गीली थी। मैंने उंगली अंदर डाली और वो एकदम से उछल पड़ी।
“ओह गॉड… अर्जुन… यह…” वो बोल नहीं पा रही थी।
मैंने उसकी जींस और पैंटी उतार दी। कार की पीछे की सीट पर उसे लिटाया और अपना लंड बाहर निकाला। वो उसे देखकर चौंक गई।
“यह तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा…” वो डर गई।
“पहली बार में थोड़ा दर्द होता है, फिर मजा आता है,” मैंने कहा और अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखा।
धीरे-धीरे अंदर डाला। वो दर्द से कराह उठी, अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए। लेकिन जैसे-जैसे मैं धक्के लगाने लगा, उसका दर्द कम होकर मजा बढ़ने लगा।
“हां… अब अच्छा लग रहा है… और तेज करो…” वो बोलने लगी।
मैंने उसे पूरी तरह से चोदा। कार की खिड़कियों पर धुंध लग गई थी, हमारी सांसों की आवाजें गूंज रही थीं। परुल पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी – कोई शर्म नहीं, कोई हिचकिचाहट नहीं।
“मैं झड़ने वाली हूं… अर्जुन… और तेज…” वो चिल्लाई।
मैंने पूरी ताकत से धक्के लगाए और वो झड़ गई। मैंने भी अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया।
तीनों भाभियों का मजा
अब मैं तीनों भाभियों के साथ मजे ले रहा था – सोनाली, परुल, और सुर्भि। सुर्भि को भी मैंने उसी महीने पटा लिया था। वो तीनों एक-दूसरे को जानती थीं और कोई किसी से जलती नहीं थी। वो तीनों मेरी रंडियां बन चुकी थीं।
एक दिन हमने प्लान बनाया कि चारों एक साथ एक रिसॉर्ट में जाएंगे। हमने एक आलीशान रिसॉर्ट बुक किया जहां हम दो दिन रुके।
पहले दिन सोनाली ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। वो आज बेहद खूबसूरत लग रही थी – लाल रंग की लैंगरी में। मैंने उसे बेड पर पटक दिया और पूरी रात उसे चोदा। वो “भाभी चुदाई” का असली मजा ले रही थी।
दूसरे दिन सुबह परुल आई। उसने मुझे बाथरूम में पकड़ लिया जहां मैं नहा रहा था। वो भी नहाने लगी और हम दोनों शावर के नीचे चुदाई करने लगे। पानी की बौछार के नीचे चुदने का अलग ही मजा था।
शाम को सुर्भि ने मुझे बुलाया। वो बालकनी में बैठी थी। मैंने वहां ही उसे चोद दिया – खुली बालकनी में, हवा के झोंकों के साथ। वो पूरी तरह से वेश्या बन चुकी थी।
रात को तो हम चारों एक साथ एक कमरे में थे। मैं तीनों को एक-एक करके चोद रहा था। वो तीनों मेरी दासियां बन चुकी थीं – जो मैं कहता, वो करतीं। मैंने उन्हें एक-दूसरे को चूमने को कहा, एक-दूसरे की चूत चाटने को कहा। वो मेरी हर बात मान रही थीं।
“तुम तीनों मेरी रंडियां हो,” मैंने कहा।
“हां, हम तुम्हारी रंडियां हैं,” तीनों ने एक साथ कहा।
वो रात मैंने तीनों को कई बार चोदा। सुबह होने तक हम चारों थककर सो गए।
आज एक साल हो गया है इस सबको। सोनाली का तलाक हो चुका है और वो अब मेरे साथ रहती है। परुल और सुर्भि अपने पतियों के साथ तो रहती हैं, लेकिन हमसे मिलने हर हफ्ते आती हैं।
मैंने कभी नहीं सोचा था कि फेसबुक पर एक देसी हॉट भाभी को पटाने से मेरी जिंदगी इतनी रंगीन हो जाएगी। सोनाली आज भी मेरी प्यारी भाभी है, परुल और सुर्भि भी मेरी खास दोस्त बनी हुई हैं।
हम चारों अक्सक साथ में मजे करते हैं। कभी-कभी तो मैं तीनों को एक साथ चोदता हूं। वो तीनों भाभी बनी रंडी मेरी हर इच्छा पूरी करती हैं।
यह कहानी सिर्फ यह बताती है कि जिंदगी में अगर आप सही समय पर सही फैसला लें, तो आपको हर खुशी मिल सकती है। मैंने सोनाली को पटाया, उसकी दोस्तों को भी पटाया, और आज मैं तीनों देसी भाभियों का राजा हूं।
Comments (3)