
Bhabhi Ke Sath Sex Ka Pehla Sapna – Rahul Ki Bechaini
मेरा नाम राहुल है, और यह कहानी उस समय की है जब मैं 24 साल का जवान था। मेरी पड़ोस में रहने वाली भाभी, सुमन, जो 32 साल की थीं, मेरी जिंदगी का वो मोड़ थीं जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया। मैंने हमेशा सोचा था कि bhabhi k sath sex कैसा होता होगा, और यही सोच मुझे उनकी तरफ खींच रही थी।
सुमन भाभी का फिगर बस देखते ही बनता था – करीब 5’4″ की हाइट, गेहुएं रंग का रंग, और वो जो करवा बदन जो हर पुरुष की नज़रें चुरा लेता था। वो एक hot bhabi थीं, जिन्हें देखकर हर कोई मदहोश हो जाता। उनकी चालीस इंच की छाती, कमर जो शायद 32 इंच की होगी, और फिर वो 38 इंच का हिप – ये सब मेरे लिए रोज़ाना की तड़प बन गया था। वो जब भी साड़ी पहनती थीं, खासकर वो हल्के रंग की कॉटन की साड़ियां जो गर्मियों में उनकी त्वचा से चिपक जाती थीं, तो मेरा दिल धड़कने लगता था। मैंने कई बार bhabhi ki sex videos देखी थीं लेकिन वो असली bhabhi sexy अदाएं कुछ और ही थीं।
उनका चेहरा गोल था, गालों पर गहरे डिंपल, और वो लंबे काले बाल जो कभी खुले रहते थे, कभी बन में बंधे। उनकी आंखें काजल लगाने के बाद और भी कातिलाना लगती थीं। मैं उन्हें रोज़ाना देखता था – सुबह जब वो छत पर चाय पीती थीं, या शाम को जब वो बालकनी में खड़ी होकर बच्चों को बुलाती थीं। मैं सोचता था कि bhabhi ka sex असल में क्या अनुभव होता होगा।
मैंने उन्हें पटाने की ठान ली। लेकिन ये आसान नहीं था। सुमन भाभी बहुत रूढ़िवादी थीं, पति के प्रति बहुत वफादार, और मुझे हमेशा छोटे भाई की नज़र से देखती थीं। मुझे एक प्लान बनाना था जो उन्हें धीरे-धीरे मेरी तरफ खींचे। मेरा सपना था bhabhi k sath sex का, और मैं इसे पूरा करके रहना चाहता था।
Hot Bhabhi Suman Ko Patane Ki Koshish Aur Unka Inkaar
मैंने शुरुआत की छोटी-छोटी बातों से। जब भी मौका मिलता, मैं उनसे मज़ाक करता, कभी उनकी साड़ी की तारीफ करता, तो कभी कहता “भाभी आज बहुत सुंदर लग रही हैं।” शुरुआत में वो मेरी बातों पर गुस्सा करती थीं। वो नहीं जानती थीं कि मेरे मन में bhabhi k sath sex करने की लालसा पल रही है।
एक दिन मैंने उनसे कहा, “भाभी, आपकी साड़ी का पल्लू गिर रहा है,” जबकि वैसा कुछ नहीं था। उन्होंने मुझे गुस्से से देखा और कहा, “राहुल, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसी बात करने की? तुम मुझे अपनी भाभी मानते हो या कुछ और? अगर तुम्हारे भैया को पता चल गया तो?” उन्हें पता नहीं था कि मैं bhabhi k sath sex का सपना देख रहा हूं।
मैंने माफी मांगी लेकिन मन में ठान ली। अगले दिन फिर कोशिश की। मैंने उनके लिए एक गिफ्ट लाया – एक महंगी साड़ी। जब मैंने उन्हें दी, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। “मैं तुमसे कोई तोहफा नहीं लूंगी। समझे? तुम मेरे पड़ोसी हो, छोटे भाई जैसे, इससे ज्यादा कुछ नहीं।” वो bhabhi ki chudai की बात तो दूर, मेरी शक्ल तक नहीं देखना चाहती थीं।
वो मुझसे बात करना बंद कर देती थीं कई दिनों तक। जब भी मिलती, मुंह फेर लेतीं। मैंने सोचा, ये तो बहुत मुश्किल है। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैंने नया तरीका अपनाया – जरूरत के समय मदद करना। मेरा लक्ष्य था bhabhi k sath sex करना, चाहे कुछ भी हो जाए।
Nude Bhabhi Ki Photos Aur Blackmail – Bhabhi Ke Sath Sex Ka Jaal
एक दिन मैंने देखा कि उनके घर का पानी का मोटर खराब हो गया था। उनके पति ऑफिस गए हुए थे। मैंने मौके का फायदा उठाया और प्लंबर बुलवाने में मदद की। फिर उनके घर के कई काम किए – बिजली का काम, दरवाज़े का तेल लगाना, छत की सफाई। मैं सोचता था कि ये मेरी bhabhi k sath sex करने की योजना का हिस्सा है।
धीरे-धीरे उनका गुस्सा कम हुआ। वो मुझसे फिर बात करने लगीं। मैंने अपनी मासूमियत का नाटक जारी रखा – एक मददगार पड़ोसी जो बिना किसी लालच के मदद करता है। लेकिन मेरे मन में bhabhi k sath sex का ख्याल हर पल आ रहा था।
लेकिन मेरे मन में और ही प्लान था। मैंने उनके घर के बाथरूम की खिड़की की जगह का अध्ययन किया। वो बाथरूम जो दूसरी मंजिल पर था और जिसकी खिड़की से थोड़ा सा हिस्सा दिखता था। मैंने अपने फोन का कैमरा तैयार किया। मैं सोचता था कि अगर मुझे nude Bhabhi की तस्वीरें मिल जाएं तो मैं उन्हें ब्लैकमेल कर सकता हूं।
एक शाम, जब मुझे पता था कि वो नहाने जाएंगी, मैंने छत पर अपनी जगह बना ली। मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। जब उन्होंने कपड़े उतारे और शावर के नीचे खड़ी हुईं, मैंने अपने फोन से तस्वीरें खींचनी शुरू की। वो पानी के नीचे नहा रही थीं, उनका गीला बदन, उनकी गोलाइयां, वो सब कुछ जो मैंने सपने में देखा था, अब मेरी गैलरी में था। ये थी एक nude Bhabhi की असली तस्वीरें, जो मेरे bhabhi k sath sex के सपने को पूरा करने की कुंजी थीं।
Nude Photos Se Shuru Hua Bhabhi Ke Sath Sex
लेकिन मुझसे एक गलती हो गई। मैंने फ्लैश ऑन रखा हुआ था, और वो रोशनी उनकी आंखों में पड़ गई। उन्होंने झट से खिड़की की तरफ देखा और मुझे देख लिया। मेरे हाथ-पांव फूल गए। मैं वहां से भागा, लेकिन मुझे पता था कि अब बहुत बुरा होने वाला है। Bhabhi k sath sex का सपना अब सजा बन सकता था।
अगले दिन, मैं डरा हुआ था। मैंने सोचा वो पुलिस बुला लेंगी या मेरे घरवालों को बता देंगी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। शाम को, जब मैं घर वापस आया, तो सुमन भाभी मेरे घर के बाहर खड़ी थीं। उनके चेहरे पर एक अजीब मुस्कान थी – वो मुस्कान जो शायद शैतानी थी।
“राहुल, आओ थोड़ा अंदर चलो, तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी है,” उन्होंने कहा।
मैं कांपते हुए उनके साथ गया। जैसे ही हम उनके घर के अंदर पहुंचे, उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया और मुझे अपने फोन में वो तस्वीरें दिखाईं जो मैंने खींची थीं। ये nude Bhabhi की तस्वीरें अब मेरी मुसीबत बन गई थीं।
“तो ये है तुम्हारी असलियत? एक छी छिपकली जो औरतों की नहाती हुई तस्वीरें खींचता है?” उनकी आवाज़ में गुस्सा था लेकिन साथ ही कुछ और भी।
मैंने रोते हुए माफी मांगी, “भाभी प्लीज, मुझे माफ कर दो, मैं पागल हो गया था आपकी खूबसूरती देखकर।”
“माफी? तुम्हें तो जेल होनी चाहिए। लेकिन मैं तुम्हें एक मौका देती हूं। तुम मेरी एक शर्त मानोगे, तो मैं ये बात किसी को नहीं बताऊंगी।”
मैंने तुरंत हां कर दी। मुझे लगा कि शायद bhabhi k sath sex का सपना अब पूरा होगा।
“ठीक है, तुम मेरे गुलाम बनोगे। एक साल तक। जो मैं कहूंगी, वो तुम करोगे। अगर एक बार भी मना किया, तो ये तस्वीरें तुम्हारे घरवालों के पास, तुम्हारे ऑफिस में, हर जगह पहुंच जाएंगी।”
मैं समझ गया कि मैं उनके जाल में फंस गया हूं। लेकिन मेरे लिए ये सजा नहीं, एक मौका था। Bhabhi k sath sex का मौका।
Ek Saal Ki Gulami Mein Bhabhi Ke Sath Sex Ki Shuruaat
उस रात से मेरी नई जिंदगी शुरू हुई। सुमन भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया। उनके पति एक हफ्ते के लिए बाहर गए हुए थे। उन्होंने मुझे आदेश दिया कि मैं उनके लिए खाना बनाऊं, उनके कपड़े धोऊं, और उनकी हर इच्छा का पालन करूं। मैं समझ गया था कि ये bhabhi k sath sex की शुरुआत है।
मैंने सब कुछ किया। रात को, जब मैं उनका पैर दबा रहा था, उन्होंने अचानक अपना पैर मेरे प्राइवेट पार्ट पर रख दिया। मैं चौंक गया। Bhabhi k sath sex का पहला अनुभव शायद शुरू हो रहा था।
“क्या हुआ? तुमने कभी औरत को छुआ नहीं है?” उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा।
“नहीं भाभी,” मैंने कांपते हुए कहा।
“आज सीखोगे।”
उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। मैं उनके आगे निर्वस्त्र खड़ा था, शर्म से लाल। उन्होंने मेरे शरीर को अपने हाथों से टटोला, मेरी छाती पर अपने नाखून चलाए, और फिर नीचे हाथ बढ़ाया। यह था असली bhabhi ke sath sex का आगाज़।
“काफी बड़ा है तुम्हारा, पता नहीं इस्तेमाल आता भी है या नहीं,” उन्होंने मज़ाक में कहा।
फिर उन्होंने मुझे बेडरूम में ले जाया। वो बिस्तर पर लेट गईं और मुझे अपने ऊपर आने का इशारा किया। लेकिन उससे पहले, उन्होंने कहा, “पहले मुझे खुश करो। मेरे पैर चूमो, फिर ऊपर आते जाओ।”
मैंने उनके पैर चूमे, फिर टांगें, फिर जांघें। उनकी साड़ी अब ऊपर सरक चुकी थी। मैंने उनकी जांघों पर किस किया, फिर उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी योनि को चूमा। उन्होंने आहें भरनी शुरू कर दीं। Bhabhi k sath sex का ये अनुभव मुझे पागल कर रहा था।
“अंदर जाओ, जीभ से,” उन्होंने आदेश दिया।
मैंने उनकी पैंटी हटाई और पहली बार एक औरत की योनि को करीब से देखा। गुलाबी, गीली, और खुशबूदार। मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और उनकी चूत पर लगाई। वो अपनी कमर हिलाने लगीं। मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया, जीभ को अंदर-बाहर करता, क्लिटोरिस को चूसता। वो जोर-जोर से आहें भर रही थीं, अपने बालों को पकड़े हुए थीं। Bhabhi k sath sex का ये पहला अनुभव मुझे पूरी तरह बदल रहा था।
“ऐसे ही, और तेज़, और गहरा,” वो चिल्ला रही थीं।
मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली डाली और चूसना जारी रखा। करीब बीस मिनट तक मैंने उन्हें ऐसे ही चोदा अपनी जीभ से, जब तक कि वो झड़ नहीं गईं। उनका पूरा शरीर कांप रहा था, उनकी चूत से रस बह रहा था।
Pehli Baar Bhabhi Ki Chudai – Bachchon Ke Saath Khatarnak Khel
अब उन्होंने मुझे ऊपर आने का इशारा किया। मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा। वो गीली थी, तैयार थी। मैंने एक जोरदार धक्का दिया और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया। वो चीख उठीं। यह थी bhabhi ki chudai की शुरुआत।
“धीरे, पागल! पहले धीरे-धीरे करो,” उन्होंने कहा।
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। उनकी चूत बहुत टाइट थी, गर्म थी, और बहुत गीली। मैं उनके ऊपर लेटा हुआ था, उनकी चूचियों को अपने हाथों में लिए हुए, उन्हें मसल रहा था। वो अपनी कमर उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थीं। Bhabhi k sath sex का ये एहसास स्वर्ग से कम नहीं था।
“और जोर से, राहुल, और तेज़,” वो कराह रही थीं।
मैंने स्पीड बढ़ा दी। अब मैं उन्हें जोर-जोर से चोद रहा था। बिस्तर की चरचराहट, हमारी सांसों की आवाज़, और थप-थप की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। Bhabhi ki chudai का ये दृश्य मैं कभी नहीं भूल सकता।
अचानक मुझे बाहर से बच्चों की आवाज़ आई। उनके दो बच्चे थे, एक 8 साल का और एक 6 साल की। वो छत पर पतंग उड़ा रहे थे। सुमन भाभी ने मुझे रुकने का इशारा किया और खिड़की से बाहर चिल्लाया, “अरुण, रोहन, पतंग अच्छे से पकड़ना, डोर काट मत जाने देना।”
फिर वो मेरी तरफ मुड़ीं और कहा, “चलो जारी रखो, लेकिन धीरे-धीरे, बच्चों को पता नहीं चलना चाहिए।”
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। ये एक अलग ही एक्सपीरियंस था – अंदर मैं उनकी चूत में था, बाहर उनके बच्चे खेल रहे थे। मैं उनकी डोर बना हुआ था, जो उन्हें ऊंचाइयों पर ले जा रहा था, जबकि उनके बच्चे असली पतंग उड़ा रहे थे। Bhabhi k sath sex का ये खतरनाक खेल मुझे उत्तेजित कर रहा था।
“तुम मेरी डोर हो राहुल, मुझे ऊपर ले जाओ,” वो धीरे से कह रही थीं।
मैंने उनकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और गहरे धक्के लगाने शुरू किए। वो अपना मुंह तकिये में दबाए हुए थीं ताकि उनकी आवाज़ बाहर न जाए। मैं उन्हें पूरी तरह से चोद रहा था, उनकी चूत में अपना लंड पूरी तरह से अंदर-बाहर कर रहा था। Bhabhi k sath sex का ये अनुभव मेरी यादों में हमेशा के लिए बस गया।
करीब आधे घंटे तक ये सिलसिला चला। फिर जब मैं झड़ने वाला था, उन्होंने कहा, “अंदर मत छोड़ना, बाहर निकालो।”
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनके पेट पर अपना वीर्य छोड़ दिया। वो गर्म, गाढ़ा तरल उनके पेट पर फैल गया। वो मुस्कुरा रही थीं, संतुष्ट थीं। Bhabhi k sath sex का ये पहला दिन अविस्मरणीय था।
Rozana Bhabhi Ke Sath Sex – Har Position Aur Har Jagah
उस रात के बाद, मेरी एक साल की गुलामी शुरू हुई। सुमन भाभी ने मुझे अपने घर में एक छोटे से कमरे में रखा। मैं उनके लिए सब कुछ करता – खाना बनाता, कपड़े धोता, घर की सफाई करता, और रात को उनकी सेक्सुअल जरूरतें पूरी करता। हर रात bhabhi k sath sex करना मेरा काम बन गया था।
वो मुझ पर पूरी तरह से हावी थीं। जब मन करता, मुझे बुलातीं और मुझे अपनी चूत चटवातीं। कभी-कभी वो मुझे घंटों तक चटाती रहतीं, जब तक कि वो तीन-चार बार झड़ नहीं जातीं। फिर मुझे अपने ऊपर चढ़ने देतीं और मुझे चोदने देतीं। Bhabhi k sath sex का ये सिलसिला रोजाना चलता था।
वो बहुत एक्सपीरियंस्ड थीं। उन्होंने मुझे हर तरह की सेक्स पोजीशन सिखाई – डॉगी स्टाइल में उनकी गांड मारना, 69 पोजीशन में एक-दूसरे को चूसना, वो मेरे ऊपर बैठकर मुझे चोदना, स्टैंडिंग पोजीशन में दीवार के सहारे चोदना। हर तरह से bhabhi k sath sex करना मैंने सीख लिया।
एक बार उन्होंने मुझे अपनी गांड भी मारने दी। वो बहुत टाइट थी, दर्द हो रहा था मुझे भी और उन्हें भी, लेकिन वो चिल्लाती रहीं, “और जोर से, पूरी तरह से अंदर डालो।” Bhabhi k sath sex का ये नया अनुभव और भी रोमांचक था।
उस एक साल में मैंने हर तरह की चुदाई की। जब उनके पति ऑफिस जाते, मैं उन्हें चोदता। जब बच्चे स्कूल जाते, हम पूरे घर में नंगे घूमते और हर कोने में चुदाई करते। किचन में खड़े-खड़े, बाथरूम में नहाते समय, बालकनी में, हर जगह bhabhi k sath sex होता था।
वो मुझे अपने कपड़े भी पहनातीं कभी-कभी। उनकी ब्रा, पैंटी, साड़ी, ब्लाउज – मैं सब पहनकर उनके सामने खड़ा होता और वो हंसतीं। फिर वो मुझे खुद उतारतीं और चुदाई शुरू करतीं। Bhabhi k sath sex के ये खेल मुझे पागल कर देते थे।
15 August – Bhabhi Ke Sath Sex Ki Aakhri Raat Aur Azaadi
एक साल बीत गया। 14 अगस्त की रात, सुमन भाभी ने मुझे अपने पास बुलाया। उनके चेहरे पर एक अलग भाव था। मैं समझ गया कि यह bhabhi k sath sex का आखिरी दिन हो सकता है।
“कल 15 अगस्त है, स्वतंत्रता दिवस। और कल तुम्हें आज़ादी मिलेगी मुझसे,” उन्होंने कहा।
मेरे दिल में एक अजीब सा दर्द हुआ। एक साल की गुलामी में मैं उनकी आदत का गुलाम बन चुका था। लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा। Bhabhi k sath sex की यादें मेरे दिल में हमेशा रहेंगी।
उस रात उन्होंने मुझसे बहुत प्यार किया। वो मुझे अपनी बाहों में भरकर सोईं, मेरे बालों में हाथ फेरते हुए, मेरे होठों पर किस करती हुई। हमने रात भर चुदाई की, जैसे कल दुनिया खत्म होने वाली हो। आखिरी बार bhabhi k sath sex करने का ये एहसास मीठा भी था और दर्दनाक भी।
15 अगस्त की सुबह, उन्होंने मुझे नहलाया, मेरे कपड़े तैयार किए, और मुझे गले लगाया।
“जा सकते हो राहुल। तुम्हारी सज़ा पूरी हुई। तुम्हारी तस्वीरें मैंने डिलीट कर दी हैं। लेकिन याद रखना, जो एक साल हुआ, वो हमारे बीच ही रहेगा।”
मैंने उनके पैर छुए, और अपने घर चला गया। Bhabhi k sath sex का ये सफर यहीं समाप्त हुआ।
5 Saal Baad Bhi Yaad Aati Hai Bhabhi Ke Sath Sex Ki Woh Yaadein
आज 5 साल बीत चुके हैं। मैं शादीशुदा हूं, दो बच्चों का बाप हूं। लेकिन हर 15 अगस्त को, जब पूरा देश आज़ादी का जश्न मनाता है, मुझे वो अलग ही आज़ादी याद आती है। Bhabhi k sath sex की यादें आज भी मुझे रोमांचित करती हैं।
वो आज़ादी जो एक गुलामी के बाद मिली थी। वो आज़ादी जो मुझे एक औरत ने दी थी जिसने मुझे सब कुछ सिखाया। मैं आज भी कभी-कभी सुमन भाभी को देखता हूं – वो अब थोड़ी बूढ़ी हो गई हैं, लेकिन उनकी वो आंखें आज भी वैसी ही कातिलाना हैं। वो अभी भी hot bhabi ही लगती हैं।
जब हम कभी गलियों में मिलते हैं, तो एक अजीब सी मुस्कान आ जाती है हमारे चेहरों पर। वो मुस्कान जो सिर्फ हम दोनों को पता है किस बात की है। Bhabhi k sath sex के वो दिन कभी नहीं भूलते।
उस एक साल ने मुझे एक पुरुष बनाया। मैंने सीखा कि एक औरत की खुशी कैसे करनी है, उसकी बॉडी को कैसे समझना है, उसकी जरूरतों को कैसे पूरा करना है। और हां, हर 15 अगस्त को, जब बच्चे पतंग उड़ाते हैं, मुझे वो दिन याद आता है जब मैं एक डोर बनकर एक औरत को ऊंचाइयों पर ले गया था, जबकि उसके बच्चे असली पतंग उड़ा रहे थे।
ये थी मेरी आज़ादी की कहानी – एक ऐसी आज़ादी जो एक साल की कड़ी गुलामी के बाद मिली थी, और जो आज भी मेरे दिल में ताज़ा है। Bhabhi k sath sex की यादें हमेशा रहेंगी।
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