
मेरा नाम कविता है। उम्र बत्तीस साल। शादी को सात साल हो चुके हैं। मैं और मेरे पति राहुल एक साधारण सोसाइटी में रहते हैं। राहुल का ऑफिस का सबसे करीबी दोस्त अमन भी उसी सोसाइटी में रहता है। दोनों की दोस्ती इतनी गहरी है कि घर-घर आना-जाना लगा रहता है। अमन हैंडसम है, अच्छी बॉडी वाला और हमेशा हंसी-मजाक करता रहता है। कभी-कभी मजाक में मुझे छेड़ भी देता है। एक दिन जब मैंने थोड़ी सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी, तभी bhabhi sex की वो कहानी शुरू हुई जो मेरी जिंदगी बदल गई। उस दिन से पहले मैं सिर्फ पत्नी थी, उसके बाद कुछ और भी बन गई।
किचन में पहली छेड़छाड़
एक शाम अमन ऑफिस के काम से हमारे घर आया। राहुल फोन पर किसी जरूरी बात में बिजी था। मैं किचन में चाय बना रही थी। हल्की सी खुशबू आ रही थी इलायची की। अमन अंदर आया और मुझे ऊपर से नीचे तक देखा। बोला, “आज तुम बहुत हॉट लग रही हो कविता।” उसकी आवाज में वो बात थी जो पहले कभी नहीं सुनी थी। उसने मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया। मैं घबराई, “बाहर राहुल बैठे हैं।” उसने बाहर जाकर देखा और फिर वापस आकर मुझे बाहों में कस लिया। उसकी सांसें गर्म थीं। थोड़ी देर चुंबन चले। मेरी सांसें फूलने लगीं। फिर वह बाहर चला गया। मन में हलचल रह गई। रात भर नींद नहीं आई। Bhabhi k sath sex की इच्छा पहली बार इतनी साफ जागी थी।
मूवी नाइट और ब्लैंकेट के नीचे खेल
कुछ दिन बाद अमन की पत्नी इमरजेंसी में गांव चली गई। रात को अमन खाने पर आया। हम तीनों ब्लैंकेट में बैठकर मूवी देख रहे थे। राहुल ड्रिंक कर रहा था और धीरे-धीरे नशे में डूब रहा था। अमन ने इशारे से मुझे पास बुलाया। राहुल आगे बैठा था, आंखें स्क्रीन पर। अमन ने ब्लैंकेट में हाथ डालकर मेरी जांघों पर हाथ फेरना शुरू किया। उंगलियां धीरे-धीरे ऊपर बढ़ रही थीं। मैंने आंखों से मना किया, पर वह नहीं माना। उसका हाथ सलवार के ऊपर से मेरी चूत पर पहुंच गया। गर्मी फैल गई। फिर नाड़ा खोलकर पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया। उसकी उंगलियां गीली जगह पर घूमने लगीं। उसने मेरा हाथ पकड़कर अपना लंड बाहर निकाला। वह टाइट, गर्म और काफी बड़ा था। मैं ऊपर से मना कर रही थी, अंदर से पानी निकल रहा था। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।
राहुल पीते-पीते सो गया। बच्चों को भी नींद आ चुकी थी। अमन ने धीरे से कहा, “चलो बेडरूम में।” मैं डर रही थी कि कहीं राहुल उठ न जाए, पर शरीर मानने को तैयार नहीं था। उठकर बेडरूम में गए। उसने दरवाजा लॉक किया और मुझे दीवार से सटाकर चूमने लगा। जीभ से जीभ मिल गई। कपड़े जल्दी-जल्दी उतरने लगे।
बेडरूम में Nude Bhabhi बनना
अमन ने जल्दी से अपना पजामा और टी-शर्ट उतार दी। मेरी सलवार और पिंक नेट पैंटी भी उतार दी। उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और पैंटी के ऊपर से चूत चाटने लगा। जीभ की गर्माहट से शरीर कांप उठा। फिर 69 पोजीशन में उसका लंड मेरे मुंह में आ गया और मेरी चूत उसके मुंह में। पानी बहने लगा। उसने ब्रा उतार दी और निप्पल्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। दांत हल्के से काट रहा था। फिर टांगें फैलाकर लंड चूत पर रखकर जोर से धक्का मारा। पूरा अंदर चला गया। फच-फच की आवाज आने लगी। बिस्तर चरमरा रहा था। हम दोनों पागलों की तरह कर रहे थे। मैं दो बार झड़ चुकी थी जब उसने कहा कि वह भी झड़ने वाला है। मैंने हांफते हुए कहा अंदर ही छोड़ दो। उसने जोर का धक्का मारकर भरा दिया। गर्म पानी अंदर फैल गया। Bhabhi ki chudai यानी मेरी वो पहली रात बहुत यादगार रही। शरीर में सुन्नता छा गई थी।
थोड़ी देर लेटे रहे। एक-दूसरे को देखते रहे। फिर कपड़े पहनकर बाहर आए। राहुल अभी भी सोया था। खाना खाते समय भी अमन का हाथ ब्लैंकेट में मेरी चूत पर था। उंगलियां धीरे-धीरे खेल रही थीं। राहुल सोने चला गया। मैंने बेडरूम लॉक किया और वापस अमन के पास आ गई। दिल फिर से जोर से धड़कने लगा।
दूसरी राउंड और जोरदार मजा
अमन पहले से नंगा था। कमरे में हल्की रोशनी थी। मैंने सलवार-कमीज उतार दी। व्हाइट नेट ब्रा-पैंटी में खड़ी थी। उसने ब्रा खोली, निप्पल्स चूसे और दोनों हाथों से दबाया। मैंने लंड हाथ में लेकर आगे-पीछे करना शुरू किया। वह और सख्त हो गया। फिर पैंटी उतारकर चूत चाटी। पानी बेडशीट पर गिर रहा था। लंड अंदर डालकर जोर-जोर से धक्के मारे। “आह… जानू… और तेज…” मैं कराह रही थी। तकिया मुंह पर दबा रखा था ताकि आवाज बाहर न जाए। दोनों एक साथ झड़ गए। उसने फिर अंदर पानी डाला। कमरे में खुशबू फैल गई। अमन ने कहा “bhabhi sex का मजा अब और बढ़ रहा है”। शरीर थक चुका था पर मन और चाह रहा था।
बाद में मैंने नाइट सूट पहना, बिना ब्रा-पैंटी के। अमन भी रुक गया क्योंकि अगले दिन दोनों की छुट्टी थी। रात बारह बजे फिर से खेल शुरू हो गया। उसने नाइट सूट के अंदर हाथ डाला। उंगलियां घूमने लगीं। लंड तैयार हो गया। मैंने मुंह में लेकर चूसा। गहराई तक ले गई। फिर गोद में बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसने घोड़ी बनाकर पीछे से धक्के मारे। फच-फच की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। मैं दो बार और झड़ी। अंत में सीधा लिटाकर जोरदार चुदाई के बाद फिर अंदर छोड़ दिया।अमन ने कहा “bhabhi apke sath sex का ये अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था”। पसीने से शरीर चमक रहा था।
सुबह और आगे की बात
अमन घर चला गया। मैंने सब साफ किया, बेडशीट बदली और सो गई। अगले दिन जब मिले तो आंखों में बात हो गई। मुस्कान में वो राज छिपा था। अब जब भी मौका मिलता है, हम मिलते रहते हैं। कभी किचन में जल्दी-जल्दी चुंबन और स्पर्श, कभी जब राहुल ऑफिस में होता है तो पूरा एक-डेढ़ घंटा निकाल लेते हैं। Hot sexy bhabi वाली फीलिंग अब रोजाना महसूस होती है। आईने में खुद को देखती हूं तो लगता है शरीर पहले से ज्यादा आकर्षक हो गया है।
एक बार तो दिन में भी मौका मिला। राहुल अचानक ऑफिस से लेट हो गया था। अमन घर आ गया। हमने लिविंग रूम के सोफे पर ही जल्दी-जल्दी कर लिया। डर के मारे आवाज नहीं निकाल पाई, पर मजा कम नहीं हुआ। कपड़े आधे उतारे, आधे पहने रहे। Sexy bhabhi लगने का अहसास और बढ़ गया। उस दिन के बाद हिम्मत और बढ़ गई।
अब ये रिश्ता सिर्फ शरीर तक नहीं रहा। कभी-कभी बातें भी हो जाती हैं। अमन कहता है कि वह मुझे चाहता है, सिर्फ शरीर नहीं। मैं कुछ जवाब नहीं देती, बस मुस्कुरा देती हूं। पति को अब तक कुछ पता नहीं चला। हम दोनों बहुत सावधान रहते हैं। फोन पर भी सिर्फ जरूरी बात।
यादें और आगे की चाह
रातें बीतती हैं तो अमन की याद आती है। उसका मजबूत शरीर, उसका गहरा चुंबन, उसके धक्के, उसकी सांसें… सब याद करके खुद को संतुष्ट कर लेती हूं। कभी-कभी लगता है कि bhabhi ki sex videos जैसी कोई रिकॉर्डिंग होती तो यादें और ताजा रहतीं, पर खतरा बहुत है। इसलिए सिर्फ यादों में जीती हूं।
ये कहानी सिर्फ एक रात की नहीं, कई रातों की है। हर बार कुछ नया होता है। कभी धीरे-धीरे प्यार भरा स्पर्श, कभी जोरदार और जल्दी खत्म होने वाला। हर बार शरीर नया अनुभव देता है। कभी लगता है सब छोड़ दूं, पर जब अमन आता है तो फिर से वही आग लग जाती है।
अगर तुम्हें भी ऐसी कहानियां पसंद हैं तो बताना। नई-नई बातें लिखती रहूंगी। Bhabhi Sex की दुनिया में और भी बहुत कुछ बाकी है। अगली बार कोई नया मौका या नया अंदाज जरूर लिखूंगी।
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