
अकेलेपन की रात
मुंबई के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में स्थित “टेक्नोवर्क सॉल्यूशंस” का ऑफिस आधी रात को एकदम खामोश था। 24वीं मंजिल पर, प्रिया शर्मा अपनी डेस्क पर झुकी हुई थी। उसके कंधे दर्द कर रहे थे, आंखें सूज रही थीं, लेकिन कल का प्रेजेंटेशन अभी भी आधा अधूरा था। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
“फक, यह कभी खत्म नहीं होगा,” वह अपने बालों को पीछे करते हुए बड़बड़ाई।
तभी लिफ्ट की खुश्क खुश्क आवाज आई। प्रिया ने पीछे मुड़कर देखा। अर्जुन राठौर, 35 साल के, छह फीट का कद, गहरे रंग का सूट, और वो आंखें जो किसी भी औरत को घायल कर दें। वह कंपनी के डायरेक्टर थे, और आज रात वह यहां अकेले थे।
“प्रिया? तुम अभी यहाँ?” अर्जुन की आवाज में हैरानी थी, लेकिन एक गर्माहट भी।
“सर, वो प्रेजेंटेशन…” प्रिया ने हकलाते हुए कहा।
अर्जुन ने अपनी जैकेट उतारी। “मैं भी यहीं फंसा हूं। कुछ फाइल्स लेने आया था, लेकिन लगता है मुझे भी रुकना पड़ेगा।”
यह ऑफिस रोमांस की कहानी की शुरुआत थी, जो धीरे-धीरे देर रात ऑफिस में ओवरटाइम के दौरान रोमांस में बदलने वाली थी।
प्रिया ने आज ऑफिस के लिए एक सफेद रंग की सिल्क की शर्ट पहनी थी, जो उसके शरीर पर इस तरह चिपकी हुई थी जैसे दूसरी त्वचा हो। शर्ट थोड़ी टाइट थी, उसके ब्रा की पट्टियां हल्की-हल्की उभर रही थीं। कॉलर थोड़ा खुला था, जिससे उसका गोरा गला और ऊपर का हिस्सा दिखाई दे रहा था। शर्ट के बटन ठीक से बंद थे, लेकिन उसके सीने के कारण तीसरे-चौथे बटन के बीच थोड़ा तनाव था, हल्की सी खिड़की बनी हुई थी जिससे उसकी क्लीवेज की एक झलक मिलती थी।
नीचे उसने एक काली रंग की पेंसिल स्कर्ट पहनी थी, जो उसकी जांघों से थोड़ा ऊपर घुटनों तक आती थी। स्कर्ट इतनी टाइट थी कि जब वह चलती थी तो उसकी गोल गांड की आकृति साफ दिखती थी। स्कर्ट की कमरबंद उसकी पतली कमर को और भी छोटा दिखा रही थी। पीछे से देखने पर स्कर्ट उसकी गांड की दोनों गोलाइयों को बिल्कुल साफ बता रही थी, कोई झुर्रियां नहीं, बिल्कुल चिपकी हुई।
पैरों में उसने काले रंग की हाई हील्स पहनी थीं, जिससे उसकी जांघें और भी मांसल दिख रही थीं और चलते समय उसकी गांड हल्की-हल्की उपर-नीचे उछलती थी। ऊपर से उसने अपने बालों को एक ऊंची पोनीटेल में बांधा था, जिससे उसका गोरा गर्दन और कंधे खुले दिख रहे थे।
प्रिया का फिगर:
ऊपर का हिस्सा: प्रिया की उम्र लगभग 26-27 साल की है और उसका फिगर लगभग 34-26-36 का है। उसके स्तन मध्यम आकार के हैं, लेकिन बहुत सुडौल और उभरे हुए। सिल्क की शर्ट में उनकी आकृति साफ दिख रही थी – गोल, मजबूत, और एक-दूसरे से थोड़ा दूर, जैसे दो पहाड़ियां हों। निप्पल्स शर्ट पर हल्के से उभरे हुए थे, छोटे और कड़े, जैसे अंगूर के दाने हों।
कमर: उसकी कमर बहुत पतली है, लगभग 26 इंच की। स्कर्ट की कमरबंद उसकी कमर को कसकर पकड़े हुए थी, जिससे उसका पेट अंदर दिख रहा था और कमर की हड्डी थोड़ी बाहर उभरी हुई थी। पतली कमर और ऊपरी हिस्से के बीच का अंतर बहुत सेक्सी लग रहा था।
निचला हिस्सा: प्रिया की गांड उसके फिगर का सबसे आकर्षक हिस्सा है – गोल, मांसल, लेकिन सख्त। स्कर्ट में वह बिल्कुल सही आकार में दिख रही थी, दोनों गाल बराबर उभरे हुए, चलते समय थोड़ा हिलते हुए लेकिन सख्त। जांघें मुलायम हैं, गोरी, हाई हील्स पहनने के कारण थोड़ी मांसल दिख रही थीं।
चेहरा और त्वचा: उसका चेहरा दिल के आकार का है, गाल थोड़े भरे हुए, होंठ गुलाबी और मोटे। आंखें बड़ी-बड़ी, काजल लगा हुआ है जो ओवरटाइम के कारण थोड़ा फैल गया है, जिससे और भी सेक्सी लुक आ रहा है। त्वचा पूरे शरीर पर गोरी और चमकदार है, जैसे दूध जैसी।
कुल मिलाकर: प्रिया का फिगर एक क्लासिक एशियन महिला का है – पतली कमर, भरे हुए स्तन, और मांसल निचला हिस्सा। उसकी ड्रेस उसके फिगर को और भी आकर्षक बना रही थी, हर मोड़ पर उसके शरीर की आकृतियां साफ झलक रही थीं। जब वह झुककर काम करती थी, तो उसकी स्कर्ट थोड़ी ऊपर खिसक जाती थी और जांघों का ऊपरी हिस्सा दिखाई देता था, जिससे अर्जुन का ध्यान बार-बार उसकी तरफ खिंचता था।
करीबियां बढ़ती हैं
अर्जुन ने अपनी स्लीव्स ऊपर की और प्रिया के पास आकर बैठ गए। “दिखाओ, कहां अटकी हो?”
प्रिया ने अपना लैपटॉप उनकी ओर किया। अर्जुन उसके बहुत करीब बैठे थे। उनकी गर्म सांसें प्रिया के गालों को छू रही थीं। उसके मन में कुछ अजीब सा एहसास हुआ, कुछ जो उसने महीनों से दबाया हुआ था।
“यहां देखो,” अर्जुन ने कहा और उसके हाथ पर अपना हाथ रखा, माउस की ओर इशारा करते हुए।
उनका स्पर्श जलन भरा था। प्रिया का दिल जोर से धड़कने लगा। वह अर्जुन की तरफ देखी – उनकी आंखें उसके होठों पर टिकी थीं।
“प्रिया, मैं हमेशा से तुम्हें नोटिस करता था,” अर्जुन ने अचानक कहा, आवाज धीमी हो गई। “लेकिन ऑफिस में मुझे दूरी बनाए रखनी पड़ती है।”
प्रिया ने कुछ नहीं कहा। वह सिर्फ उनकी आंखों में देखती रही। वह जानती थी कि यह गलत था, लेकिन रात के इस पहर में, जब दुनिया सो रही थी, नियम अलग थे।
यह बॉस और कर्मचारी की प्रेम कहानी का वो मोड़ था जहां दोनों एक दूसरे के करीब आने लगे।
रात के तीन बज चुके थे। बाहर मुंबई की सड़कें सुनसान थीं। प्रिया ने कॉफी बनाई और दोनों बालकनी में आ गए। ठंडी हवा चल रही थी, और प्रिया ने कांपते हुए अपने हाथ रगड़े।
अर्जुन ने पीछे से अपनी जैकेट उसके कंधों पर डाल दी। उनके हाथ उसके कंधों पर रुके। प्रिया ने पीछे मुड़कर देखा। वे बहुत करीब थे, बहुत।
“थैंक यू,” प्रिया ने फुसफुसाते हुए कहा।
“प्रिया, मुझे कुछ कहना है,” अर्जुन ने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया। “मैं जानता हूं यह गलत हो सकता है, लेकिन मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं। नहीं, प्यार नहीं… मैं तुम्हें चाहता हूं।”
प्रिया की सांसें तेज हो गईं। यह ऑफिस में गुपचुप रोमांस की वो घड़ी थी जो बदलने वाली थी।
“मुझे भी…” प्रिया ने रुकते हुए कहा। “मुझे भी आपसे कुछ खास फीलिंग्स हैं। लेकिन यह…”
अर्जुन ने उसकी बात रोकी और धीरे से उसके माथे पर चूमा। फिर आंखों पर। फिर गालों पर। प्रिया की आंखें बंद हो गईं। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था।
वे एक-दूसरे के करीब आए। अर्जुन ने प्रिया की कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी ओर खींचा। उनके शरीर एक दूसरे से टकराए। प्रिया ने अर्जुन की छाती पर हाथ रखा, उसकी धड़कनें महसूस कीं।
“यह ऑफिस में हॉट रोमांस कहानी नहीं, यह हमारी कहानी है,” अर्जुन ने कहा और उसके होठों पर अपने होठ रखे।
वह चुंबन धीमा था, प्यार भरा था, लेकिन गर्म भी। प्रिया ने अर्जुन के बालों में हाथ फेरे। महीनों की चाहत एक पल में फूट पड़ी।
“चलो, मेरे केबिन में,” अर्जुन ने धीरे से कहा।
प्रिया ने हाथ पकड़ा और वे अर्जुन के बड़े केबिन में गए। दरवाजा बंद करते ही, अर्जुन ने उसे दीवार से लगा दिया। उनके बीच कोई दूरी नहीं थी। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
“तुम्हें पता है, मैं हर रात तुम्हारे बारे में सोचता था,” अर्जुन ने उसके गले पर चूमते हुए कहा। “जब तुम ऑफिस में घूमती थी, मैं तुम्हें देखता था।”
प्रिया ने सिर पीछे किया, उसकी सांसें तेज हो रही थीं। “अर्जुन… हम…”
“शhh,” अर्जुन ने उसके होठों पर उंगली रखी। “आज रात सिर्फ हम हैं।”
पहली बार – अनंत सुख की रात
अर्जुन ने प्रिया को धीरे से बिस्तर पर लिटाया। कमरे की धीमी रोशनी में उसका शरीर एक मूर्ति की तरह चमक रहा था। अर्जुन उसके ऊपर झुका, उसकी सांसें प्रिया के चेहरे पर गर्माहट फैला रही थीं।
“प्रिया… तुम इतनी खूबसूरत लग रही हो,” अर्जुन की आवाज कांप रही थी, वह कामुकता से भरी हुई।
उसने धीरे से प्रिया के बालों को एक तरफ किया और उसकी गर्दन पर अपने होंठ रखे। एक हल्का चुंबन, फिर दूसरा, और फिर एक लंबा चुंबन जो प्रिया की रीढ़ में करंट सा दौड़ा गया। उसने अपनी आंखें बंद कर लीं, होंठ हल्के से खुले, सांसें तेज होती जा रही थीं।
“अर्जुन…” वह फुसफुसाई, उसकी आवाज में वासना और थोड़ी घबराहट का मिश्रण था।
“डरो मत, प्रिया,” अर्जुन ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, उसकी गर्म सांसें उसके कान को छू रही थीं। “मैं तुम्हें दर्द नहीं दूंगा… बस सुख दूंगा।”
अर्जुन ने धीरे से प्रिया की शर्ट के बचे हुए बटन खोले। हर बटन के साथ उसके होंठ उसकी त्वचा पर नीचे बढ़ते गए – कंधे, फिर हाथ, फिर पेट। प्रिया का शरीर कांप उठा, उसकी त्वचा पर रोंगटे खड़े हो गए।
“ठंड लग रही है?” अर्जुन ने पूछा, मुस्कुराते हुए।
“नहीं… बस… बहुत अच्छा लग रहा है,” प्रिया ने शर्माते हुए कहा।
अर्जुन ने उसकी शर्ट उतार दी। प्रिया ने अपने हाथ अपने सीने पर रखे, थोड़ी शर्म आ रही थी।
“मत छुपाओ,” अर्जुन ने धीरे से उसके हाथ हटाए। “तुम बहुत सुंदर हो।”
उसने प्रिया के सीने पर हल्के-हल्के चुंबन किए। प्रिया ने अपने हाथ अर्जुन के बालों में फेरे, उसे अपने और करीब खींचा। अर्जुन ने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोले और उसे हटा दिया।
“वाह…” अर्जुन की सांसें फूल गईं। उसने अपने हाथ प्रिया के सीने पर रखे, धीरे से सहलाया। प्रिया ने एक हल्की सी आवाज निकाली, उसका शरीर कांप उठा।
“क्या हुआ?” अर्जुन ने पूछा।
“कुछ नहीं… बस… तुम्हारे हाथ बहुत गर्म हैं,” प्रिया ने कहा, उसकी आंखें नशे में डूबी हुई थीं। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
अर्जुन ने उसके स्तनों को धीरे-धीरे सहलाना शुरू किया, फिर हल्के से दबाया। प्रिया की सांसें और तेज हो गईं। उसने अपनी पीठ थोड़ी उठाई, और अर्जुन ने एक स्तन को अपने मुंह में ले लिया।
“आह…” प्रिया ने मुंह से निकाला, उसके शरीर में एक तेज झनझनाहट दौड़ गई। अर्जुन ने धीरे-धीरे चूसना शुरू किया, अपनी जीभ से चाटते हुए, फिर दूसरे स्तन पर चला गया।
प्रिया अपने हाथ बिस्तर की चादरों में कसकर पकड़े हुए थी। यह अनुभव इतना तीव्र था कि वह सोच भी नहीं सकती थी। अर्जुन का एक हाथ नीचे बढ़ा और उसकी स्कर्ट की जिप खोलने लगा।
“क्या मैं…?” अर्जुन ने पूछा, उसकी आंखों में इजाजत मांगते हुए।
“हां… प्लीज…” प्रिया ने कहा, उसकी आवाज कामुकता से भरी हुई थी।
अर्जुन ने उसकी स्कर्ट और फिर उसकी पैंटी धीरे से उतार दी। प्रिया अब पूरी तरह नंगी बिस्तर पर लेटी हुई थी, उसका शरीर रोशनी में चमक रहा था। अर्जुन ने खुद भी अपने कपड़े उतार दिए और प्रिया के बगल में आकर लेट गया।
दोनों के नंगे शरीर एक दूसरे से टकराए। प्रिया ने महसूस किया कि अर्जुन का शरीर कितना गर्म था, उसकी छाती पर बाल थोड़े खुरदुरे थे, लेकिन अच्छे लग रहे थे। अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में भर लिया, उसके होठों पर अपने होठ रखे और एक गहरा, लंबा चुंबन किया।
प्रिया ने अपनी जीभ अर्जुन के मुंह में डाली। दोनों की जीभें एक दूसरे से लड़ रही थीं, एक-दूसरे का स्वाद ले रही थीं। अर्जुन का एक हाथ नीचे बढ़ा और प्रिया की जांघों के बीच पहुंच गया।
“ओह…” प्रिया ने चौंकते हुए कहा जब अर्जुन के उंगलियों ने उसकी योनि को छुआ।
“क्या तुम गीली हो?” अर्जुन ने मुस्कुराते हुए पूछा, उसकी उंगलियां प्रिया की योनि को सहला रही थीं।
“हां…” प्रिया ने शर्माते हुए कहा, उसका चेहरा लाल हो गया।
“यह अच्छा है… इसका मतलब है तुम तैयार हो,” अर्जुन ने कहा।
उसने धीरे से एक उंगली प्रिया के अंदर डाली। प्रिया ने एक तेज सांस ली, उसका शरीर कस गया।
“रिलैक्स, प्रिया,” अर्जुन ने उसके माथे पर चूमते हुए कहा। “मैं धीरे-धीरे करूंगा।”
उसने धीरे-धीरे अपनी उंगली अंदर-बाहर करनी शुरू की। प्रिया को लगा जैसे उसके शरीर में कोई आग लग गई हो। उसने अपने पैर थोड़े खोले, अर्जुन को और जगह देते हुए। अर्जुन ने एक और उंगली डाल दी।
“आह… अर्जुन…” प्रिया ने मुंह से निकाला, उसकी आंखें बंद थीं, वह इस नए सुख में खोई हुई थी।
अर्जुन ने उसकी योनि को उंगलियों से चोदना जारी रखा, साथ ही उसके स्तनों को भी सहलाता रहा। प्रिया का शरीर कांपने लगा, उसे लगा जैसे कुछ बड़ा होने वाला है।
“अर्जुन… मुझे लगता है… कुछ होने वाला है…” प्रिया ने कहा, उसकी सांसें रुक-रुक कर आ रही थीं।
“छोड़ दो खुद को, प्रिया,” अर्जुन ने कहा। “आ जाओ।”
प्रिया ने एक जोरदार चीख निकाली और उसका शरीर कांपने लगा। एक तीव्र झटका उसके शरीर में दौड़ा गया और वह झड़ गई। अर्जुन ने उसे पकड़े रखा, उसके शरीर को सहलाते हुए जब तक वह शांत नहीं हो गई।
“कैसा लगा?” अर्जुन ने पूछा, मुस्कुराते हुए।
“बहुत… बहुत अच्छा,” प्रिया ने कहा, उसकी सांसें अभी भी तेज चल रही थीं।
“अभी तो शुरुआत है,” अर्जुन ने कहा और उसके ऊपर आ गया।
उसने प्रिया के पैरों के बीच जगह बनाई और धीरे से अपने लिंग को उसकी योनि के मुहाने पर रखा। प्रिया ने महसूस किया कि वह कितना मोटा और गर्म था।
“थोड़ा दर्द हो सकता है शुरू में,” अर्जुन ने चेतावनी दी। “लेकिन फिर मजा आएगा।”
“हां… करो…” प्रिया ने कहा, उसकी आंखों में विश्वास और वासना थी।
अर्जुन ने धीरे से आगे बढ़ाया। प्रिया ने महसूस किया कि वह अंदर जा रहा है, उसकी योनि को फैलाते हुए। थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन वह सहन कर लेती है।
“ओह…” प्रिया ने एक हल्की आवाज निकाली।
“ठीक हो?” अर्जुन ने रुकते हुए पूछा।
“हां… बस थोड़ा सा… आगे बढ़ो…” प्रिया ने कहा।
अर्जुन ने धीरे-धीरे पूरा अंदर डाल दिया। प्रिया ने महसूस किया कि वह पूरी तरह भरी हुई थी, अर्जुन का लिंग उसकी योनि में गहराई तक घुसा हुआ था। यह एक अजीब सा एहसास था – दर्द और सुख का मिश्रण।
अर्जुन ने रुककर उसे चूमा, उसके स्तनों को सहलाया, फिर धीरे से हिलना शुरू किया।
“आह… अर्जुन…” प्रिया ने कहा, उसकी आवाज में अब दर्द कम और सुख ज्यादा था। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
अर्जुन ने अपनी गति बढ़ाई। वह ऊपर-नीचे हो रहा था, उसका लिंग प्रिया की योनि में अंदर-बाहर हो रहा था। प्रिया ने अपने पैर अर्जुन की कमर के चारों ओर लपेट लिए, उसे और गहराई तक लेने के लिए।
“तुम इतनी टाइट हो…” अर्जुन ने कहा, उसकी सांसें तेज हो रही थीं। “बहुत मजा आ रहा है…”
“मुझे भी…” प्रिया ने कहा, उसका शरीर अब पूरी तरह से सुख ले रहा था।
अर्जुन ने उसके पैरों को अपने कंधों पर रख लिए और और तेजी से धक्के लगाने लगा। प्रिया की योनि से चपचप की आवाजें आ रही थीं, कमरा सांसों और कराहनियों से भर गया था।
“ओह… हां… और तेज…” प्रिया ने कहा, उसका चेहरा कामुकता से लाल हो गया था।
अर्जुन ने पूरी ताकत से धक्के लगाए। बिस्तर की चादरें हिल रही थीं, दोनों के शरीर पसीने से लथपथ हो गए थे। प्रिया ने अपने नाखून अर्जुन की पीठ में गड़ा दिए, उसे और करीब खींचते हुए।
“प्रिया… मैं… मैं झड़ने वाला हूं…” अर्जुन ने कहा, उसकी गति और तेज हो गई।
“मैं भी… साथ में…” प्रिया ने कहा, उसका शरीर फिर से कांपने लगा था।
दोनों ने एक साथ एक जोरदार चीख निकाली। अर्जुन ने एक आखिरी गहरा धक्का लगाया और अपना वीर्य प्रिया की योनि में छोड़ दिया। प्रिया भी उसी पल फिर से झड़ गई, उसकी योनि ने अर्जुन के लिंग को कसकर पकड़ लिया।
दोनों एक दूसरे में खोए रहे, एक दूसरे को कसकर पकड़े हुए, सांसें तेज चल रही थीं। अर्जुन ने प्रिया के ऊपर ही लेटे रहने दिया, उसे चूमते हुए, उसके चेहरे के बालों को पीछे करते हुए।
“कैसा लगा?” अर्जुन ने धीमी आवाज में पूछा।
प्रिया ने उसे देखा, उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन मुस्कान थी। “यह… यह अविश्वसनीय था। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं किया।”
अर्जुन ने उसे कसकर गले लगाया। “मैं भी। तुमके साथ यह… यह अलग है, प्रिया।”
वह धीरे से उसके बगल में लेट गया, लेकिन उसे अपनी बाहों में ही रखा। प्रिया ने अपना सिर उसकी छाती पर रखा, उसकी धड़कनें सुनते हुए।
“तुम्हारा दिल बहुत तेज धड़क रहा है,” प्रिया ने कहा।
“क्योंकि तुम यहां हो,” अर्जुन ने कहा और उसके माथे पर चूमा।
दोनों चुपचाप लेटे रहे, एक दूसरे के शरीर को सहलाते हुए, चूमते हुए। अर्जुन का हाथ प्रिया की पीठ पर घूम रहा था, फिर उसकी गांड को सहला रहा था। प्रिया ने शर्माते हुए मुस्कुराया।
“फिर से?” उसने पूछा, आंखें बड़ी-बड़ी करते हुए।
“अगर तुम चाहो तो,” अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा। “रात अभी बाकी है।”
प्रिया ने उसके ऊपर चढ़कर उसे चूमा। “मैं चाहती हूं… इस बार मैं ऊपर रहना चाहती हूं।”
अर्जुन ने मुस्कुराते हुए अपनी पीठ बिस्तर पर रख दी। “आओ… मेरी रानी।”
प्रिया ने धीरे से उसके लिंग को पकड़ा – वह अभी भी गीला और कड़ा था। उसने उसे अपनी योनि पर रखा और धीरे से नीचे बैठना शुरू किया।
“ओह…” दोनों ने एक साथ आवाज निकाली।
प्रिया ने अपने हाथ अर्जुन की छाती पर रखे और धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी। अर्जुन ने उसके स्तनों को पकड़ा, उन्हें सहलाते हुए, कभी-कभी निप्पलों को मोड़ते हुए।
“तुम बहुत सेक्सी हो…” अर्जुन ने कहा, उसकी आंखें प्रिया के शरीर पर टिकी थीं।
प्रिया ने अपनी गति बढ़ाई। वह अब ते�ी से ऊपर-नीचे हो रही थी, अर्जुन का लिंग पूरी तरह से उसकी योनि में अंदर-बाहर हो रहा था। उसके स्तन उछल रहे थे, उसका चेहरा कामुकता से भरा हुआ था।
“हां… ऐसे ही… और तेज…” अर्जुन ने कहा, उसके हाथ प्रिया की कमर पर थे, उसे और तेज उछालने में मदद कर रहे थे।
प्रिया ने अपने बालों को पीछे किया, उसका शरीर पसीने से तर हो गया था। वह अब पूरी तरह से खोई हुई थी, सिर्फ इस पल में, इस सुख में।
“मैं… मैं फिर से…” प्रिया ने कहा, उसकी आवाज कांप रही थी।
“आ जाओ, प्रिया… मेरे साथ…” अर्जुन ने कहा।
प्रिया ने एक जोरदार चीख निकाली और रुक गई, उसका शरीर कांप रहा था, उसकी योनि ने अर्जुन के लिंग को कसकर पकड़ लिया। अर्जुन भी उसी पल झड़ गया, उसने प्रिया को अपनी ओर खींचा और उसे कसकर पकड़ लिया।
दोनों एक दूसरे में खोए रहे, सांसें तेज, दिल धड़क रहे थे। प्रिया ने अपना सिर अर्जुन की छाती पर रख दिया, उसे चूमते हुए।
“मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं, प्रिया,” अर्जुन ने धीमी आवाज में कहा। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
प्रिया ने उसे देखा, उसकी आंखों में आंसू थे। “मैं भी… यह रात… यह सब कुछ…”
“शhh,” अर्जुन ने उसके होठों पर उंगली रखी। “अभी रात बाकी है… और मैं तुम्हें और भी बहुत कुछ दिखाना चाहता हूं।”
प्रिया ने शर्माते हुए मुस्कुराया। “मैं तैयार हूं… सब कुछ…”
दोनों ने फिर से एक दूसरे को चूमा, और रात भर, जब बाहर मुंबई की रोशनी चमक रही थी, इस छोटे से कमरे में दो शरीर एक दूसरे से मिलते रहे, बार-बार, हर बार नए सुख की ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए।
सुबह के छह बजे थे। पहली किरण खिड़की से अंदर आ रही थी। प्रिया अर्जुन की बाहों में थी, उसकी छाती पर सिर रखे हुए।
“गुड मॉर्निंग,” अर्जुन ने उसके माथे पर चूमते हुए कहा।
प्रिया ने शरमा कर उसे देखा। “यह सच है ना? या मैं सपना देख रही हूं?”
अर्जुन ने उसे कसकर पकड़ा। “यह सच है, प्रिया। और मैं चाहता हूं कि यह हमेशा ऐसे ही रहे।”
“लेकिन ऑफिस में… हम…” प्रिया ने चिंता से कहा।
“मैं जानता हूं,” अर्जुन ने कहा। “यह बॉस और स्टाफ़ के बीच रोमांटिक सेक्स की कहानी है, जिसे छुपाना पड़ेगा। लेकिन मैं तुम्हें दिन में भी देखूंगा, रात में भी।”
प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम बहुत बुरे हो, अर्जुन।”
“सिर्फ तुम्हारे लिए,” अर्जुन ने शरारत से कहा।
रोजाना की मुलाकातें
अगले कुछ हफ्तों में, प्रिया और अर्जुन का रिश्ता गहरा होता गया। दिन में वे बॉस और कर्मचारी थे, लेकिन रात को जब ऑफिस खाली होता, वे प्रेमी बन जाते।
यह देर रात ऑफिस में सेक्स की कहानी थी, जो हर रात नए रंग दिखाती।
एक रात, अर्जुन ने प्रिया को अपने घर बुलाया। वह पहली बार उसके अपार्टमेंट में आई थी। यह एक आलीशान घर था, लेकिन प्रिया के लिए सबसे अच्छी जगह अर्जुन की बाहें थीं।
“आज रात यहीं रुको,” अर्जुन ने कहा, उसे अपने बेडरूम में ले जाते हुए।
प्रिया ने कहा, “लेकिन कल ऑफिस…”
“कल रविवार है, प्रिया,” अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा।
प्रिया ने राहत की सांस ली। वे पूरा वीकएंड साथ बिताने वाले थे।
उस रात, अर्जुन ने प्रिया के लिए खाना बनाया। वह शेफ नहीं था, लेकिन प्रिया के लिए उसने पास्ता बनाया।
“वाह, यह तो बहुत अच्छा है,” प्रिया ने कहा।
“तुम्हारे लिए कुछ भी,” अर्जुन ने कहा और उसके पास बैठ गया। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
खाना खत्म करने के बाद, वे सोफे पर बैठे, एक दूसरे में समाए हुए। टीवी चल रहा था, लेकिन दोनों का ध्यान सिर्फ एक दूसरे पर था।
“मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं,” अर्जुन ने कहा।
“क्या?” प्रिया ने पूछा।
“मैं चाहता हूं कि तुम यहीं रहो। हमेशा के लिए नहीं, लेकिन जब भी तुम चाहो,” अर्जुन ने कहा।
प्रिया ने उसे देखा। “यह बॉस और कर्मचारी के बीच सेक्स की कहानी इतनी आगे बढ़ गई है कि मैं सोच भी नहीं सकती थी।”
“क्या तुम खुश हो?” अर्जुन ने पूछा।
“बहुत,” प्रिया ने कहा और उसके होठों पर चूमा।
फिर से एक साथ
रात हो गई थी। अर्जुन के बेडरूम में, प्रिया खिड़की से बाहर देख रही थी। अर्जुन पीछे से आया और उसे अपनी बाहों में भर लिया।
“क्या सोच रही हो?” उसने पूछा।
“इस बारे में कि कैसे एक Office night stay secrets ने मेरी जिंदगी बदल दी,” प्रिया ने कहा। ये बॉस की सीक्रेट सेक्स कहानी है।
अर्जुन ने उसे घुमाया और उसकी आंखों में देखा। “मेरी भी।”
वे फिर से एक दूसरे के करीब आए। इस बार कोई जल्दी नहीं थी, कोई डर नहीं था। वे एक दूसरे को जानते थे, समझते थे।
जब वे बिस्तर पर आए, तो वह एक Sukhad ehsaas था – प्यार, विश्वास और चाहत का मिश्रण। अर्जुन ने प्रिया को अपनी बाहों में कसकर पकड़ा, और वे एक दूसरे में खो गए।
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