रात के ठीक ग्यारह बजकर सैंतालीस मिनट हो रहे थे। महिंद्रा स्कॉर्पियो की हेडलाइट्स सड़क पर पीली रोशनी बिखेर रही थीं, जिससे आस-पास का अंधेरा और भी गहरा लग रहा था। आकाश में बादल छाए हुए थे, चाँद कभी-कभी झाँकता, फिर छिप जाता। दुल्हन और ड्राइवर की सुहागरात – भागती…