मैंने मेट्रो में उसे पहली बार देखा था। सुबह 8:30 की भीड़ भरी मेट्रो में, जब हर कोई अपनी मंजिल की तरफ दौड़ रहा था, मेरी नज़रें उस पर ठहर गईं। वो प्लेटफॉर्म के किनारे खड़ी थी, हल्की गुलाबी रंग की साड़ी में, जिसका पल्लू उकी कमर पर कसकर बंधा…
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