भाभी का नाम कविता थी। उम्र 25 साल। रूप दीपिका पदुकोण जैसा। गोरा बदन, सेक्सी फिगर। Desi bhabhi की असली मिसाल। सिर्फ साड़ी पहनती थीं। कमर पूरी दिखती। ब्लाउज टाइट। मम्मे बाहर आने को बेताब। विधवा भाभी की चुदाई |
पहली बार देखा तो लंड खड़ा हो गया। सोचा इसको तो पटाना ही है। Hot bhabhi देखकर दिमाग घूम गया।
मैंने उन्हें पहली बार देखा था। अपने बालकनी में खड़ा था। वो अपने बालकनी में कपड़े सुखा रही थीं। सफेद साड़ी में।
हल्की धूप में उनका गोरा बदन चमक रहा था। मैं तो देखता ही रह गया। लंड अंदर ही खड़ा हो गया। मैंने सोचा यार ये तो बम है।
पड़ोसी ने बताया कि ये नई आई हैं। पति की मौत हो गई है। विधवा हैं। मैंने कहा अच्छा।
पर मन में सोचा विधवा तो और भी मस्त है। अकेली हैं। जरूरत भी होगी। Vidhwa bhabhi ki chudai का ख्याल आते ही मज़ा आ गया।
मैंने रोज़ उन्हें देखना शुरू किया। सुबह 7 बजे वो आती थीं। कपड़े सुखाने। मैं भी अपनी बालकनी में आ जाता।
उनकी कमर देखता। साड़ी का पल्लू हल्का सरकता। कभी पीठ दिख जाती। गोरी चिकनी। मन करता था चूम लूं।
विधवा भाभी की चुदाई
एक दिन मैंने हिम्मत की। नीचे गया। उनके दरवाज़े के पास खड़ा हो गया। वो बाहर आईं। मैंने कहा नमस्ते भाभी। मैं पड़ोस में रहता हूं। उन्होंने कहा अच्छा। मुस्कुरा दीं। मेरा दिल धड़कने लगा। इतनी करीब से और भी सुंदर लग रही थीं।
मैंने पूछा आपको कुछ चाहिए तो बताना। मैं मदद कर दूंगा। वो बोलीं ठीक है। धन्यवाद। मैंने कहा कोई बात नहीं। पड़ोसी हैं।
एक दूसरे का ख्याल रखना चाहिए। वो हाँ में सिर हिला दीं। मैं खुश होकर आ गया। पहली बातचीत हो गई थी।
अगले दिन फिर गया। कहा भाभी आटा चाहिए। मैं ला दूं। वो मना करने लगीं। मैंने जिद की। ले आया।
उन्होंने कहा बैठो पानी पी लो। मैं बैठ गया। उनके घर में पहली बार जा रहा था। महक अच्छी आ रही थी। उनकी परफ्यूम की।
मैंने देखा घर साफ सुथरा था। पर अकेलेपन का माहौल था। कोई पुरुष की चीज़ें नहीं थीं। फोटो थी एक।
पति की। मैंने पूछा कब हुआ। बोलीं एक साल हो गया। मैंने कहा ओह। सॉरी। वो बोलीं कोई बात नहीं। जिंदगी है। चलती रहती है।
मैंने कहा आप अकेली हो। कोई काम हो तो बताना। मैं कर दूंगा। वो बोलीं ठीक है। मैंने कहा खाना वगैरा बन जाता है ना। वो बोलीं हां बन जाता है। पर कभी कभी मन नहीं करता। मैंने कहा ऐसे मत कहो। खाना तो जरूरी है।
मैंने उनसे पूछा आपका नाम क्या है। वो बोलीं कविता। मैंने कहा सुंदर नाम है। सुंदर आप भी हो। वो शर्मा गईं।
बोलीं क्या बातें करते हो। मैंने कहा सच कह रहा हूं। आप बहुत खूबसूरत हो। Hot bhabhi देखकर कोई भी यही कहेगा।
मैंने कहा मैं चलता हूं। कल मिलूंगा। वो बोलीं ठीक है। आना। मैं खुश होकर आ गया। अब रोज़ जाने का बहाना मिल गया था। मैंने सोचा धीरे धीरे पटाऊंगा। जल्दबाजी में कुछ नहीं होता। Desi bhabhi को पटाने में वक्त लगता है।
अगले दिन सुबह छत पर गया। वो भी आईं। मैंने कहा गुड मॉर्निंग भाभी। वो बोलीं गुड मॉर्निंग। मुस्कुरा दीं।
मैंने कहा आज आपने गुलाबी साड़ी पहनी है। बहुत अच्छी लग रही हो। वो बोलीं शुक्रिया। आप भी जल्दी उठ जाते हो।
मैंने कहा आपको देखने के लिए उठता हूं। वो बोलीं क्या मतलब। मैंने कहा कुछ नहीं। मज़ाक कर रहा हूं। वो शर्मा गईं। मैंने देखा उनका ब्लाउज गीला था। नहाने के बाद आई थीं। अंदर का हिस्सा हल्का दिख रहा था। मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैंने कहा भाभी मैं नीचे जा रहा हूं। वो बोलीं ठीक है। मैंने कहा शाम को मिलूंगा। वो बोलीं ठीक है। मैं आ गया। पर मन वहीं रह गया था। उनकी गीली साड़ी की याद आ रही थी। Hot bhabhi chudai का सपना देखने लगा था।
शाम को गया। कहा भाभी चाय पी लो। मैं बना लाता हूं। वो मना करने लगीं। मैंने जिद की। बना लाया। दोनों ने पी। बातें कीं। उन्होंने बताया उनके पति के बारे में। कैसे एक्सीडेंट हुआ।
मैंने सुना। दुख हुआ। पर मन में खुशी भी थी। अब ये अकेली थीं।
मैंने कहा आप मजबूत हो। हिम्मत मत हारो। वो बोलीं आप अच्छे हो। मेरी चिंता करते हो। मैंने कहा पड़ोसी हूं ना। करूंगा ही। वो मुस्कुरा दीं। मैंने कहा मैं चलता हूं। कल मिलूंगा। वो बोलीं ठीक है। आना जरूर। ये सुनकर मैं उड़ने लगा।
रात को सोते वक्त मैंने सोचा। कैसे पटाऊं। धीरे धीरे करूंगा। पहले दोस्त बनूंगा। फिर करीब आऊंगा। फिर देखूंगा। Bhabhi ki chudai के लिए सब्र चाहिए। जल्दबाजी में लड़की डर जाती है। खासकर विधवा।
अगले दिन फिर गया। कहा भाभी खाना खा लिया। वो बोलीं हां। मैंने कहा अकेले अकेले मज़ा नहीं आता। वो बोलीं क्या करूं। आदत पड़ गई है। मैंने कहा मैं भी अकेला हूं। मेरे घर में कोई नहीं है। मम्मी पापा गांव में हैं।
वो बोलीं अच्छा। तो तुम भी अकेले हो। मैंने कहा हां। इसीलिए आपसे दोस्ती कर ली है। वो हंस पड़ीं। बोलीं पागल हो। मैंने कहा थोड़ा सा हूं। पर अच्छा हूं। वो बोलीं ये तो है। मदद करते हो। Devar aur bhabhi ki chudai की नींव यहीं पड़ रही थी।
मैंने कहा भाभी कभी कभी मेरा भी खाना बना दो। मैं बाहर का खाता हूं। अच्छा नहीं लगता। वो पहले मना करने लगीं।
फिर बोलीं ठीक है। कभी कभी बना दूंगी। मैंने कहा शुक्रिया। आप मेरी मदद कर रही हो। वो बोलीं कोई बात नहीं। पड़ोसी हैं।
अगले दिन से मैं उनसे खाना लेने लगा। रोज़ शाम को जाता। थाली लेकर आता। वो खाना देतीं। कभी कभी बैठ भी जाता। बातें करते। टीवी देखते। मैं उनके पास बैठता। उनकी महक आती। लंड खड़ा हो जाता। पर कुछ नहीं करता था। अभी समय नहीं था।
एक दिन बारिश हो रही थी। मैं गया। वो दरवाज़े पर खड़ी थीं। साड़ी का पल्लू सिर पर रखा था। ब्लाउज गीला हो रहा था। अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। निप्पल दिख रहे थे। मैं तो देखता ही रह गया। वो शर्मा गईं। अंदर चली गईं।
मैंने कहा भाभी मौसम अच्छा है। वो बोलीं हां। बारिश की खुशबू आ रही है। मैंने कहा आप भी तो महक रही हो। वो बोलीं क्या बातें करते हो। मैंने कहा सच कह रहा हूं। आपकी साड़ी गीली है। बदल लो। वो बोलीं अभी बदलूंगी। पहले खाना ले लो।
मैंने खाना लिया। आने लगा। वो बोलीं रुको। छतरी ले जाओ। मैंने कहा नहीं जाऊंगा। भीग जाऊंगा तो क्या हुआ।
वो बोलीं पागल हो। मैंने कहा आपके लिए पागल हूं। वो चुप हो गईं। मैं भीगता हुआ आ गया। पर मन में खुशी थी। थोड़ी बहुत बात बन रही थी।
अगले दिन छत पर गया। वो भी आईं। मैंने कहा कल मज़ा आया। वो बोलीं क्यों। मैंने कहा आपकी बात याद आ रही थी। वो शर्मा गईं। बोलीं मैंने क्या कहा था। मैंने कहा पागल हो। वो बोलीं वो तो मज़ाक में कहा था। मैंने कहा मुझे अच्छा लगा।
मैंने कहा भाभी आप बहुत सुंदर हो। वो बोलीं फिर शुरू हो गए। मैंने कहा सच कह रहा हूं।
कोई भी देखेगा यही कहेगा। वो बोलीं मैं विधवा हूं। ऐसी बातें मत करो। मैंने कहा विधवा हो तो क्या हुआ। खूबसूरत तो हो। Hot bhabhi कोई भी देखेगा तो कहेगा।
वो चुप हो गईं। मैंने कहा सॉरी। बुरा मत मानो। वो बोलीं कोई बात नहीं। पर ऐसे मत कहा करो। अच्छा नहीं लगता। मैंने कहा ठीक है। आगे से नहीं कहूंगा। पर मन में था कहूंगा जरूर। कैसे भी करके पटाऊंगा।
दीवाली आ गई। मैंने सोचा ये मौका है। उनके घर गया। पटाखे ले गया। कहा भाभी ये लो। आज खुशी का दिन है। वो बोलीं तुम क्यों लाए। मैंने कहा आपके लिए। आप अकेली हो। कोई नहीं है। मैं हूं ना। वो भावुक हो गईं। आँखें नम हो गईं।
मैंने कहा रो मत भाभी। मैं हूं ना। वो बोलीं तुम बहुत अच्छे हो। मैंने कहा आपके लिए हूं। हमेशा रहूंगा।
वो मेरे कंधे पर सिर रख दिया। मैंने हाथ उठाया। पीठ सहलाने लगा। वो रोती रहीं। मैं सहलाता रहा। उनकी चूचियाँ मेरे सीने से दब रही थीं। लंड खड़ा हो गया।
थोड़ी देर बाद रोना बंद किया। वो बोलीं सॉरी। मैंने कहा कोई बात नहीं। रो लो। दिल हल्का हो जाएगा। वो बोलीं तुम समझते हो मुझे। मैंने कहा हां। इसीलिए तो यहां हूं। वो मुस्कुरा दीं। मैंने कहा चलो पटाखे फोड़ते हैं। वो बोलीं ठीक है।
हमने पटाखे फोड़े। उन्होंने साड़ी पहनी थी। लाल रंग की। बहुत सेक्सी लग रही थीं।
मैंने कहा भाभी आज तो आप पटाखों से भी ज्यादा चमक रही हो। वो शर्मा गईं। बोलीं पागल हो। मैंने कहा थोड़ा सा। वो हंस पड़ीं। ये पहली बार थीं जो इतना खुश दिखीं।
रात को खाना खिलाया उन्होंने। मैंने कहा बहुत अच्छा बना है। वो बोलीं तुम्हारे लिए बनाया है। मैंने कहा सच।
वो बोलीं हां। मैंने कहा आप भी खाओ। दोनों ने साथ में खाया। पहली बार साथ में खाना खा रहे थे। मज़ा आ रहा था। Desi bhabhi के साथ वक्त बिताने में अलग ही मज़ा था।
खाने के बाद बैठे रहे। बातें करते रहे। मैंने कहा भाभी मैं चलता हूं। वो बोलीं रुको। अभी जाने का क्या है। बैठो। मैं बैठ गया। टीवी देखने लगे। फिल्म आ रही थी। रोमांटिक सीन आया। मैंने देखा वो शर्मा गईं। मैंने भी नजरें हटा लीं।
थोड़ी देर बाद मैंने कहा भाभी मैं जाऊं। वो बोलीं ठीक है। कल आना। मैंने कहा जरूर आऊंगा। आते वक्त मैंने उनके गाल पर हल्का सा किस कर लिया। वो चौंक गईं। मैंने कहा सॉरी। गलती से हो गया। वो कुछ नहीं बोलीं। मैं आ गया। पर मन में डर था। ज्यादा आगे बढ़ गया क्या।
अगले दिन जाने में थोड़ा डर लग रहा था। फिर भी गया। वो दरवाज़े पर मिलीं। मुस्कुरा दीं। मैंने सोचा ठीक है। कोई गुस्सा नहीं है। अंदर गया। खाना खाया। बातें कीं। मैंने कहा कल जो हुआ सॉरी। वो बोलीं कोई बात नहीं। पर आगे से मत करना। मैंने कहा ठीक है।
पर मन में था करूंगा जरूर। एक दिन जब वो झुककर खाना परोस रही थीं। मैंने सोचा मौका है। मैंने हाथ बढ़ाया। उनकी कमर पर रख दिया। वो चौंक गईं। बोलीं क्या कर रहे हो। मैंने कहा कुछ नहीं। गलती से लग गया। वो बोलीं ऐसी गलती मत करो। मैंने कहा ठीक है।
पर अब मैं और भी बेशर्म हो गया था। रोज़ कुछ न कुछ करता। कभी हाथ छू लेता। कभी कंधे पर हाथ रख देता। वो शर्माती पर कुछ नहीं बोलतीं। मैंने समझ लिया कि ये भी चाहती हैं। बस समाज का डर है। मैं समझ गया कि अभी भाभी की करने के के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
एक दिन रात को 10 बजे गया। बिजली चली गई थी। कहा भाभी मोमबत्ती है। वो बोलीं हां। मैंने जलाई। वो बोलीं डर लग रहा था। अकेली हूं। मैंने कहा मत डरो। मैं हूं ना। बैठ गया। उनके पास। बहुत करीब। उनकी सांसें सुन रहा था।
मैंने हाथ बढ़ाया। उनका हाथ पकड़ लिया। वो हटाने लगीं। मैंने नहीं छोड़ा। बोलीं ये क्या कर रहे हो।
मैंने कहा कुछ नहीं। सिर्फ हाथ पकड़ा है। वो बोलीं छोड़ो। मैंने कहा थोड़ी देर रहने दो। वो चुप हो गईं। मैंने हाथ सहलाने लगा। वो देखती रहीं।
थोड़ी देर बाद मैंने छोड़ दिया। वो बोलीं अब जाओ। मैंने कहा ठीक है। जाते वक्त फिर गाल पर किस कर लिया। इस बार वो कुछ नहीं बोलीं। मैं आ गया। मन में खुशी थी। बात बन रही थी। Hot bhabhi को पटाने में कामयाबी मिल रही थी।
अब मैं रोज़ रात को जाता। कभी कभी हाथ पकड़ता। कभी गाल पर किस करता।
वो शर्माती पर मना नहीं करतीं। एक दिन मैंने कहा भाभी मैं आपसे प्यार करता हूं। वो चौंक गईं। बोलीं ये क्या बोल रहे हो। मैंने कहा सच। बहुत दिनों से।
वो बोलीं ये गलत है। मैं विधवा हूं। तुम छोटे हो। मैंने कहा प्यार में उम्र नहीं देखी जाती। और विधवा हो तो क्या हुआ। आप औरत हो। जरूरतें हैं आपकी भी। वो चुप हो गईं। मैंने कहा सोचो। मैं इंतजार करूंगा। वो कुछ नहीं बोलीं।
मैंने उन्हें एक हफ्ते तक नहीं छुआ। सिर्फ बातें कीं। खाना खाया। एक दिन वो खुद बोलीं। तुमने जो कहा था वो सच है। मैंने कहा क्या। वो बोलीं प्यार वाली बात। मैंने कहा हां। बहुत सच है। वो बोलीं मुझे भी अच्छा लगता है तुम्हारे साथ। मेरा दिल खुशी से उड़ने लगा।
मैंने कहा तो फिर। वो बोलीं पर डर लगता है। लोग क्या कहेंगे। मैंने कहा कोई नहीं जानेगा। हमारे बीच की बात है। वो बोलीं सच। मैंने कहा हां। कसम से। वो बोलीं ठीक है। पर धीरे धीरे। मैंने कहा जैसे आप चाहो। Devar bhabhi chudai की राह खुल चुकी थी।
अगले दिन से हम और भी करीब आ गए। मैं रोज़ जाता। हाथ पकड़ता। गले लगता। कभी कभी चूम भी लेता। वो शर्माती पर मना नहीं करतीं। एक दिन मैंने उनके होंठों पर किस किया। वो पहले हटीं। फिर रुक गईं। मैंने चूमता रहा। वो भी रिस्पॉन्ड करने लगीं।
ये पहला किस था। बहुत मीठा था। उनके होंठ नरम थे। मैंने जीभ डाली। वो चौंकीं। पर फिर चूसने लगीं। हम दोनों चूमते रहे। 10 मिनट तक। लंड पूरी तरह खड़ा था। उनके पेट पर दब रहा था। वो महसूस कर रही थीं।
मैंने हाथ बढ़ाया। उनकी चूची पर रख दिया। वो हटाने लगीं। मैंने नहीं छोड़ा। धीरे से दबाने लगा। वो आह्ह्ह करने लगीं। मैंने कहा मज़ा आ रहा है। वो बोलीं हां। पर धीरे। मैंने धीरे दबाया। वो मज़े लेने लगीं। Hot bhabhi chudai का ये पहला कदम था।
मैंने ब्लाउज के ऊपर से ही दबाया। वो गर्म हो चुकी थीं। मैंने कहा एक बार दिखाओ। वो मना करने लगीं। मैंने जिद की। वो बोलीं नहीं। अभी नहीं। मैंने कहा ठीक है। पर एक दिन तो दिखाना ही पड़ेगा। वो शर्मा गईं। बोलीं पागल हो।
अगले दिन फिर गया। इस बार वो खुद मेरे पास आईं। बोलीं कल जो हुआ वो सोच रही थीं। मैंने कहा क्या सोच रही थीं।
वो बोलीं अच्छा लगा। मैंने कहा मुझे भी। वो बोलीं और करोगे। मैंने कहा जरूर। वो मुस्कुरा दीं। मैंने उन्हें पकड़ा और चूमने लगा।
इस बार वो पूरी तरह से दे रही थीं। मैंने ब्लाउज के बटन खोलने लगा। वो रोकने की कोशिश की। पर मैंने खोल दिया।
अंदर ब्रा थी। काली रंग की। मैंने ब्रा के ऊपर से ही चूची दबाना शुरू किया। वो आह्ह्ह करने लगीं। मज़ा आ रहा था।
मैंने कहा ब्रा उतार दो। वो मना करने लगीं। मैंने कहा प्लीज़। वो बोलीं नहीं। अभी नहीं। मैंने कहा ठीक है।
पर एक दिन तो उतारनी ही पड़ेगी। वो शर्मा गईं। मैंने फिर से चूमना शुरू किया। इस बार गर्दन पर। फिर कान के पास। वो कांपने लगीं।
मैंने कहा भाभी आप बहुत सेक्सी हो। वो बोलीं सच। मैंने कहा हां। मन करता है खा जाऊं। वो बोलीं पागल हो।
मैंने कहा आपके लिए पागल हूं। वो मुस्कुरा दीं। मैंने फिर चूची दबाई। इस बार थोड़ी जोर से। वो आह्ह्ह कर उठीं।
मैंने कहा दर्द हुआ। वो बोलीं नहीं। मज़ा आ रहा है। मैंने कहा और जोर से। वो बोलीं हां।
मैंने जोर से दबाया। वो आह्ह्ह ऊह्ह्ह करने लगीं। मैं समझ गया ये पूरी तरह तैयार है। बस एक मौका चाहिए। Vidhwa bhabhi chudai का सपना पूरा होने वाला था।
एक दिन रात को 11 बजे गया। वो अकेली थीं। मैंने कहा भाभी आज कुछ खास करें। वो बोलीं क्या। मैंने कहा आज आप मुझे अपना सब कुछ दे दो। वो समझ गईं। बोलीं अभी नहीं। मैंने कहा कब। वो बोलीं थोड़ा और इंतजार करो। मैंने कहा ठीक है। पर ज्यादा नहीं।
मैंने उन्हें गले लगाया। कसकर। उनकी चूचियाँ मेरे सीने पर दब रही थीं। मैंने कहा आज तो कुछ करने दो। वो बोलीं क्या। मैंने कहा चूत दिखाओ। वो चौंक गईं। बोलीं ये क्या बोल रहे हो। मैंने कहा प्लीज़।
बहुत दिनों से देखना है। वो बोलीं नहीं। शर्म आती है।
मैंने कहा कोई नहीं है। सिर्फ हम दोनों। वो बोलीं फिर भी। मैंने कहा ठीक है। पर एक बार चूत चाटने दो। वो और भी ज्यादा शर्मा गईं।
बोलीं ये क्या बात करते हो। मैंने कहा सच। मन करता है चाटूं। वो बोलीं पागल हो। मैंने कहा आपके लिए पागल हूं।
वो कुछ देर सोचती रहीं। फिर बोलीं ठीक है। पर सिर्फ एक बार। मैं खुशी से पागल हो गया। वो बेडरूम में चली गईं। मैं भी गया। वो बिस्तर पर बैठ गईं। मैंने कहा साड़ी उतारो।
वो मना करने लगीं। मैंने कहा प्लीज़। वो बोलीं ठीक है। पर आंखें बंद करके रहो।
मैंने आंखें बंद कर लीं। उन्होंने साड़ी उतारी। फिर पेटीकोट। मैंने आंखें खोलीं। वो सिर्फ ब्लाउज और पैंटी में थीं। गोरी गोरी जांघें। मैं तो देखता ही रह गया। वो बोलीं क्या देख रहे हो। मैंने कहा कुछ नहीं। आप बहुत सुंदर हो। वो शर्मा गईं।
मैंने कहा पैंटी भी उतारो। वो बोलीं नहीं। ये बहुत है। मैंने कहा ठीक है। मैंने उनके पैरों के पास बैठा। उनकी जांघों पर हाथ फेरने लगा। वो कांपने लगीं। मैंने कहा डरो मत। मज़ा आएगा। वो बोलीं हां। धीरे धीरे।
मैंने उनकी पैंटी के ऊपर से ही चूत पर हाथ रखा। वो आह्ह्ह करने लगीं। मैंने धीरे से सहलाया। वो गर्म हो चुकी थीं।
पैंटी गीली हो रही थी। मैंने कहा आप तो पानी छोड़ रही हो। वो शर्मा गईं। बोलीं ये क्या हो रहा है। मैंने कहा मज़ा आ रहा है।
मैंने पैंटी को साइड में किया। चूत दिख गई। गुलाबी रंग की। हल्के बाल थे। मैंने जीभ लगाई। वो चीख उठीं। बोलीं ये क्या कर रहे हो। मैंने कहा चाट रहा हूं। मज़ा आएगा। वो बोलीं अजीब लग रहा है। मैंने कहा थोड़ी देर में मज़ा आएगा।
मैंने चूत चाटनी शुरू की। वो आह्ह्ह ऊह्ह्ह करने लगीं। कमर उठाने लगीं। मैंने जीभ अंदर डाली। वो चिल्लाने लगीं।
बोलीं बस करो। मज़ा आ रहा है बहुत ज्यादा। मैंने चाटना जारी रखा। 5 मिनट में ही वो झड़ गईं। पानी मेरे मुंह पर आ गया।
वो थक कर गिर गईं। मैंने कहा कैसा लगा। वो बोलीं बहुत मज़ा आया। पहली बार किसी ने चाटा है।
मैंने कहा मैंने भी पहली बार चाटा है। वो हंस पड़ीं। बोलीं पागल हो। मैंने कहा आपके लिए पागल हूं। वो मुस्कुरा दीं। Hot bhabhi chudai का ये पहला अनुभव था।
अब मैं रोज़ जाता। चूत चाटता। वो झड़ती। फिर मैं भी झड़ जाता। उनके हाथ से। वो मुझे हिलाने लगी थीं। पहले शर्माती थीं। पर अब मज़े से करती थीं। एक दिन उन्होंने मुझे चूसना भी सीख लिया। मेरा लंड मुंह में लिया। वो बोलीं बड़ा है तुम्हारा। मैंने कहा आपके लिए है।
मैंने कहा भाभी अब असली काम करें। वो समझ गईं। बोलीं अभी नहीं। शादी करोगे तब। मैंने कहा शादी।
वो बोलीं हां। मैंने कहा पर आप विधवा हो। वो बोलीं तो क्या हुआ। मैंने कहा ठीक है। करूंगा। पर अभी एक बार कर लें। वो मान गईं।
वो पूरी नंगी बिस्तर पर लेटी थीं। मैंने भी कपड़े उतारे। 7 इंच का लंड खड़ा था। वो देखकर डर गईं। बोलीं इतना बड़ा। मैंने कहा डरो मत। अंदर जाएगा तो मज़ा आएगा। वो बोलीं धीरे डालना। दर्द होगा। मैंने कहा ठीक है।
मैं उनके ऊपर आया। चूचियों को चूसा। वो आह्ह्ह करने लगीं। फिर चूत पर लंड रखा। धीरे से दबाया।
सुपाड़ा अंदर गया। वो चीखीं। बोलीं दर्द हो रहा है। मैंने कहा थोड़ा सहन करो। फिर पूरा लंड अंदर डाल दिया। वो रोने लगीं।
मैंने रुक गया। थोड़ी देर बाद झटके मारने शुरू किए। धीरे धीरे। वो बोलीं अब ठीक है। और तेज़ करो।
मैंने स्पीड बढ़ा दी। पच पच की आवाजें आने लगीं। वो आह्ह्ह ऊह्ह्ह करने लगीं। मज़े लेने लगीं। मैंने 10 मिनट तक चोदा। फिर अंदर ही झड़ गया।
वो थकी हुई लेटी थीं। मैंने पूछा कैसा लगा। वो बोलीं पहले दर्द हुआ। पर बाद में बहुत मज़ा आया। मैंने कहा रोज़ करें। वो बोलीं हां। रोज़ करेंगे। मैं खुशी से उड़ने लगा। Desi bhabhi को पटाने में 2 साल लगे। पर मज़ा आ गया।
आज 6 महीने हो गए। रोज़ चोदता हूं। कभी सुबह। कभी शाम। कभी रात। वो भी अब खुल गई हैं। अब ब्रा नहीं पहनतीं। सिर्फ साड़ी में नंगे मम्मे लेकर घूमती हैं। मैं कभी भी पकड़कर चोद लेता हूं। Vidhwa bhabhi chudai का असली मज़ा यही है।
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