वो जुलाई का महीना था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हवा में महक थी मिट्टी की। मानसून दिल्ली में अपनी पूरी तरह से दस्तक दे चुका था। रात के लगभग ग्यारह बज रहे थे और बारिश तेजी से गिर रही थी। बारिश की वो रात: इनवर्टर डाउन…
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