रात के सवा ग्यारह बज चुके थे। घर में सिर्फ तीन लोग थे — मैं अपने कमरे में, और बाहर हॉल-किचन में मेरी मामी और मेरा चचेरा भाई की चुदाई। पापा और चाचा दोनों शहर गए हुए थे। घर में एक भारी-सी खामोशी फैली हुई थी। अनुराग पिछले दस दिनों…
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