भाग 1 — वो रात, वो राज़, और वो तीसरा नाम पिछली बरसात की रात के बाद बुआ और मेरा रिश्ता एक गुप्त खजाना बन चुका था। फूफा जी सो जाते, मोमबत्ती जलती, और हम दोनों एक-दूसरे की बाँहों में खो जाते। दिन में बुआ ‘बुआ’ थीं, रात में मेरी…
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