मैंने सुनीता को अपने कमरे में खींच लिया। वो रो रही थी, विरोध कर रही थी, लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा। नौकरानी के साथ सेक्स -2
“छोड़ो मुझे… मैं तुम्हारी मां की उम्र की हूं… यह पाप है…” वो चिल्लाई।
“पाप तो तुम्हारी बेटियों के साथ भी किया था… अब मां को भी करूंगा…” मैंने कहा और उसे बिस्तर पर गिरा दिया।
वो उठकर भागने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसे पकड़ लिया। मैंने उसकी साड़ी खींची, वो फट गई। फिर उसका ब्लाउज, पेटीकोट… एक-एक करके सब उतार दिया।
वो ब्रा और पैंटी में थी। 42 साल की उम्र में भी उसका बदन बहुत माल था। भारी-भरकम चूचियां, मोटी गांड, मैच्योर चूत…
“मत करो… प्लीज…” वो रो रही थी।
मैंने उसकी ब्रा खोली। वो दो भारी चूचियां बाहर आ गईं, लटकते हुए, लेकिन बहुत सेक्सी। मैंने उन्हें पकड़ा और दबाने लगा।
“आह… दर्द हो रहा है…” वो कराही।
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। उसकी चूत ढीली थी, लेकिन गीली होने लगी थी। मैंने उसकी टांगें फैलाईं।
“नहीं… मैं… मैं मां हूं… मत करो…” वो भीख मांगी।
मैंने अपना लंड बाहर निकाला। वो डरकर देखा। “यह… यह तो बहुत बड़ा है…”
“हां… और यह अब तुम्हारी चूत में जाएगा…” मैंने कहा और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा।
एक जोर का धक्का दिया। मेरा लंड पूरा अंदर चला गया। वो चीखी, लेकिन मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया।
“उम्म्म… चुप… मजा लो…” मैंने कहा और चोदना शुरू कर दिया।
मैंने उसे जोर-जोर से चोदा। उसकी चूचियां हिल रही थीं, मैं उन्हें भी दबा रहा था। 10 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा।
“कैसा लग रहा है मेरी रांड मां?” मैंने पूछा।
“आह… बहुत गहरा… और तेज…” वो बोली, अब उसे भी मजा आने लगा था।
मैंने उसे कुत्ते की तरह बनाया और पीछे से चोदने लगा। उसकी मोटी गांड देखकर मैं और उत्तेजित हो गया।
“तुम्हारी गांड भी मारूं?” मैंने पूछा।
“नहीं… वहां मत डालो… दर्द होगा…” वो बोली।
मैंने उसकी गांड में थूका और अपने लंड को वहां लगाया। एक धक्का दिया, और मेरा लंड उसकी गांड में चला गया।
“आह… मर गई… बहुत दर्द…” वो चीखी।
मैंने उसकी गांड 10 मिनट तक मारी, फिर अपना पानी उसकी गांड में ही छोड़ दिया।
वो थककर बिस्तर पर गिर पड़ी। मैंने उसे 10,000 रुपये दिए।
“अब से तुम भी मेरी रांड हो… तुम्हारी बेटियों की तरह…” मैंने कहा।
वो रोते हुए बोली, “हां… मैं तुम्हारी हूं… बस मेरी बेटियों को मत निकालो…”
तीनों को अलग-अलग चोदना
अब मेरे पास तीन रांडें थीं – मां, बड़ी बेटी और छोटी बेटी। मैंने फैसला किया कि तीनों को अलग-अलग चोदूंगा, फिर साथ में।
पहले मैंने कृतिका को बुलाया। वो रो रही थी, उसे पता चल गया था कि मैंने उसकी मां और बहन दोनों को चोदा है।
“साहब… आपने… आपने मेरी मां के साथ भी…” वो रोते हुए बोली।
“हां… और अब तुम्हें भी चोदूंगा… आओ…” मैंने कहा।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। वो रो रही थी, लेकिन मैंने उसे जोर-जोर से चोदा। 20 मिनट तक चोदने के बाद, मैंने अपना पानी उसकी चूत में छोड़ा।
फिर मैंने प्रिया को बुलाया। वो डर रही थी। मैंने उसे कुत्ते की तरह बनाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। वो रोते हुए चुदी, लेकिन मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा और अपना पानी उसकी चूत में छोड़ा।
फिर मैंने सुनीता को बुलाया। उसने साड़ी पहनी थी। मैंने उसे लिटाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। वो मोन करने लगी। मैंने उसे 25 मिनट तक चोदा, फिर अपना पानी उसकी चूत में छोड़ा।
तीनों को मैंने एक दिन में अलग-अलग चोदा। वो तीनों थककर बिस्तर पर पड़ी थीं, मेरी पानी से उनकी चूतें भरी हुई थीं।
तीनों को एक साथ चोदना – ग्रुप सेक्स
अगले दिन, मैंने तीनों को अपने कमरे में बुलाया।
“आज मैं तुम तीनों को एक साथ चोदूंगा,” मैंने कहा।
तीनों शर्मा गईं, लेकिन मना नहीं कर सकीं। वो जानती थीं कि मना करने पर मैं उन्हें निकाल दूंगा या पुलिस में फंसा दूंगा।
मैंने कहा, “सुनीता, तुम अपनी बेटी कृतिका की चूत चाटो।”
वो शर्मा रही थी, लेकिन मान गई। उसने अपनी बेटी की टांगें फैलाईं और चूत पर जीभ लगाई।
“उम्म्म… मां…” कृतिका मोन करने लगी।
फिर मैंने प्रिया से कहा, “तुम अपनी मां की चूत चाटो।”
प्रिया ने भी मान लिया। वो अपनी मां की चूत चाटने लगी।
मैं तीनों को देख रहा था, हिला रहा था। फिर मैंने सुनीता को बुलाया और उसके मुंह में अपना लंड दिया। वो चूसने लगी।
फिर मैंने कृतिका को बुलाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। वो चिल्लाने लगी, “आह… साहब… गहरा…”
मैंने प्रिया को भी बुलाया और उसकी गांड में उंगली करने लगा।
तीनों एक साथ मजे ले रही थीं। मैंने एक-एक करके तीनों की चूत चोदी, फिर तीनों की गांड मारी।
2 घंटे तक चुदाई चली। मैंने तीनों के मुंह पर, चूत पर, गांड पर – हर जगह अपना पानी छोड़ा।
“आज से तुम तीनों मेरी रांडें हो… मैं जब चाहूं, जैसे चाहूं, चोदूंगा,” मैंने कहा।
“हां मालिक… हम तुम्हारी हैं…” तीनों ने एक साथ कहा।
रोज की चुदाई और दासीगी
अब मेरा रोज का रुटीन था। सुबह उठता, तो सुनीता मेरा लंड चूसती। नहाने जाता, तो कृतिका साथ जाती और वहीं चुदाई होती। रात को तीनों को एक साथ चोदता।
मैंने तीनों को कॉलर पहनाए, चमड़े की पट्टियां बांधीं। वो मेरे कहने पर कुछ भी करतीं।
“सुनीता… आज से तुम मेरी मुख्य रांड हो। तुम अपनी बेटियों को चोदना सिखाएगी,” मैंने कहा।
“जी मालिक,” उसने कहा।
मैंने एक स्ट्रैप-ऑन खरीदा। सुनीता ने उसे पहना और अपनी बेटी कृतिका की चूत में डाल दिया।
“आह… मां… धीरे…” कृतिका चिल्लाई।
सुनीता उसे चोदने लगी। प्रिया भी मजे ले रही थी। मैं वीडियो बना रहा था।
फिर मैंने तीनों को एक लाइन में बनाया – सुनीता, फिर कृतिका, फिर प्रिया। मैंने एक के बाद एक तीनों की गांड मारी।
“आह… गहरा…”
“मर गई…”
तीनों चिल्ला रही थीं, लेकिन मजे ले रही थीं।
मैंने अपने दोस्तों को भी इन तीनों के बारे में बताया। मेरे दोस्त रोहित और विकास भी इन्हें चोदना चाहते थे।
एक रात, मैंने उन्हें बुलाया। तीनों रांडें तैयार थीं।
“आज मेरे दोस्त भी तुम्हें चोदेंगे,” मैंने कहा।
रोहित ने सुनीता को पकड़ा और चोदने लगा। विकास ने प्रिया को। मैंने कृतिका को।
छह लोगों की चुदाई चली पूरी रात। तीनों औरतें तीन मर्दों से चुद रही थीं। एक के बाद एक, सबने अपना पानी निकाला।
“यह तो बहुत मजा आया,” रोहित ने कहा।
“हां यार, तीनों माल हैं,” विकास ने कहा।
मैंने उनसे पैसे लिए – 5000 रुपये प्रति रांड। अब यह मेरा धंधा भी बन गया।
अब तीनों पूरी तरह मेरी दासी बन चुकी थीं। मैंने उन्हें कॉलर पहनाए, चमड़े की पट्टियां बांधीं। वो मेरे कहने पर कुछ भी करतीं।
“सुनीता… आज से तुम मेरी मुख्य रांड हो। तुम अपनी बेटियों को चोदना सिखाएगी,” मैंने कहा।
“जी मालिक,” उसने कहा।
मैंने एक स्ट्रैप-ऑन खरीदा। सुनीता ने उसे पहना और अपनी बेटी कृतिका की चूत में डाल दिया।
“आह… मां… धीरे…” कृतिका चिल्लाई।
सुनीता उसे चोदने लगी। प्रिया भी मजे ले रही थी। मैं वीडियो बना रहा था।
फिर मैंने तीनों को एक लाइन में बनाया – सुनीता, फिर कृतिका, फिर प्रिया। मैंने एक के बाद एक तीनों की गांड मारी।
“आह… गहरा…”
“मर गई…”
तीनों चिल्ला रही थीं, लेकिन मजे ले रही थीं।
6 महीने बाद, मैंने तीनों को अपनी हरम की रानियां बना लिया। वो मेरे घर में रहतीं, मेरे लिए काम करतीं, और मेरी इच्छा पूरी करतीं।
मैंने सुनीता को गर्भवती भी कर दिया। 42 साल की उम्र में वो मेरी बच्चे की मां बनने वाली थी।
“मालिक… मैं आपके बच्चे की मां बनने वाली हूं,” उसने खुशी से कहा।
“हां… और यह बच्चा मेरा उत्तराधिकारी होगा। तुम तीनों मेरी संपत्ति हो… मेरी रांडें… मेरी दासियां,” मैंने कहा।
तीनों ने मेरे पैर छुए। “हां मालिक… हम तुम्हारी हैं… हमेशा के लिए…”
अब मैं हर रात तीनों को एक साथ चोदता हूं। मां, बड़ी बेटी, छोटी बेटी – तीनों मेरी हरम में हैं। वो एक-दूसरे को चोदती हैं, मुझे चोदती हैं, मेरे दोस्तों को चोदती हैं।
यह है मेरी कहानी… मालिक और नौकरानी की चुदाई… और मां-बेटी को अपनी रांडी बनाने की कहानी।
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