फ्रेंड्स, मेरा नाम अमित है. मेरी उम्र 27 साल है. मेरी हाइट 5’10 है गोरा-सा रंग, क्लीन शेव रहता हूँ. अब मैं आपको बताऊंगा कि मेरी साली मेरी बाहो में कैसे आई, मेरी साली की चुदाई की कहानी लिखने जा रहा हूँ । आप बहुत करीब से जाने और पसंद आए तो मेल जरूर करें मेरी mail id vikasgoel4952@gmail.com, आपके मेल का इंतज़ार रहेगा दोस्तो ।
चाय की प्याली और पहली शरारत
अमित की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे। वह अपनी पत्नी रिया के साथ पहली बार अपने ससुराल आया था। भारतीय परिवारों में जीजा और साली का रिश्ता हमेशा से ही हंसी-मज़ाक और खिंचाई से भरा होता है, और अमित की साली, नेहा, इस मामले में उस्ताद थी।
शाम का वक्त था। अमित हॉल में बैठा अखबार पढ़ रहा था, तभी नेहा हाथ में चाय का कप लेकर आई। उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी।
जीजा साली की चुदाई/ हिंदी सेक्स स्टोरी
“लीजिए जीजू, आपके लिए स्पेशल इलायची वाली चाय। पूरे दिल से बनाई है!” नेहा ने कप आगे बढ़ाते हुए कहा।
अमित ने जैसे ही चाय की चुस्की ली, उसका चेहरा अजीब सा बन गया। चाय में चीनी की जगह नमक मिला हुआ था! उसने थूकने की कोशिश की, लेकिन नेहा सामने खड़ी होकर अपनी हंसी दबाने की कोशिश कर रही थी।
“कैसी लगी जीजू? मेरी हाथ की स्पेशल चाय?” नेहा ने आँखें मटकाते हुए पूछा।
अमित ने मुस्कुराते हुए खुद को संभाला और कहा, “वाह नेहा! चाय तो लाजवाब है। बिल्कुल तुम्हारी तरह… थोड़ी नमकीन और थोड़ी तीखी!”
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नेहा का मज़ाक उल्टा पड़ गया था। अमित का यह हाज़िरजवाब अंदाज़ देखकर वह शरमा गई और पैर पटकती हुई रसोई की तरफ भाग गई।
शादी की तस्वीरें और बदलता अंदाज़
अगले दिन, घर में सब लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे। अमित लिविंग रूम में बैठकर लैपटॉप पर अपनी शादी का एल्बम देख रहा था। तभी नेहा वहाँ आई और चुपके से उसके पीछे आकर खड़ी हो गई।
“क्या देख रहे हैं जीजू? अपनी किस्मत चमचमाते हुए या…?” नेहा ने पीछे से टोका।
“सोच रहा हूँ कि तुम्हारी दीदी कितनी खूबसूरत लग रही हैं,” अमित ने मुस्कुराकर कहा।
“अच्छा! और मैं? मैं तो पूरी शादी में आपके आस-पास ही घूम रही थी, मेरे बारे में क्या ख्याल है?” नेहा ने सोफे के हैंडल पर बैठते हुए थोड़ा हक जताते हुए पूछा।
अमित ने लैपटॉप स्क्रीन को थोड़ा घुमाया। स्क्रीन पर रिया की नहीं, बल्कि नेहा की एक कैंडिड (अचानक ली गई) तस्वीर थी, जिसमें वह मुस्कुराते हुए फूलों की टोकरी संभाल रही थी। वह बेहद खूबसूरत लग रही थी।
अमित ने नेहा की तरफ देखा और धीमी आवाज़ में कहा, “दीदी तो मेरी ज़िंदगी हैं नेहा, लेकिन उस ज़िंदगी में जो रौनक और हंसी तुम लेकर आती हो, उसकी बात ही कुछ और है। तुम्हारी तस्वीरें सच में बहुत प्यारी आई हैं।”
यह सुनकर नेहा के गाल एकदम लाल हो गए। जो साली हमेशा जीजा की टांग खींचने का मौका ढूंढती थी, वह आज अमित की नज़रों की गहराई और तारीफ सुनकर पहली बार कुछ बोल नहीं पाई। उसके दिल की धड़कन थोड़ी तेज़ हो गई थी।
विदाई का पल और एक मीठा वादा
देखते ही देखते अमित और रिया के वापस लौटने का दिन आ गया। गाड़ी तैयार थी और सब विदा कर रहे थे। हमेशा चुलबुली रहने वाली नेहा आज थोड़ी शांत थी। वह चुपचाप दरवाजे के पास खड़ी अमित को देख रही थी।
अमित उसके पास गया और अपना हाथ आगे बढ़ाया। “तो साली साहिबा, अब हमें चैन की चाय पीने को मिलेगी। कोई नमक मिलाने वाला नहीं होगा।”
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नेहा ने अमित का हाथ थाम लिया। उसकी आँखों में थोड़ी सी नमी थी, लेकिन उसने मुस्कुराते हुए कहा, “अगली बार आओगे न जीजू, तो मिर्ची पाउडर डालकर पिलाऊँगी। बचके रहना मुझसे।”
अमित ने धीरे से नेहा का हाथ दबाया और कहा, “मुझे इंतज़ार रहेगा।”
गाड़ी जैसे ही आगे बढ़ी, नेहा ने खिड़की से हाथ हिलाया। वह समझ चुकी थी कि जीजा-साली के इस प्यारे और शरारती रिश्ते में एक ऐसी अनकही सी कशिश और मिठास घुल चुकी थी, जो हमेशा उनके दिलों के बेहद करीब रहेगी।
बारिश और बदलते रिश्ते
दोपहर का वक्त था। घर के बाकी सब लोग पास के मंदिर गए थे, और रिया बाज़ार से कुछ सामान लेने निकली थी। घर में सिर्फ अमित और नेहा थे। अचानक मौसम बदला और तेज़ बारिश शुरू हो गई। ठंडी हवा के झोंकों से खिड़कियाँ खटखटाने लगीं।
अमित खिड़की बंद करने लिविंग रूम में आया, तभी नेहा भी वहाँ पहुँची। जैसे ही नेहा ने खिड़की का पल्ला पकड़ना चाहा, हवा के एक तेज़ झोंके से उसका पैर फिसल गया। वह सीधे अमित के सीने से जा टकराई।
अमित ने फुर्ती से नेहा को गिरने से बचाने के लिए उसकी पतली कमर में अपना हाथ डाल दिया। नेहा की आँखें डर के मारे बंद थीं, लेकिन जब उसने अपनी पीठ पर अमित के मजबूत हाथों की छुअन महसूस की, तो उसने धीरे से अपनी आँखें खोलीं।
दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे। हवा के झोंकों से नेहा के गीले बाल अमित के चेहरे को छू रहे थे। दोनों की साँसें तेज़ थीं और दिल की धड़कनें साफ सुनाई दे रही थीं। जो शरारत हमेशा उनकी बातों में होती थी, वह इस पल एक गहरे आकर्षण में बदल चुकी थी।
अमित ने उसकी आँखों में देखते हुए बेहद धीमी आवाज़ में कहा, “तुम जब शांत होती हो, तो और भी ज़्यादा खूबसूरत लगती हो…”
नेहा का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। उसने अमित की शर्ट के कॉलर को अपनी उंगलियों में भींच लिया। वह अमित की नज़रों की तपिश को महसूस कर पा रही थी। अमित धीरे-धीरे थोड़ा और झुका। इस पल न तो नेहा ने खुद को पीछे खींचा और न ही अमित ने अपनी राह बदली।
जीजा साली की चुदाई/ हिंदी सेक्स स्टोरी
अमित ने बहुत ही कोमलता से अपने होंठ नेहा के गुलाबी गालों पर रख दिए। वह किस इतनी मखमली और गहरी थी कि नेहा के बदन में एक सिहरन दौड़ गई। उसने अपनी आँखें मूँद लीं। इसके बाद, अमित ने धीरे से अपने होंठ हटाए और नेहा के माथे को चूमते हुए उसे अपनी बाहों में समेट लिया।
इस बारिश की बूंदों के बीच, बिना कुछ कहे भी दोनों के बीच एक बेहद रोमांटिक और गहरा रिश्ता बन चुका था।
एक ख़ास राज़
कुछ देर बाद जब बाहर गाड़ियों की आवाज़ आई, तो दोनों एक-दूसरे से अलग हुए। नेहा के गाल शर्म से पूरी तरह लाल हो चुके थे। वह अपनी ओढ़नी संभालते हुए कमरे की तरफ भागने लगी, लेकिन दरवाजे पर रुककर उसने मुड़कर अमित को देखा।
उसकी आँखों में अब वो पुरानी शरारत वापस आ चुकी थी, लेकिन उसमें अब प्यार का एक नया रंग भी था। उसने उंगली से चुप रहने का इशारा किया और मुस्कुराते हुए अंदर चली गई।
अमित वहीं खड़ा मुस्कुरा रहा था, यह जानते हुए कि यह रोमांटिक पल अब हमेशा के लिए उन दोनों के बीच एक बेहद खूबसूरत और मीठा राज़ बन चुका है।
रात की चुप्पी और खुलते राज़
उस रात, जब सब सो चुके थे, नेहा अपने कमरे से चुपके से उठी और अमित के कमरे के बाहर आकर खड़ी हो गई। दरवाज़ा खुला था। अमित भी जाग रहा था, वह उसकी आहट से ही समझ गया था।
“अभी तक जाग रहे हो?” नेहा ने धीरे से पूछा।
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“तुम्हारी याद में,” अमित ने बिस्तर से उठकर उसके पास आया।
नेहा ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने कमरे में ले गई। अंधेरे में सिर्फ चाँदनी की रोशनी थी। दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे।
“जीजू, आज जो हुआ… वो गलत तो नहीं है ना?” नेहा ने डरते हुए पूछा।
“गलत नहीं है नेहा। जब दिल मिलते हैं, तो कुछ भी गलत नहीं होता,” अमित ने उसके गालों को सहलाते हुए कहा।
फिर अमित ने धीरे से नेहा की साड़ी का पल्लू हटाया। नेहा का साँस रुक गया। उसने अमित की शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए। दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे।
नेहा की साँसें तेज़ हो गई थीं। उसके बदन पर अमित की उंगलियों का जादू चल रहा था। अमित ने नेहा को अपनी बाँहों में भर लिया और उसके होंठों पर एक बार फिर से अपने होंठ रख दिए। इस बार किस में पहले से कहीं ज़्यादा जुनून और प्यार था। नेहा ने भी उसका पूरा साथ दिया, उसकी उंगलियाँ अमित के बालों में उलझ गईं, जैसे वह इस पल को हमेशा के लिए कैद करना चाहती हो।
अमित ने नेहा को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर झुक गया। चाँद की मुट्ठी भर रोशनी में नेहा का बदन चाँदी की तरह चमक रहा था। उसकी खुली पीठ पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। अमित ने उसके गले को चूमा, फिर धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ता गया। उसने अपनी जीभ से नेहा के क्लीवेज को चाटा, जिससे नेहा की सिसकियाँ और तेज़ हो गईं। वह पूरे जोश से अमित का साथ दे रही थी, उसकी उंगलियाँ अमित की पीठ पर निशान बना रही थीं।
साली की मस्त चुदाई जीजा के संग / सेक्स की कहानियाँ
“जीजू… मुझे तुमसे प्यार हो गया है,” नेहा ने कामुक आवाज़ में कहा, उसकी साँसें गर्म थीं और अमित के कानों में गूंज रही थीं।
“मुझे भी तुमसे प्यार है नेहा,” अमित ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, “तुम वो मीठी चाय हो जो मैं हर रोज पीना चाहता हूँ, भले ही उसमें नमक क्यों न हो।”
अमित ने धीरे से नेहा के कपड़े पूरी तरह से उतार दिए। नेहा ने भी अमित के कपड़े उतार दिए। दोनों एक दूसरे की बाँहों में नंगे थे। अमित ने नेहा के बदन के हर हिस्से को चूमा, उसके दूध को मसलने लगा। नेहा की साँसें और तेज़ हो गईं, वह मस्ती में सिसक रही थी। उसके निप्पल सख्त हो गए थे, जिसे अमित अपनी उंगलियों से मसल रहा था।
फिर अमित ने नेहा की चूत पर अपनी उंगली रखी। नेहा कांप उठी। उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी, उसके रस से चिपचिपी हो रही थी। अमित ने धीरे-धीरे अपनी उंगली अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। नेहा अब पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी, उसके मुँह से सिसकियाँ निकल रही थीं।
“अब और मत तड़पाओ जीजू… प्लीज़,” नेहा ने कहा, उसकी आँखें बंद थीं और वह पूरे आनंद में खो चुकी थी।
अमित ने अपना लंड नेहा की चूत पर रखा और धीरे से अंदर धकेल दिया। नेहा के मुँह से एक हल्की चीख निकल गई। अमित का लंड मोटा और लंबा था, जो नेहा की चूत को भर रहा था। अमित ने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। नेहा भी अपनी कमर हिला-हिलाकर उसका साथ दे रही थी। उसकी चूत से फच्-फच् की आवाज़ आ रही थी।
साली की मस्त चुदाई जीजा के संग / सेक्स की कहानियाँ /
कुछ देर बाद दोनों झड़ गए। अमित नेहा के ऊपर ही लेट गया, दोनों कांप रहे थे। अमित का गर्म वीर्य नेहा की चूत को भर गया था। फिर अमित उठकर नेहा के बगल में लेट गया और उसे अपनी बाँहों में ले लिया। दोनों के बदन पसीने से चिकने थे और उनकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। नेहा ने अपना सिर अमित की छाती पर रख दिया, उसका दिल धड़कन सुनाई दे रही थी। अमित ने उसके पसीने से भीगे बालों को सहलाते हुए कहा, “तुम बहुत खूबसूरत हो नेहा, और आज तुम मेरी हो।”
नेहा उठकर बैठ गई और अमित का लंड अपने मुँह में ले लिया। वह उसे चूसने लगी, जैसे एक भूखी बिल्ली दूध पी रही हो। अमित का लंड फिर से खड़ा हो गया। नेहा ने उसके लंड को अपने मुँह से निकालकर कहा, “जीजू, मैं तुम्हारी रानी बनना चाहती हूँ।”
अमित ने उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसे घोड़ी की स्थिति में कर दिया। वह नेहा की चूत के पीछे से अपना लंड डालने लगा। नेहा की चूत अभी भी गीली थी, इसलिए उसका लंड आसानी से अंदर चला गया। अमित ने नेहा की कमर पकड़ी और तेज़-तेज़ धक्के मारने लगा। नेहा की चूचियाँ हवा में उछल रही थीं।
“हाँ जीजू… और ज़ोर से… और तेज़… मुझे अपनी बना लो,” नेहा चिल्ला रही थी।
अमित ने उसकी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया। नेहा दोबारा झड़ने वाली थी। उसने अपनी चूत को अमित के लंड पर और दबा दिया। दोनों एक साथ झड़ गए। अमित का वीर्य फिर से नेहा की चूत को भर गया।
दोनों थक कर एक दूसरे से चिपक गए। अमित ने नेहा को अपनी बाँहों में भर लिया और उसके होंठों पर किस किया। “यह पल हमेशा याद रहेगा जीजू,” नेहा ने अमित की छाती पर सिर रखते हुए कहा।
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“हाँ नेहा, यह पल हमारा राज़ रहेगा,” अमित ने उसके बालों को सहलाते हुए कहा।
सुबह होने वाली थी, दोनों जानते थे कि यह रात जल्द ही खत्म हो जाएगी, लेकिन इन पलों की यादें हमेशा उनके दिलों में बसी रहेंगी। अमित ने नेहा को एक बार फिर से अपनी बाँहों में खींचा और उसे चूमने लगा। नेहा भी उसका पूरा साथ दे रही थी। दोनों फिर से एक दूसरे के बदन को महसूस करने लगे।
अमित ने नेहा को अपनी गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया। उसने शावर चालू किया और नेहा के बदन पर ठंडा पानी डालने लगा। नेहा कांपने लगी, लेकिन अमित ने उसे अपनी बाँहों में कसकर पकड़ लिया। वह नेहा के बदन को साबुन लगा रहा था, उसकी चूचियों को, उसकी चूत को। नेहा भी अमित के बदन पर साबुन लगा रही थी, उसके लंड को।
शावर के नीचे दोनों फिर से एक हो गए। अमित ने नेहा को दीवार से चिपका दिया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया।नेहा की चीख शावर की आवाज़ में उसकी आवाज दब गई फिर ऐसे अमित ने दो बार उसे चोदा और फिर अब जब भी हम मिलते हैं तो सेक्स करते हैं
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