मंदिरा की चालाकी – शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
मंदिरा शहर की एक सुंदर औरत थी। उसकी उम्र करीब 32 साल थी। उसका पति एक बड़ी कंपनी में मैनेजर था और अक्सर टूर पर रहता था। मंदिरा को शारीरिक सुख की बहुत तलब थी लेकिन उसका पति उसे वो खुशी नहीं दे पाता था। वो महीने में एक दो बार ही उसके पास आता और वो भी जल्दी खत्म हो जाता था। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
मंदिरा के घर के पास ही एक जिम थी। वहां रोज एक आदमी आता था जिसका नाम अनिल था। अनिल एक बॉडीबिल्डर था। उसकी उम्र 28 साल थी। उसका बदन एकदम फिट और तगड़ा था। उसकी चौड़ी छाती, उभरी हुई बाइसेप्स, और उसके जांघों में इतनी ताकत थी कि कोई भी औरत उसे देखकर पानी छोड़ दे।
मंदिरा रोज अपनी बालकनी में खड़ी होकर अनिल को देखती थी। वो जिम जाते वक्त जो टाइट टी-शर्ट पहनता था उसमें उसके उभरे हुए बदन के हर हिस्से साफ दिखते थे। मंदिरा की चूत में आग लग जाती थी। वो सोचती थी कि काश ये मर्द मुझे एक बार अपनी बाहों में भर ले, इसका लंड मेरी चूत में घुस जाए तो मैं स्वर्ग का आनंद पा लूं।
मंदिरा ने कई बार अनिल को अपने घर बुलाने की कोशिश की। वो बहाने बनाती, कभी पानी का मोटर खराब है, कभी दरवाजा नहीं खुल रहा, लेकिन अनिल हर बार आकर काम करके चला जाता और मंदिरा की तरफ देखता भी नहीं था। मंदिरा बहुत परेशान थी। वो समझ नहीं पा रही थी कि इतनी सुंदर औरत होने के बावजूद ये आदमी उस पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा।
एक दिन मंदिरा अपनी बालकनी में खड़ी थी। उसने एक नई औरत को देखा जो पास वाले घर में किराए से रहने आई थी। वो औरत शीला नाम की एक गांव की बहू थी। शीला का पति शहर में नौकरी करता था और वो उसके साथ रहने आई थी। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
जब मंदिरा ने शीला को पहली बार देखा तो उसकी सांसें थम गईं। शीला की उम्र करीब 26-27 साल थी। वो इतनी सुंदर थी कि मंदिरा जैसी शहर की औरत भी उसके सामने फीकी पड़ जाती थी। शीला का रंग एकदम गोरा था, जैसे कोई गोरी चिट्टी हो। उसके बाल लंबे और काले थे जो उसकी कमर तक आते थे।
लेकिन सबसे ज्यादा जो चीज मंदिरा का ध्यान खींची वो था शीला का फिगर। शीला के स्तन इतने बड़े और उभरे हुए थे कि उसकी साड़ी भी उन्हें छिपा नहीं पा रही थी। उसके चूचे जैसे कोई तरबूज हों, गोल और भारी। उसकी कमर बहुत पतली थी और उसकी गांड इतनी बड़ी और गोल थी कि चलते वक्त वो इधर-उधर हिलती थी।
मंदिरा ने देखा कि जब शीला सड़क से गुजरती तो हर आदमी उसे घूर-घूर कर देखता। ऑटो वाले, दुकानदार, सबकी नजरें उसी पर टिकी रहतीं। मंदिरा को समझ आया कि अनिल भी शीला को ही देखता है। एक दिन मंदिरा ने देखा कि अनिल जिम से आ रहा था और शीला सब्जी लेने जा रही थी। अनिल की आंखें शीला के चूचों पर ही टिकी थीं। उसका लंड उसकी शॉर्ट्स में उभरता हुआ साफ दिख रहा था।
मंदिरा को बहुत जलन हुई लेकिन साथ ही उसके दिमाग में एक खतरनाक प्लान आया। उसने सोचा अगर मैं इस गांव की भाभी को अनिल के हवाले कर दूं, अगर मैं इन दोनों को मिलवा दूं तो शायद अनिल खुश होकर मुझे भी अपना ले। यही सोचकर मंदिरा ने एक शैतानी योजना बनाई। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
मंदिरा रोज शीला से मिलने जाने लगी। वो उसे बहन बनाकर घर बुलाती, उसे शहर की चीजें दिखाती। शीला भी सीधी-सादी थी, उसे कोई शक नहीं हुआ। धीरे-धीरे मंदिरा ने शीला की जिंदगी के बारे में सब कुछ जान लिया। उसे पता चला कि शीला के पति को काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाना पड़ता है और शीला अकेली रहती है।
मंदिरा ने अनिल के बारे में भी पता लगाया। वो जान गई कि अनिल अकेला रहता है, उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और वो रोज शाम को जिम के बाद घर पर अकेला होता है।
एक दिन मंदिरा ने शीला से कहा, “बहन, मेरे घर का पानी का मोटर खराब हो गया है। मेरे पति भी नहीं हैं। क्या तुम्हारे घर से मैं नहा सकती हूं?”
शीला ने खुशी-खुशी हां कर दी। मंदिरा जानबूझकर शाम के वक्त गई जब शीला का पति ऑफिस गया होता था। मंदिरा ने पहले ही अनिल को फोन करके बुला लिया था बहाने से। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
जब मंदिरा शीला के घर पहुंची तो उसने देखा कि शीला ने एक हल्की सी साड़ी पहनी हुई थी जो गीली होने पर उसका सब कुछ दिखा देती। मंदिरा ने शीला से कहा कि वो नहाने जा रही है। वो जानबूझकर बाथरूम का दरवाजा थोड़ा खुला छोड़कर नहाने लगी।
तभी अनिल आया। मंदिरा ने उसे अंदर बुला लिया। जब अनिल अंदर आया तो उसकी आंखें शीला पर टिक गईं। शीला अनिल को देखकर थोड़ा शर्मा गई। मंदिरा ने कहा, “ये मेरे पड़ोसी हैं अनिल, ये मेरी दोस्त शीला हैं।”
अनिल की नजरें शीला के चूचों पर थीं। शीला की साड़ी का पल्लू सरक गया था और उसकी गोरी चूचियों का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था। अनिल का लंड तुरंत खड़ा हो गया।
मंदिरा ने देख लिया ये सब। उसने कहा, “अनिल, तुम यहीं बैठो, मैं नहाकर आती हूं।” कहकर वो बाथरूम में चली गई लेकिन दरवाजा थोड़ा खुला छोड़ गई ताकि वो बाहर का सब कुछ देख सके।
अब बाहर अनिल और शीला अकेले थे। अनिल ने शीला से बातचीत शुरू की। वो उसे अपने बॉडीबिल्डिंग के किस्से सुनाने लगा। शीला भी उसके तगड़े बदन को देखकर impress हो रही थी। मंदिरा बाथरूम से देख रही थी कि अनिल जानबूझकर अपने हाथ ऐसे हिला रहा था जिससे उसकी बाइसेप्स उभरें और शीला उसे देखे। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
शीला की नजरें अनिल की जांघों पर थीं जहां उसका लंड टाइट शॉर्ट्स में बंद था और उसका आकार साफ दिख रहा था। शीला की सांसें तेज हो गई थीं। वो पति से दूर रहती थी और उसकी चूत में आग लगी हुई थी।
मंदिरा बाहर आई। उसने एक हल्का सा गाउन पहना हुआ था जो गीला था और उसके अंदर के कपड़े साफ दिख रहे थे। वो अनिल के पास बैठ गई और जानबूझकर अपना पैर अनिल के पैर से सटा दिया।
अनिल को अब दो औरतें मिल गई थीं। एक शहर की मंदिरा जो खुद उसे चाहती थी और एक गांव की शीला जो उसके लंड को घूर-घूर कर देख रही थी। मंदिरा ने शरारत से कहा, “शीला, तुमने तो अनिल का बदन देखा ही नहीं। ये तो बहुत तगड़ा बॉडीबिल्डर है।”
कहकर मंदिरा ने अनिल की टी-शर्ट उतार दी। अनिल की गोरी और उभरी हुई छाती सामने आ गई। शीला की आंखें चौड़ी हो गईं। उसने कभी इतना सुंदर मर्द का बदन नहीं देखा था। अनिल के निप्प्स गोल और उभरे हुए थे, उसकी छाती पत्थर की तरह कड़ी थी।
मंदिरा ने अनिल के निप्प्स पर अपनी उंगली फिराई। अनिल ने मजे से सांस ली। फिर मंदिरा ने शीला को इशारा किया। शीला शर्मा रही थी लेकिन उसका हाथ खुद-ब-खुद अनिल की छाती की तरफ बढ़ गया।
शीला के नरम हाथ जब अनिल की कड़ी छाती पर पड़े तो अनिल का लंड और भी तन गया। मंदिरा ने नीचे देखा और कहा, “अरे, अनिल तुम्हारे तो शॉर्ट्स में कुछ ज्यादा ही उभार है।” शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
कहकर मंदिरा ने अनिल की शॉर्ट्स पर हाथ रख दिया। अनिल का लंड उसके हाथ में बंद था। मंदिरा ने उसे सहलाना शुरू कर दिया। अनिल की आंखें बंद हो गईं।
शीला ये सब देखकर घबरा रही थी लेकिन उसकी चूत में पानी आ रहा था। मंदिरा ने शीला का हाथ पकड़ा और अनिल की शॉर्ट्स पर रख दिया। अब दोनों औरतें अनिल के लंड को उसके ऊपर से ही सहला रही थीं।
अनिल का लंड 9 इंच लंबा और बहुत मोटा था। शॉर्ट्स में वो एक सांप की तरह उछल-उछल कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था। मंदिरा ने हिम्मत करके अनिल की शॉर्ट्स नीचे कर दी।
जैसे ही शॉर्ट्स नीचे हुई, अनिल का लंड बाहर निकलकर हवा में लहराने लगा। वो इतना बड़ा और काला था कि शीला के होश उड़ गए। उसने कभी इतना बड़ा लंड नहीं देखा था। उसके पति का तो आधा ही था ये। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
मंदिरा ने अनिल के लंड को पकड़ा और शीला के मुंह के पास ले आई। उसने कहा, “शीला, चूसो इसे। बहुत मजा आएगा।”
शीला ने शर्माते हुए अनिल के लंड को मुंह में ले लिया। वो उसे चूसने लगी। अनिल की आंखें बंद थीं और वो मजे की सांसें ले रहा था। मंदिरा भी नीचे बैठ गई और शीला के साथ मिलकर अनिल के लंड को चूसने लगी। दोनों औरतें बारी-बारी से उस बड़े काले लंड को अपने मुंह में ले रही थीं।
अनिल ने मंदिरा के बाल पकड़े और उसका मुंह अपने लंड पर जोर से दबाया। मंदिरा का गला तक लंड चला गया। वो घुटने लगी लेकिन अनिल ने उसे छोड़ा नहीं। फिर उसने शीला का चेहरा पकड़ा और अपना लंड उसके मुंह में घुसा दिया। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
शीला उस बड़े लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी। उसके थूक से अनिल का लंड चमकने लगा था। मंदिरा ने अपना गाउन उतार दिया। वो अंदर से ब्रा भी नहीं पहनी थी। उसके चूचे बाहर आ गए। वो मध्यम आकार के थे लेकिन उभरे हुए थे।
मंदिरा ने अनिल का हाथ पकड़ा और अपने चूचों पर रख दिया। अनिल ने उसके चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया। उसके नाखून मंदिरा की त्वचा में धंस रहे थे। मंदिरा को दर्द हो रहा था लेकिन मजा भी आ रहा था।
अब अनिल ने शीला को उठाया। उसने शीला की साड़ी खींची और उतार दी। शीला एकदम से नंगी हो गई। उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना था। उसकी गोरी चूत साफ दिख रही थी जिस पर थोड़े-थोड़े बाल थे।
शीला के चूचे इतने बड़े थे कि वो नीचे की तरफ झुके हुए थे। अनिल ने उन चूचों को दोनों हाथों से पकड़ा और जोर से दबाया। शीला की सीटी निकल गई। अनिल उसके चूचों को मसल रहा था, उनके निप्प्स को घुमा-घुमा कर दबा रहा था।
मंदिरा ने भी अपनी पैंटी उतार दी। उसकी चूत पर घने बाल थे। वो अनिल के पीछे खड़ी होकर उसके कंधे पर चूमने लगी और अपनी चूत उसकी कमर पर रगड़ने लगी।
अनिल ने शीला को सोफे पर लेटा दिया। उसने उसके पैर फैलाए और उसकी चूत को देखने लगा। शीला की चूत गुलाबी थी और पानी से भीगी हुई थी। अनिल ने अपनी जीभ बाहर निकाली और शीला की चूत पर लगा दी। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
शीला की चीख निकल गई। अनिल की जीभ उसकी चूत के अंदर घुस रही थी। वो उसकी चूत को चाट रहा था, उसकी चूत के दाने को अपने मुंह में भरकर चूस रहा था। शीला अपनी कमर हवा में उछाल-उछाल कर रही थी। उसे ऐसा मजा कभी नहीं आया था।
मंदिरा ये सब देख रही थी। उसकी चूत में आग लगी हुई थी। वो अनिल से कहने लगी, “मुझे भी चोदो, पहले मुझे अपना लंड दो।”
लेकिन अनिल तो शीला की चूत में अपनी जीभ घुसाए हुए था। वो मंदिरा की बात नहीं सुन रहा था। उसे तो शीला की गोरी चूत बहुत पसंद आ गई थी। वो उसे चाटे जा रहा था और शीला की चूत का पानी पी जा रहा था।
शीला की चूत से पानी निकलने लगा था। वो झड़ने वाली थी। अनिल ने अपनी दो उंगलियां शीला की चूत में डाल दीं और अंदर-बाहर करने लगा। शीला की चीखें निकल रही थीं। वो बोली, “बस… बस… अब मत करो… मैं झड़ जाऊंगी…”
लेकिन अनिल ने उसे झड़ने दिया। शीला की चूत से पानी की धार निकली और अनिल के मुंह पर गिरी। अनिल ने वो सारा पानी पी लिया। शीला थककर सोफे पर पड़ी रही।
अब अनिल उठा और मंदिरा की तरफ मुड़ा। उसका लंड अभी भी लोहे की रॉड की तरह सीधा खड़ा था। मंदिरा ने उसे पकड़ा और अपनी चूत पर रख लिया। वो खुद ही अनिल के लंड पर बैठ गई।
अनिल का लंड मंदिरा की चूत में घुस गया। मंदिरा की चीख निकल गई। वो इतने बड़े लंड से चुदवा रही थी पहली बार। उसकी चूत फटने लगी थी। अनिल ने उसकी कमर पकड़ी और नीचे से धक्का मारा। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
मंदिरा ऊपर-नीचे उछल रही थी। उसके चूचे हवा में उछल-उछल कर हिल रहे थे। अनिल ने उन चूचों को पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगा। मंदिरा को दर्द और मजा दोनों हो रहा था।
अब अनिल ने मंदिरा को उठाया और नीचे लेटा दिया। उसने उसके पैर अपने कंधों पर रखे और अपना लंड उसकी चूत में पूरा अंदर तक घुसा दिया। मंदिरा की चीखें निकल रही थीं। अनिल उसे जोर-जोर से चोद रहा था। उसकी कमर ऐसे हिल रही थी जैसे कोई मशीन हो।
मंदिरा की चूत से खून निकलने लगा था। अनिल का लंड इतना मोटा था कि उसकी चूत फट गई थी। लेकिन मंदिरा को मजा आ रहा था। वो चिल्ला रही थी, “और जोर से… और अंदर तक… फाड़ दो मेरी चूत…”
अनिल ने रफ्तार और बढ़ा दी। वो मंदिरा को पंद्रह मिनट तक लगातार चोदता रहा। मंदिरा दो बार झड़ चुकी थी। उसकी चूत से पानी निकलकर अनिल के लंड को गीला कर रहा था।
अब अनिल ने अपना लंड बाहर निकाला। उसका लंड मंदिरा के खून और पानी से भीगा हुआ था। वो शीला की तरफ गया जो अब तक सोफे पर पड़ी थी। उसने शीला को उठाया और कहा, “तुम्हारी बारी।”
शीला ने कहा, “नहीं, ये बहुत बड़ा है, मेरी चूत फट जाएगी।”
लेकिन अनिल ने उसे नहीं सुना। उसने शीला को लेटाया और उसके पैर फैलाए। शीला की चूत अभी भी गीली थी। अनिल ने अपने लंड का सुपाड़ा शीला की चूत पर रखा और एक जोर से धक्का मारा। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
शीला की चीख से पूरा घर गूंज उठा। अनिल का आधा लंड ही अंदर गया था लेकिन शीला की चूत में दर्द हो रहा था। वो रोने लगी। अनिल ने रुककर उसके चूचे पकड़े और उन्हें चूमने लगा। फिर वो धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा।
धीरे-धीरे शीला को भी मजा आने लगा। उसकी चूत अनिल के लंड को अपने अंदर समाने लगी। अनिल ने अपना पूरा लंड शीला की चूत में घुसा दिया। शीला की सांसें थम गईं। उसे लगा जैसे उसके पेट में कोई गर्म रॉड घुस गई हो।
अनिल अब शीला को चोदने लगा। वो उसकी चूत में अपना लंड पूरा अंदर तक घुसाता और फिर बाहर निकालता। शीला की चूत से आवाजें आ रही थीं, “फच… फच… फच…”
मंदिरा ये सब देख रही थी। उसने देखा कि अनिल को शीला की चूत ज्यादा पसंद आ रही थी। वो शीला को जोर-जोर से चोद रहा था और मंदिरा को भूल गया था।
मंदिरा को फिर से जलन हुई लेकिन वो समझ गई थी कि अनिल को शीला ज्यादा पसंद है। उसने सोचा अगर मैं शीला को यहां रखूं तो अनिल रोज आएगा और मुझे भी मौका मिलेगा।
अनिल शीला को चोदते-चोदते उसके ऊपर झुक गया और उसके चूचों को चूसने लगा। उसने शीला के चूचों को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा। शीला के निप्प्स कड़े हो गए थे। अनिल उन्हें अपने दांतों से काट-काट कर खा रहा था।
शीला अब मजे में आ गई थी। वो अपनी कमर उठा-उठा कर अनिल का साथ दे रही थी। वो बोली, “और जोर से चोदो… मेरी चूत फाड़ दो… बहुत दिनों से मुझे ऐसा मजा नहीं मिला…”
अनिल ने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। वो शीला की चूत में अपना लंड जोर-जोर से मार रहा था। शीला की चूत लाल हो गई थी। उसमें से खून और पानी दोनों निकल रहे थे। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
लगभग बीस मिनट तक चोदने के बाद अनिल झड़ने वाला था। उसने अपना लंड बाहर निकाला और शीला के चूचों पर अपना पानी छोड़ दिया। उसका गरम वीर्य शीला के चूचों पर गिरा और फैल गया।
अनिल थककर पास में पड़ गया। शीला भी थकी हुई थी। उसकी चूत में दर्द हो रहा था लेकिन वो संतुष्ट थी। मंदिरा ने उन्हें देखा और समझ गई कि उसकी योजना कामयाब हो गई है।
अगले दिन से अनिल रोज शीला के घर आने लगा। मंदिरा भी वहां मिलती। तीनों मिलकर सेक्स करते। अनिल एक-एक करके दोनों को चोदता। कभी-कभी वो दोनों को एक साथ भी चोदता।
एक दिन अनिल ने कहा कि वो दोनों को एक साथ चोदना चाहता है। मंदिरा और शीला मान गईं। अनिल ने शीला को डॉगी स्टाइल में खड़ा किया और मंदिरा को लेटा दिया। फिर वो शीला की चूत में लंड डालकर उसे चोदने लगा और साथ में मंदिरा की चूत चाटने लगा।
दोनों औरतें मजे में थीं। शीला की गांड हवा में थी और अनिल उसकी चूत में अपना लंड घुसाए हुए था। मंदिरा नीचे से शीला के चूचे दबा रही थी।
अनिल ने शीला की चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया। उसका गरम वीर्य शीला की चूत के अंदर भर गया। फिर उसने अपना लंड बाहर निकाला और मंदिरा के मुंह में दे दिया। मंदिरा ने उसे चूस-चूसकर साफ कर दिया। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
ऐसे ही दिन बीतने लगे। तीनों की ये नंगी खेल रोज खेली जाती। मंदिरा को अपनी योजना का फल मिल गया था। उसे अनिल का लंड मिलने लगा था और शीला भी खुश थी कि उसे इतना बड़ा लंड मिल गया था।
एक दिन अनिल ने कहा कि वो शीला की गांड मारना चाहता है। शीला ने मना कर दिया क्योंकि उसे डर था। लेकिन मंदिरा ने उसे समझाया कि मजा आएगा। फिर मंदिरा ने शीला की गांड में तेल लगाया और अपनी उंगली से उसे चौड़ा किया।
अनिल ने अपना लंड शीला की गांड पर रखा और धीरे से धक्का मारा। शीला की चीख निकल गई। उसकी गांड बहुत टाइट थी। अनिल का लंड आधा ही अंदर गया था। लेकिन धीरे-धीरे उसने पूरा लंड अंदर घुसा दिया। शहर की भाभी ने गांव की भाभी को चुदवाया
शीला की गांड में अनिल का लंड पूरा समा गया। वो उसे गांड में चोदने लगा। शीला को पहले दर्द हो रहा था लेकिन फिर मजा आने लगा। मंदिरा नीचे से शीला की चूत चाट रही थी।
अनिल ने शीला की गांड में ही अपना पानी छोड़ दिया। उसका गरम वीर्य शीला की गांड के अंदर गया और शीला ने भी झड़कर अपना पानी मंदिरा के मुंह में छोड़ दिया।
यूं तीनों की चुदाई का खेल चलता रहा। मंदिरा ने अपनी योजना से शीला को अनिल के हवाले कर दिया था और बदले में उसे भी अनिल का लंड मिल गया था। ये नंगा खेल रोज खेला जाता और तीनों संतुष्ट रहते।
शीला अब अनिल की हो गई थी। वो रोज उससे चुदवाती और मंदिरा भी साथ में शामिल होती। तीनों मिलकर सेक्स का आनंद लेते और ये सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा।
मंदिरा की चालाकी कामयाब रही। उसने शीला को फंसाया और अनिल को पाया। अब वो दोनों औरतें एक-दूसरे की सहेलियां बन गई थीं और अनिल उनका आशिक। तीनों मिलकर सेक्स की दुनिया में खोए रहते और खूब चुदाई करते।
यही थी उनकी कहानी जहां मंदिरा ने अपनी चालाकी से शीला को अनिल के लंड पर चढ़ाया और खुद भी उसका लुत्फ उठाया। दोनों भाभियां अब अनिल की रखैल बन गई थीं और खुशी-खुशी उससे चुदवातीं।
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