बरौंदा। नाम सुनते ही जो तस्वीर बनती है, वह किसी पुराने पोस्टकार्ड जैसी है — पक्की सड़क के दोनों तरफ़ गन्ना, बीच में लटकती सरकारी बस, और बस से उतरते ही पैरों में चिपकने लगती है मिट्टी की वह गंध जिसे शहर में रहने वाला आदमी धीरे-धीरे भूल जाता है।…
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