
मेरा नाम निशांत है और मैं दिल्ली के एक अच्छे इलाके में रहता हूं। मेरे पिता ने मुझे यह मकान विरासत में दिया था और मैंने इसे किराये पर देने का फैसला किया ताकि मेरी अतिरिक्त आय हो सके। मेरे घर के ऊपरी हिस्से में दो फ्लैट हैं और नीचे मैं खुद रहता हूं। किरायेदार की बेटी की चुदाई
उस साल मार्च में एक नया किरायेदार आया। उसका नाम था रमेश शर्मा, एक मध्यम वर्गीय परिवार से। उसके साथ उसकी पत्नी सुनीता और उनकी बेटी जागृति थी। जब मैंने पहली बार जागृति को देखा, तो मेरे होश उड़ गए।
जागृति लगभग 22-23 साल की एक खूबसूरत लड़की थी। उसकी हाइट लगभग 5’6″ थी, गोरा बदन, काले लंबे बाल जो कमर तक जाते थे, और वो आंखें… ओह उसकी आंखें! हल्की भूरी आंखें जिनमें एक शरारती चमक थी। उसके होंठ मोटे और रसीले थे, ऐसे जिन्हें देखकर ही किसी का भी मन चूसने को करने लगे। उसके बूब्स मध्यम आकार के परंतु बहुत ही सुडौल थे, और उसकी गांड… वो गांड तो मashaallah, पतली कमर से फूलती हुई एकदम परफेक्ट गोलाकार गांड।
वो हमेशा टाइट जींस और टॉप पहनती थी जिससे उसके बदन की खूबसूरती और भी बढ़ जाती थी। जब वो सीढ़ियों से उतरती, तो उसकी गांड का उठना-उठना मेरे लिए एक तरह का नशा बन गया था। मैं अक्सर अपने बालकनी में बैठकर उसे देखता और सोचता कि काश इस माल को मैं चोद पाता।
मैं अविवाहित था, 28 साल का, जिम जाता था, और मेरा बदन काफी अच्छा था। मैंने कई लड़कियों के साथ संबंध बनाए थे, लेकिन जागृति में कुछ अलग ही बात थी। वो एकदम देसी माल थी, जिसे देखकर मन करता था कि बस इसे पकड़कर चोद डालूं। किरायेदार की बेटी की चुदाई
हफ्तों बीतते गए और मैं जागृति को घूरता रहता। कभी-कभी हमारी नजरें मिल जातीं और वो शर्माकर नीचे देख लेती। मुझे लगता था कि शायद वो मुझे पसंद करती है, लेकिन वो अपने परिवार के सामने कुछ कर नहीं सकती थी।
एक दिन रमेश जी ने मुझे बताया कि उनके एक रिश्तेदार की शादी है और पूरा परिवार तीन दिन के लिए बाहर जा रहा है। लेकिन जागृति नहीं जा पाएगी क्योंकि उसके कॉलेज का एक जरूरी एग्जाम है।
मेरे मन में एक शैतानी ख्याल आया। मैंने सोचा कि यह मौका है जागृति के करीब आने का। लेकिन मुझे नहीं पता था कि भगवान ने मेरे लिए और भी बेहतर प्लान बनाया हुआ था।
शादी वाले दिन सुबह ही पूरा परिवार निकल गया। मैंने ऊपर से आवाजें सुनीं और फिर सन्नाटा छा गया। मैंने सोचा कि जागृति अकेली होगी, तो शायद मैं उससे बात करने का मौका ले लूं।
मैंने दोपहर को ऑफिस से छुट्टी ले ली और घर आ गया। जैसे ही मैंने अपने गेट में प्रवेश किया, मैंने ऊपर से कुछ आवाजें सुनीं। पहले तो मुझे लगा कि शायद जागृति म्यूजिक सुन रही है, लेकिन फिर मुझे कुछ अजीब लगा। किरायेदार की बेटी की चुदाई
मैं चुपचाप ऊपर की ओर बढ़ा। उनके दरवाजे के पास पहुंचकर मैंने कान लगाया तो मेरी सांसें थम सी गईं। अंदर से एक लड़के और लड़की की आवाजें आ रही थीं, और वो आवाजें ऐसी थीं जो किसी को भी उत्तेजित कर दें।
“आह्ह्ह… राज… धीरे… ओह्ह्ह…”
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। मैंने दरवाजे की दरार से झांका तो मेरा मुंह खुला रह गया।
जागृति अपने बेडरूम में थी, और उसके साथ एक लड़का था। वो लड़का उसका बॉयफ्रेंड राज लग रहा था। जागृति ने अपना टॉप उतार दिया था और सिर्फ ब्रा में थी, और राज उसके होंठ चूस रहा था जैसे कोई प्यासा यात्री पानी पी रहा हो।
मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने अपने फोन को साइलेंट मोड पर डाला और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। मैंने उनकी पूरी हरकतें रिकॉर्ड कर लीं – कैसे राज उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसल रहा था, कैसे वो उसकी गर्दन पर किस कर रहा था, और कैसे जागृति आंखें बंद करके मजे ले रही थी।
मुझे गुस्सा भी आ रहा था और उत्तेजना भी। यह लड़की जिसे मैं इतने दिनों से चाहता था, वो यहां अपने बॉयफ्रेंड के साथ मस्ती कर रही थी। लेकिन साथ ही मेरे मन में एक शैतानी योजना भी बनने लगी।
मैंने लगभग 10 मिनट तक उन्हें रिकॉर्ड किया। फिर मैंने दरवाजा खटखटाया।
अंदर हड़कंप मच गया। मैंने आवाजें सुनीं – “ओह माय गॉड! कौन होगा?” “जल्दी कपड़े पहनो!”
थोड़ी देर बाद जागृति ने दरवाजा खोला। उसके चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी। उसने जल्दी से एक टी-शर्ट पहनी थी लेकिन वो उल्टी पहन ली थी, और उसके बाल बिखरे हुए थे। उसके होंठ अभी भी गीले थे और थोड़ी सूजी हुई लग रही थीं।
“अरे निशांत भैया… आप… आप इतनी जल्दी?” उसकी आवाज कांप रही थी।
“हां, ऑफिस से कुछ जरूरी काम था,” मैंने कहा और जबरदस्ती अंदर घुस गया।
मेरे सामने का दृश्य देखकर मैं और भी उत्तेजित हो गया। राज सोफे पर बैठा था, उसकी शर्ट खुली हुई थी और बाल बिखरे हुए थे। उसके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। किरायेदार की बेटी की चुदाई
“तो यह है वो?” मैंने जागृति की ओर इशारा करते हुए कहा।
“भैया, प्लीज… यह…” जागृति रोने लगी।
“चुप!” मैंने उसे रोकते हुए कहा। “मैंने सब कुछ देख लिया है। तुम दोनों क्या कर रहे थे, मैंने रिकॉर्ड भी कर लिया है।”
जागृति के पैरों तले जमीन खिसक गई। वो रोने लगी और मेरे पैरों में गिर गई।
“प्लीज भैया, मुझे माफ कर दो। अगर मेरे मम्मी-पापा को पता चल गया तो वो मुझे मार डालेंगे। प्लीज… मैं आपकी कोई भी बात मानूंगी।”
राज खड़ा होने की कोशिश कर रहा था। मैंने उसे एक जोरदार थप्पड़ मारा।
“बैठ जा साले!”
राज डरकर वापस बैठ गया। उसकी हालत देखकर मुझे मजा आ रहा था।
मैंने जागृति का चेहरा उठाया और उसकी आंखों में देखा। वो रो रही थी, उसके गालों पर आंसू बह रहे थे, और उसके होंठ कांप रहे थे। उस हालत में भी वो इतनी सेक्सी लग रही थी कि मेरा लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को तैयार था।
“तुम्हें पता है कि मैं क्या चाहता हूं?” मैंने उससे पूछा।
जागृति ने मुझे घबराई हुई नजरों से देखा। उसे शायद अंदाजा हो गया था, लेकिन वो कहना नहीं चाहती थी।
“मैं… मैं समझी नहीं…” उसने धीरे से कहा।
“समझाऊं?” मैंने उसके बालों को सहलाते हुए कहा।
उसकी सांसें तेज हो गईं। मैंने अपना हाथ उसके गाल पर रखा और धीरे-धीरे उसके होंठों की ओर बढ़ाया।
“नहीं… प्लीज… मेरा बॉयफ्रेंड यहां है…” उसने कहा।
“तो?” मैंने कहा, “तुम्हें चुनना होगा – या तो यह वीडियो मैं तुम्हारे पापा को दिखा दूं, या फिर तुम मेरी बात मानो।”
जागृति रोते हुए उसकी ओर देखा, फिर मेरी ओर। उसकी आंखों में डर और बेबसी थी।
“प्लीज… कोई और रास्ता…” उसने कहा।
“कोई और रास्ता नहीं है,” मैंने कहा और अपना फोन निकालकर उसे वीडियो दिखाया। किरायेदार की बेटी की चुदाई
जागृति ने वीडियो देखा और फिर से रोने लगी। वो समझ गई थी कि उसके पास कोई चारा नहीं था।
“ठीक है…” उसने धीरे से कहा, “मैं… मैं आपकी बात मानूंगी… लेकिन प्लीज… यह वीडियो किसी को मत दिखाना…”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अच्छी लड़की।”
मैंने राज की ओर देखा जो अभी भी डरा हुआ बैठा था।
“और तू,” मैंने कहा, “निकल यहां से। और अगर किसी को कुछ बताया तो तेरी भी वीडियो वायरल कर दूंगा।”
राज उठा और भागने लगा। मैंने उसे रोका।
“रुक! अपनी शर्ट और जूते लेकर जा।”
राज ने जल्दी से अपने कपड़े उठाए और वहां से भाग गया।
अब कमरे में सिर्फ मैं और जागृति थे। वो खड़ी थी, उसका टॉप अभी भी उल्टा पहना हुआ था, और वो कांप रही थी।
मैंने दरवाजा बंद कर दिया और अंदर आ गया। जागृति मेरे सामने खड़ी थी, उसकी आंखें नीचे जमीन की ओर थीं।
“देखो मुझे,” मैंने कहा।
उसने धीरे से अपना चेहरा उठाया। उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं रोने से।
“तुम बहुत खूबसूरत हो, जानती हो?” मैंने कहा और उसके चेहरे को छूने लगा।
वो कांप रही थी लेकिन कुछ नहीं बोली।
“डरो मत,” मैंने कहा, “मैं तुम्हें दर्द नहीं दूंगा… बल्कि मजा दूंगा।”
मैंने उसके कंधों पर हाथ रखा और धीरे से उसके टॉप को ठीक किया। वो उल्टा पहना हुआ था, इसलिए मैंने उसे उतारने का फैसला किया।
“नहीं… प्लीज…” उसने कहा।
“शhh…” मैंने उसके होंठों पर उंगली रखी, “चुपचाप रहो।”
मैंने उसका टॉप उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्रा और जींस में थी। उसकी ब्रा काले रंग की लेस वाली थी जो उसके गोरे बदन पर बहुत सेक्सी लग रही थी।
मैंने उसके पीछे जाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। ब्रा धीरे से नीचे गिर गई और उसके बूब्स आजाद हो गए।
वाह! क्या नजारा था! उसके बूब्स एकदम गोल और सुडौल थे, गुलाबी निप्पल्स जो अभी थोड़े कड़े हो रहे थे। मैंने पीछे से ही अपने हाथ आगे बढ़ाए और उसके बूब्स को पकड़ लिया।
“आह्ह्ह…” जागृति ने हल्की सी आवाज निकाली।
“क्या हुआ? मजा आ रहा है?” मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए पूछा।
वो कुछ नहीं बोली, सिर्फ कांपती रही।
मैंने उसके बूब्स को मसलना शुरू किया। वो नरम और मुलायम थे, ऐसे जैसे कोई स्पंज हो। मैंने उसके निप्पल्स को अपनी उंगलियों से मसला और वो और भी कड़े हो गए।
“ओह्ह्ह…” जागृति ने आंखें बंद कर लीं।
“मजा आ रहा है ना?” मैंने पूछा।
“प्लीज… जल्दी करो…” उसने कहा।
“अरे अभी तो शुरुआत है मेरी जान,” मैंने कहा और उसे घुमाकर अपनी ओर किया।
अब वो मेरे सामने थी, पूरी नंगी ऊपर से। मैंने उसके बूब्स को देखा और फिर धीरे से एक निप्पल को अपने मुंह में ले लिया।
“आह्ह्ह… नहीं…” उसने मेरे सिर को पीछे धकेलने की कोशिश की।
मैंने उसके हाथों को पकड़ा और उसे चूसने लगा। मैंने एक बूब को चूसा और दूसरे को हाथ से मसला। जागृति की सांसें तेज होने लगीं और वो कांपने लगी।
“प्लीज… छोड़ो…” वो कह रही थी लेकिन उसकी आवाज में वो दबाव नहीं था जो पहले था।
मैंने उसकी जींस का बटन खोला और जिप नीचे की। फिर मैंने उसे बेड की ओर धकेल दिया।
वो बेड पर गिरी और मैं उसके ऊपर आ गया। मैंने उसकी जींस खींचकर उतार दी। अब वो सिर्फ अपनी काली पैंटी में थी।
मैंने उसकी टांगों के बीच में हाथ रखा और महसूस किया कि वो गीली हो चुकी थी।
“अरे वाह! तुम तो गीली हो चुकी हो!” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
“नहीं… वो…” वो शर्मा गई।
“झूठ मत बोलो,” मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाया, “यहां तो पानी पानी हो गया है।”
जागृति ने शर्म से अपना चेहरा हाथों से ढक लिया।
मैंने उसकी पैंटी खींचकर उतार दी। जैसे ही उसकी चूत दिखी, मेरा दिल जोर से धड़का। वो एकदम साफ शेव की हुई थी, गुलाबी रंग की, और बिल्कुल तरोताजा। उसकी चूत के दाने थोड़े बाहर निकले हुए थे और वो चमक रहे थे गीली होने की वजह से। किरायेदार की बेटी की चुदाई
मैंने उसकी टांगों को फैलाया और अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया।
“नहीं… वहां मत…” जागृति चिल्लाई।
लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी। मैंने अपनी जीभ निकाली और उसकी चूत पर चाटना शुरू कर दिया।
“ओह्ह्ह… आह्ह्ह… भैया…” जागृति तड़प उठी।
उसकी चूत का स्वाद अद्भुत था – थोड़ा खट्टा, थोड़ा नमकीन, और बहुत सेक्सी। मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली और चाटने लगा।
“आह्ह्ह… हाह्ह्ह… ओह्ह्ह…” जागृति की आवाजें बेडरूम में गूंजने लगीं।
मैंने उसकी चूत को चूसा, उसके दाने को अपने दांतों से हल्का काटा, और फिर जीभ से सहलाया। जागृति पागल होने लगी। उसने अपने हाथों से बेडशीट को पकड़ लिया और उसे मसलने लगी।
“प्लीज… और मत तड़पाओ…” उसने कहा।
मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। मेरी शर्ट उतरी, फिर मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा अंडरवियर उतारते ही मेरा लंड बाहर निकल आया – 8 इंच लंबा, मोटा और एकदम कड़ा।
जागृति ने मेरे लंड को देखा और उसकी आंखें चौड़ी हो गईं।
“यह… यह बहुत बड़ा है…” उसने कहा।
“डरो मत,” मैंने कहा, “तुम्हें मजा आएगा।”
मैंने उसकी टांगों को और फैलाया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर रखा। वो गीली थी, इसलिए मेरा लंड आसानी से अंदर जाने लगा।
“आह्ह्ह… धीरे… दर्द हो रहा है…” जागृति चिल्लाई।
मैंने धीरे से धक्का लगाया और मेरा लंड आधा अंदर चला गया।
“ओह्ह्ह… बहुत मोटा है…” जागृति ने कहा।
“सहन करो थोड़ी देर,” मैंने कहा और एक और जोरदार धक्का लगाया।
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। जागृति ने आंखें बंद कर लीं और दांत काट लिए।
मैंने रुककर उसे कुछ पल दिए ताकि वो ढूंढ सके। फिर मैंने धीरे-धीरे अपना लंड बाहर खींचा और फिर अंदर डाला।
“आह्ह्ह… हाह्ह्ह…” जागृति की आवाजें निकलने लगीं।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और उसे चोदने लगा। बेड कड़कड़ाने लगा, और जागृति की आवाजें और भी तेज हो गईं।
“ओह्ह्ह… हां… हां… और तेज…” वो बोलने लगी।
मैं समझ गया कि अब उसे भी मजा आने लगा है। मैंने उसकी एक टांग अपने कंधे पर रखी और और गहराई से चोदने लगा।
“आह्ह्ह… भैया… और गहरा…” वो चिल्लाई।
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू किए। मेरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और आवाजें आ रही थीं “पच पच पच”।
“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।
“बहुत अच्छा…” उसने कहा, “और तेज चोदो मुझे…”
यह सुनकर मैं और भी उत्तेजित हो गया। मैंने उसे पलट दिया और पीछे से चोदने लगा। वो डॉगी स्टाइल में थी, उसकी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड को थपथपाया और फिर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
“आह्ह्ह… हाह्ह्ह… ओह्ह्ह…” जागृति की चीखें निकल रही थीं।
मैंने उसके बाल पकड़े और उसे पीछे की ओर खींचा। अब मैं और भी गहराई से चोद पा रहा था।
“भैया… मैं… मैं झड़ने वाली हूं…” उसने कहा।
“रुको मत,” मैंने कहा, “झड़ जाओ।”
मैंने और तेजी से धक्के लगाए और फिर जागृति का शरीर कांपने लगा। उसने एक जोरदार चीख मारी और झड़ गई।
मैंने भी अपना लंड बाहर निकाला और उसके पेट पर अपना पानी छोड़ दिया। गर्म गर्म पानी उसकी त्वचा पर गिरा और वो सुस्त पड़ गई।
मैंने उसके बगल में लेटकर उसे अपनी बांहों में भर लिया। वो सांसें ले रही थी और पसीने से लथपथ थी।
“कैसा लगा?” मैंने पूछा।
उसने मेरी ओर देखा और धीरे से मुस्कुराई।
“अच्छा था…” उसने कहा।
गांड मारी और वीडियो शूट
थोड़ी देर आराम करने के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। जागृति अभी भी नंगी मेरे बगल में लेटी थी।
“अभी तो खत्म नहीं हुआ,” मैंने कहा।
“क्या मतलब?” उसने पूछा।
“अभी तो मैंने तुम्हारी गांड नहीं मारी,” मैंने कहा।
“नहीं… वहां नहीं… बहुत दर्द होगा…” वो डर गई।
“डरो मत,” मैंने कहा, “मैं आराम से करूंगा। और अगर तुमने मना किया तो वीडियो…”
“ठीक है…” उसने हार मान ली।
मैंने उसे उल्टा लेटने के लिए कहा। वो अपने पेट के बल लेट गई और उसकी गांड मेरे सामने थी। वो एकदम गोल और सुडौल थी, गोरी और मुलायम।
मैंने उसकी गांड के दरार पर अपनी उंगली रखी और महसूस किया कि वो बहुत टाइट थी।
“बहुत टाइट है तुम्हारी गांड,” मैंने कहा।
“प्लीज… धीरे से…” उसने कहा।
मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी गांड के छेद पर रगड़ा। फिर मैंने धीरे से दबाव डाला।
“आह्ह्ह… दर्द हो रहा है…” वो चिल्लाई।
“थोड़ा सहन करो,” मैंने कहा और एक जोरदार धक्का लगाया।
मेरा लंड का सुपारा अंदर चला गया। जागृति ने चीख मारी और बेडशीट को पकड़ लिया।
“बहुत मोटा है… निकालो…” वो रोने लगी।
“शांत रहो,” मैंने कहा और थोड़ा और अंदर किया।
धीरे-धीरे मेरा आधा लंड अंदर चला गया। जागृति की सांसें तेज हो गईं और वो दर्द से कराह रही थी।
मैंने रुककर उसे कुछ पल दिए। फिर मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।
“आह्ह्ह… हाह्ह्ह…” उसकी आवाजें निकल रही थीं।
थोड़ी देर बाद उसे शायद मजा आने लगा। वो चुप हो गई और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।
“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।
“अच्छा…” उसने धीरे से कहा।
“क्या अच्छा? जोर से बोलो।”
“बहुत अच्छा लग रहा है… और तेज चोदो…” वो बोली।
यह सुनकर मैं पागल हो गया। मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू किए। उसकी गांड की आवाजें “पच पच” की आ रही थीं।
“आह्ह्ह… हां… हां… भैया…” वो चिल्ला रही थी।
मैंने उसके बाल पकड़े और उसे पीछे खींचा। अब मैं और भी गहराई से चोद पा रहा था।
“मैं… मैं झड़ने वाली हूं…” उसने कहा।
“रुको,” मैंने कहा, “अभी नहीं।”
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे फिर से पलट दिया। अब मैं उसकी चूत में डालने वाला था।
“एक और बार चूत में?” उसने पूछा।
“हां,” मैंने कहा, “और इस बार मैं तुम्हारा वीडियो भी बनाऊंगा।”
“नहीं… प्लीज… वीडियो मत बनाओ…” वो डरी।
“चुप,” मैंने कहा, “अगर तुमने मना किया तो पहले वाला वीडियो वायरल कर दूंगा।”
वो चुप हो गई।
मैंने अपना फोन निकाला और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। फिर मैंने उसकी टांगों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
“बोलो… क्या बोल रही थी तुम?” मैंने कहा।
“चोदो मुझे…” उसने शर्माते हुए कहा।
“जोर से बोलो! कैमरे में देखकर!”
“चोदो मुझे निशांत भैया… और तेज चोदो…” वो चिल्लाई।
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए। वीडियो में हमारी चुदाई रिकॉर्ड हो रही थी। जागृति की आवाजें, मेरी आवाजें, और वो आवाजें जो हमारे शरीर मिलने से बन रही थीं।
“आह्ह्ह… हां… हां… और तेज…” वो चिल्ला रही थी।
मैंने उसके बूब्स को मसला और उसे चोदता रहा।
“कहो कि तुम मेरी रंडी हो,” मैंने कहा।
“नहीं… यह…” वो शर्मा रही थी।
“कहो!” मैंने जोर से धक्का लगाया।
“हां… मैं तुम्हारी रंडी हूं… चोदो मुझे…” वो बोली।
मैंने और तेजी से चोदना शुरू किया। बेड कड़कड़ा रहा था और जागृति की चीखें गूंज रही थीं।
“मैं झड़ने वाला हूं…” मैंने कहा।
“अंदर मत छोड़ना…” उसने कहा।
लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी। मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और अपना पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया।
“आह्ह्ह…” मैंने कराहते हुए अपना पानी छोड़ा।
गर्म गर्म पानी उसकी चूत में भर गया और वो भी झड़ गई।
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके बूब्स पर अपना बचा हुआ पानी छोड़ दिया।
वीडियो अभी भी रिकॉर्ड हो रहा था। मैंने उसे बंद किया और जागृति को दिखाया।
“देखो, कितनी अच्छी रंडी बन रही हो तुम,” मैंने कहा।
उसने वीडियो देखा और शर्मा गई।
किरायेदार की बेटी की चुदाई : नई शुरुआत
उस दिन के बाद जागृति पूरी तरह बदल गई। वो पहले की तरह शर्मीली नहीं रही, बल्कि मुझे देखते ही मुस्कुराने लगी। मैंने उसे वीडियो का वादा किया था कि अगर वो मेरी बात मानेगी तो मैं उसे डिलीट कर दूंगा, लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। बल्कि मैंने उसे और भी वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया।
अगले कुछ हफ्तों में मैंने उसे कई बार चोदा – कभी उसके घर में जब उसके माता-पिता बाहर जाते, कभी मेरे घर में, और कभी छत पर रात में।
एक दिन मैंने उसे अपने दोस्तों के सामने भी नंगा किया। मेरे दोस्त राहुल और विकास आए थे और मैंने जागृति को उनके साथ भी चुदवाया।
“यह है मेरी रंडी,” मैंने कहा, “आज इसे तुम दोनों भी चोदोगे।”
जागृति ने पहले तो मना किया, लेकिन वीडियो का डर दिखाने पर वो मान गई।
राहुल ने पहले उसे चोदा। वो उसकी चूत में डालकर उसे कराहने लगी। फिर विकास ने उसकी गांड मारी। मैंने वीडियो बनाई।
“कैसा लगा तीन लंड?” मैंने पूछा।
“बहुत अच्छा…” उसने कहा, “मैं तुम्हारी रंडी हूं निशांत… जब चाहो चोद लो मुझे…”
अब जागृति मेरी पूरी तरह गुलाम हो चुकी थी। वो जब भी मुझे देखती, उसकी चूत गीली हो जाती। मैंने उसे कई तरह के कपड़े भी खरीदकर दिए – छोटी स्कर्ट्स, ट्रांसपेरेंट टॉप्स, और सेक्सी लिंगरी।
एक दिन मैंने उसे बाजार में भी चोदा। हम एक ट्रायल रूम में गए और मैंने उसे वहां चोदा। वो चुपचाप मजे लेती रही।
रमेश जी को कभी शक नहीं हुआ। वो मुझे अच्छा मकान मालिक समझते थे जो उनकी बेटी का ख्याल रखता है। उन्हें क्या पता था कि मैं उनकी बेटी का कितना “ख्याल” रखता हूं।
जागृति अब मेरी पूरी तरह रंडी बन चुकी थी। वो मुझे “मालिक” कहकर बुलाती और जब भी मैं चाहता, वो अपने कपड़े उतार देती।
एक रात मैंने उसे अपने बेडरूम में बुलाया। वो आई तो मैंने देखा कि उसने वही काली लिंगरी पहनी हुई थी जो मैंने उसे दी थी।
“आज क्या खास है?” मैंने पूछा।
“आज मैं आपको एक सरप्राइज देना चाहती हूं,” उसने कहा।
“क्या सरप्राइज?”
उसने अपने कपड़े उतारे और नंगी हो गई। फिर उसने अपनी एक फिंगर अपनी चूत में डाली और उसे अंदर-बाहर करने लगी।
“देखो मालिक… मैं कितनी गीली हूं आपके लिए…” वो बोली।
मैं उत्तेजित हो गया। मैंने अपने कपड़े उतारे और उसे बेड पर पटक दिया।
“आज मैं तुम्हें बहुत तेज चोदूंगा,” मैंने कहा।
“हां मालिक… चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत…” वो चिल्लाई।
मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो गीली थी इसलिए आसानी से अंदर चला गया।
“आह्ह्ह… हां… और तेज…” वो चिल्ला रही थी।
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए। उसकी चूत मेरी हो चुकी थी, वो मेरे लंड को पूरी तरह चूस रही थी।
“कहो कि तुम मेरी रंडी हो!” मैंने चिल्लाया।
“मैं तुम्हारी रंडी हूं निशांत… मेरी चूत सिर्फ तुम्हारी है… चोदो मुझे… हर रोज चोदो…” वो चिल्लाई।
मैंने उसे पलटा और उसकी गांड मारी। वो अब गांड मरवाने में एक्सपर्ट हो चुकी थी। वो मजे लेती थी।
“आह्ह्ह… मालिक… और गहरा…” वो कह रही थी।
मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदा। फिर मैंने उसे अपने ऊपर बिठाया और वो मेरे लंड पर कूदने लगी।
“ओह्ह्ह… यह तो बहुत मजा आ रहा है…” वो कह रही थी।
मैंने उसके बूब्स को मसला और वो और तेज कूदने लगी।
“मैं झड़ने वाली हूं…” उसने कहा।
“रुको… मैं भी…” मैंने कहा।
हम दोनों एक साथ झड़े। मैंने अपना पानी उसकी चूत में भर दिया और वो मेरे ऊपर गिर पड़ी।
हम दोनों सांसें ले रहे थे। मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया।
“कैसा लगा?” मैंने पूछा।
“बहुत अच्छा…” उसने कहा, “मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं निशांत…”
मैंने उसे देखा। उसकी आंखों में सच्चाई थी।
“प्यार?” मैंने पूछा।
“हां… मुझे पता है कि तुमने मुझे ब्लैकमेल किया था… लेकिन अब मुझे सच में मजा आता है तुम्हारे साथ…”
मैंने मुस्कुराते हुए उसे किस किया।
“तो फिर तुम मेरी रंडी बनकर रहोगी?” मैंने पूछा।
“हां… हमेशा…” उसने कहा।
उस दिन के बाद जागृति और मेरा रिश्ता बदल गया। वो अब सिर्फ मेरी रंडी नहीं, बल्कि मेरी गर्लफ्रेंड भी बन गई। हम दोनों ने साथ में समय बिताना शुरू किया – कभी मूवी देखने जाते, कभी डिनर पर, और कभी लंबे ड्राइव पर।
उसके माता-पिता को अब भी पता नहीं था। वो सोचते थे कि मैं उनकी बेटी का अच्छा दोस्त हूं। लेकिन हम दोनों जानते थे कि हमारे बीच क्या चल रहा था।
एक दिन जागृति ने मुझे बताया कि उसके पापा उसकी शादी की बात कर रहे हैं किसी लड़के से।
“क्या?” मैं चौंक गया।
“हां… लेकिन मैंने मना कर दिया,” उसने कहा, “मैंने कहा कि मुझे अभी पढ़ाई पूरी करनी है।”
“और अगर वो जबरदस्ती करें?”
“तो मैं भाग जाऊंगी तुम्हारे साथ,” उसने कहा।
मैंने उसे कसकर गले लगाया।
“मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं,” मैंने कहा।
“सच?” उसकी आंखें चमक उठीं।
“हां… लेकिन अभी नहीं। थोड़ा समय लगेगा।”
“मैं इंतजार करूंगी,” उसने कहा।
अगले कुछ महीनों में हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया। मैंने उसे हर तरह से चोदा – कभी रोमांटिक तरीके से, कभी जंगली तरीके से, और कभी बीडीएसएम स्टाइल में।
एक दिन मैंने उसे हैंडकफ से बांध दिया और पूरी रात चोदा। वो मजे से चिल्लाती रही।
“मालिक… और तेज…” वो कहती रही।
मैंने उसे व्हिप से हल्का मारा और उसकी गांड लाल कर दी।
“आह्ह्ह… हां… और मारो…” वो चिल्लाई।
वो अब पूरी तरह मेरी गुलाम बन चुकी थी। वो मेरे हर आदेश का पालन करती, चाहे वो कुछ भी हो।
एक बार मैंने उसे पब्लिक में नंगा घुमाया। हम एक कार में थे और मैंने उसे सारे कपड़े उतारने के लिए कहा। वो शर्माते हुए नंगी हो गई और मैंने कार चलाते हुए उसे चोदा।
“कोई देख लेगा…” वो डर रही थी।
“डरो मत,” मैंने कहा, “तुम मेरी रंडी हो, किसी को दिखाने में क्या हर्ज है?”
वो शर्मा गई लेकिन मजे लेती रही।
ऐसे ही कई महीने बीत गए। हमारा रिश्ता अब बहुत मजबूत हो चुका था। जागृति अब मेरे बिना नहीं रह सकती थी और मैं भी उसके बिना।
“आज मैं तुम्हें वैसे ही चोदूंगा जैसे पहली बार चोदा था,” मैंने कहा।
“हां… वो दिन मैं कभी नहीं भूल सकती…” उसने कहा।
मैंने उसके कपड़े एक-एक करके उतारे। वो नंगी हो गई और मैंने उसे देखा।
“कितनी खूबसूरत हो तुम,” मैंने कहा।
“चोदो मुझे…” उसने कहा।
मैंने अपने कपड़े उतारे और उसके ऊपर आ गया। मैंने उसके बूब्स को चूसा और फिर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया।
“आह्ह्ह… हां…” वो कराही।
मैंने उसे धीरे-धीरे चोदना शुरू किया।
“प्यार करते हो मुझसे?” मैंने पूछा।
“बहुत ज्यादा…” उसने कहा।
“कहो कि तुम मेरी रंडी हो।”
“मैं तुम्हारी रंडी हूं निशांत… सिर्फ तुम्हारी…” वो बोली।
मैंने और तेजी से चोदना शुरू किया। हम दोनों एक-दूसरे में खो गए।
“मैं झड़ने वाला हूं…” मैंने कहा।
“अंदर छोड़ दो… आज मैं तुम्हारी पत्नी हूं…” उसने कहा।
मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और अपना पानी उसकी चूत में भर दिया। वो भी झड़ गई।
हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में लेटे रहे।
“यह शुरुआत है हमारी नई जिंदगी की,” मैंने कहा।
“तुम्हें बुरा लगता है?” मैंने पूछा।
“नहीं… वो दिन मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन था…” उसने मुस्कुराते हुए कहा।
मैंने उसे फिर से किस किया और हम दोनों सो गए।
अगली सुबह जब मैं उठा तो जागृति पहले से ही जागी हुई थी और मुझे देख रही थी।
“गुड मॉर्निंग मेरी रंडी,” मैंने कहा।
“गुड मॉर्निंग मेरे मालिक,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।
मैंने उसे फिर से चोदा और फिर हम दोनों नहाने गए।
नहाते समय भी मैंने उसे पीछे से चोदा। पानी में हमारी चुदाई का नजारा और भी सेक्सी लग रहा था।
“आह्ह्ह… पानी में और मजा आ रहा है…” वो कह रही थी।
मैंने उसकी गांड मारी और फिर उसकी चूत में डाला।
“कहो कि तुम मेरी रंडी हो,” मैंने कहा।
“मैं तुम्हारी रंडी हूं… हमेशा रहूंगी…” वो चिल्लाई।
लेकिन जागृति अभी भी मेरी रंडी थी। जब भी हम अकेले होते, वो मुझे अपने मालिक कहकर बुलाती और मैं उसे चोदता।
एक दिन मैंने उससे पूछा, “क्या तुम्हें अपनी पुरानी जिंदगी याद है?”
“कौन सी? राज के साथ वाली?” उसने पूछा।
“हां…”
“वो तो एक बचकाना प्यार था… तुम्हारे साथ मुझे असली मजा आता है…” उसने कहा।
मैंने मुस्कुराते हुए उसे किस किया।
“मैं तुमसे हमेशा प्यार करूंगा जागृति,” मैंने कहा।
“और मैं तुम्हारी हमेशा की रंडी बनी रहूंगी…” उसने कहा।
हम दोनों हंसे और फिर से एक-दूसरे में खो गए।
New Sex Story : Tuition Madam Ki Beti Ki Chudai
Comment