शिवपुरी एक ऐसा कस्बा था जहाँ करवा चौथ पर पूरा शहर एक साथ साँस लेता था। सुबह चार बजे से ही गलियों में चूड़ी की खनक, बिंदी की चमक और करवे की रौनक दिखने लगती थी। हर आँगन में वही हलचल — सुहागिनें सज रही थीं, सासें बहुओं को बता रही थीं कि क्या करना है, और बच्चे थाली में मिठाई के लिए झगड़ रहे थे। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
और इसी कस्बे के एक छोटे से मकान में, जिसके आँगन में एक नीम का पेड़ था और पेड़ के नीचे एक पुरानी चारपाई, वहाँ रहती थी मीरा।
मीरा — अट्ठाईस की, रोहित के बड़े भाई सुरेश की बीवी। यानी रोहित की भाभी।
मीरा शादी के बाद इस घर में आई थी तब वो बाईस की थी। उसके चेहरे पर तब वो नूर था जो नई दुल्हन के चेहरे पर होता है — माथे पर सिंदूर, आँखों में सपने, और मन में एक पूरी ज़िंदगी बिताने का हौसला। मगर सुरेश शादी के छह महीने बाद ही गल्फ चला गया था — दुबई में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइज़र की नौकरी। पैसा अच्छा था, इसलिए परिवार ने रोका भी नहीं। मगर अच्छे पैसे की एक क़ीमत होती है — और वो क़ीमत मीरा चुका रही थी। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
सुरेश साल में एक बार आता था। कभी-कभी दो साल में एक बार। और उसके आने-जाने के बीच की जो लंबी खामोशी होती थी, उसमें मीरा धीरे-धीरे चुप होती गई थी — बाहर से चुप, मगर भीतर से जागती हुई।
उस सुबह मीरा पाँच बजे उठी। आँगन में झाड़ू लगाई, तुलसी को पानी दिया, और फिर चूल्हे पर चाय चढ़ाई। सास — रोहित की माँ — बीमार थीं, इसलिए घर का पूरा काम मीरा के ही ज़िम्मे था। ससुर जी बाहर बरामदे में हुक्का पी रहे थे। और रोहित — रोहित अभी सो रहा था, क्योंकि रोहित 22 का था और 22 साल के लड़के करवा चौथ पर सिर्फ दो बातों के लिए जागते हैं — खाना और सजी-धजी औरतें।
मीरा ने चाय बनाते हुए आँगन से गुज़रते रोहित को देखा — नहीं, अभी तो रोहित सो रहा था। मीरा ने उसके कमरे की तरफ देखा, जिसका दरवाज़ा अब भी बंद था, और मन ही मन मुस्कुराई। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
सास ने पलंग से आवाज़ दी — “मीरा, आज व्रत रखेगी ना?”
“हाँ अम्मा।”
“अच्छा। और सुरेश को फोन कर लेना। कहना कि उसकी बीवी आज उसके लिए भूखी रहेगी।”
मीरा ने हाँ में सिर हिलाया, मगर भीतर कहीं एक तार खिंच गया। क्योंकि सुरेश को आज ये बात पता भी थी या नहीं, इसका मीरा को यकीन नहीं था। वो बीते तीन दिन से फोन पर सिर्फ ‘बिज़ी हूँ’ कह रहा था।
मीरा ने चाय लेकर ससुर जी को दी, और फिर रोहित के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया।
“रोहित, उठ। स्कूल जाना है क्या?”
अंदर से आवाज़ आई — “भाभी, आज तो छुट्टी है। कॉलेज बंद है। करवा चौथ है ना।”
“तो उठकर चाय तो पी ले।”
“ले आओ ना अंदर।”
मीरा हँसी — “बड़ा आया। रानी हो क्या?”
और वो चाय लेकर अंदर गई। रोहित बिस्तर पर लेटा था, चादर आधी सरकी हुई, बाल बिखरे। मीरा ने चाय पलंग के पास रखी और बोली — “उठ।”
रोहित ने आँखें खोलीं और भाभी को देखा। मीरा ने आज सुबह ही एक सादा सूती सलवार-कुर्ता पहना था, बाल बँधे हुए थे, माथे पर छोटा-सा बिंदी। मगर रोहित को आज उसमें कुछ अलग दिखा। क्या अलग था, ये वो नहीं बता सकता था। बस दिखा। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रोहित ने चाय का प्याला उठाया और घूँट भरते हुए बोला — “भाभी, आज तो पूरा घर सजेगा।”
“हाँ। तेरे लिए भी कोई मेहंदी लगाएगी।”
“मेरे लिए कौन?”
“मैं लगा दूँगी।” मीरा हँसी और बाहर चली गई।
रोहित प्याला हाथ में लिए देर तक आँगन की तरफ देखता रहा, जहाँ भाभी की साड़ी का आँचल हवा में लहरा रहा था।
भाग २ — दिन, और बाज़ार की भीड़
दस बजे मीरा बाज़ार गई। साथ में रोहित का छोटा भाई — नहीं, रोहित ही साथ गया। माँ ने कहा था — “रोहित, भाभी के साथ चल। सामान भारी होगा।”
बाज़ार में करवा चौथ की धूम थी। चूड़ी वालों की दुकानों पर भीड़, मेहंदी लगाने वालियों की कतार, और मिठाई की दुकानों पर हलवाई जलेबी के ताल छान रहा था। मीरा ने चूड़ियाँ खरीदीं, छलनी खरीदी, नारियल, बताशे, और सरगी के लिए कुछ चीज़ें। रोहित उसके पीछे-पीछे चल रहा था, सामान के थैले उठाए हुए, और नज़र मीरा पर टिकी हुई। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
मीरा को पता था कि रोहित उसे देख रहा है। औरतों को ये सब पता होता है। वो जान-बूझकर एक चूड़ी की दुकान पर रुकी, हाथ आगे किए, और दुकानदार से पूछने लगी — “ये लाल वाली दिखाओ।”
रोहित पीछे खड़ा था। मीरा की कलाई पर नज़र रखने के बहाने वो उसके पूरे हाथ को देख रहा था — गोरा, मुलायम, मेहंदी के लिए तैयार। मीरा ने पीछे मुड़कर कहा — “क्या देख रहा है?”
“कुछ नहीं।”
“झूठ।”
“अच्छा, तो… भाभी, आपका हाथ अच्छा लगा।”
मीरा मुस्कुराई और दुकानदार को पैसे देकर आगे बढ़ गई। रोहित का दिल ज़ोर से धड़क रहा था। भाभी ने उसे टोका नहीं, झिड़का नहीं, बस मुस्कुरा दी — और यही सबसे खतरनाक बात थी।
आगे मेहंदी लगाने वालों की कतार थी। मीरा बैठ गई। रोहित पास की दुकान पर खड़ा होकर बताशे खा रहा था। मेहंदी वाली बाई ने मीरा के हाथ पर डिज़ाइन बनाना शुरू किया — पहले सुहाग के लिए, औरत की हथेली पर बनने वाला पूरा नक्शा, बीच में सुरेश का नाम छिपाया हुआ। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“आपके शौहर का नाम?” बाई ने पूछा।
“सुरेश।” मीरा ने कहा।
रोहित ने दूर से सुना — ‘सुरेश’ — और उसके सीने में हल्की सी चुभन हुई। सुरेश उसका भाई था, बड़ा भाई, और रोहित भाभी की हथेली पर उसका नाम देख रहा था। मगर मन में एक सवाल कुलबुला रहा था — भाभी की हथेली पर सिर्फ सुरेश का नाम क्यों? कोई और नाम भी तो हो सकता है। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
घर लौटते हुए मीरा बोली — “रोहित, आज खाना तेरे हाथ का बनेगा?”
“मेरे हाथ का? भाभी, मैं तो चाय भी ठीक से नहीं बनाता।”
“तो सीख जा। आज मैं भूखी रहूँगी, तो तुझे खाना बनाना पड़ेगा।”
“पर आपके बिना कैसे?”
मीरा रुकी और रोहित की तरफ देखा — “क्यों, मेरे बिना तेरा गुज़ारा नहीं?”
रोहित एक सेकंड चुप रहा, फिर बोला — “नहीं।”
मीरा हँसी और आगे बढ़ गई। मगर उस हँसी में कुछ था — कुछ ऐसा जो दोनों जानते थे, मगर कह नहीं रहे थे। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
भाग ३ — शाम, और खाली घर
शाम चार बजे अचानक घर में ख़बर आई कि मौसी के घर से बुलावा आया है। माँ-बाप को जाना था — मौसी की लड़की की सगाई थी। माँ ने कहा — “मीरा, तू व्रत में है, तू ना चल। रोहित भी रह जाए, तेरे साथ। तुम दोनों चाँद देखकर व्रत खोल लेना।”
यानी वो शाम घर में सिर्फ मीरा और रोहित थे।
माँ-बाप पाँच बजे निकल गए। दरवाज़ा बंद हुआ, और घर में एक अजीब सी खामोशी छा गई। दोनों एक-दूसरे से दूर रहने लगे — रोहित बरामदे में, मीरा रसोई में — मगर खामोशी में एक तरंग थी।
मीरा ने अपनी साड़ी निकाली। एक लाल साड़ी, जिसे उसने शादी के वक्त पहना था। उसने उसे बाहर रखा और नहाने चली गई। नहाने से पहले बोली — “रोहित, आज कोई आए तो दरवाज़ा देख लेना। और… मेरी साड़ी इस्त्री कर देना।” करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“जी भाभी।”
रोहित ने साड़ी इस्त्री की। साड़ी के किनारों को छूते हुए उसे अजीब सा लगा — जैसे वो भाभी को छू रहा हो। उसने साड़ी को तह किया और रसोई के पास रख दिया।
मीरा नहाकर बाहर आई। गीले बाल, और चेहरे पर सुर्ख़ी। उसने बालों को पोंछा, फिर आँगन में आकर साड़ी पहनी — मगर पीछे से, रोहित के सामने, क्योंकि घर में और कोई नहीं था जो पल्लू खींच दे।
“रोहित, आ जरा। साड़ी का पल्लू सँभाल।”
रोहित भागकर आया। मीरा ने उसे पल्लू पकड़ाया। रोहित ने पकड़ा, और उसके हाथ मीरा की कमर के पास थे। मीरा ने साड़ी लपेटी, और रोहित पीछे खड़ा रहा — इतने करीब कि मीरा की चोटी की खुशबू उसके चेहरे पर लग रही थी। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“और कितनी देर पकड़ेगा?” मीरा ने कहा।
“आपने कहा था पकड़ो।”
“छोड़ दे अब।”
रोहित ने छोड़ा। मगर उसके हाथ जैसे चिपक गए थे। वो पीछे हटा, दीवार से टेक लगाई, और मीरा को आईने के सामने खुद को सँवारते देखने लगा।
मीरा ने बिंदी लगाई, सिंदूर भरा, मंगलसूत्र पहना, चूड़ियाँ चढ़ाईं, पायल पहनी, और फिर आईने में खुद को देखा। फिर वो मुड़ी और रोहित की तरफ देखा।
“कैसी लग रही हूँ?” मीरा ने पूछा।
रोहित एक पल के लिए जड़ हो गया। उसके गले में कुछ अटक गया। भाभी लाल साड़ी में, सिंदूर में, चूड़ियों में — जैसे कोई दुल्हन खड़ी हो। जैसे उसी की दुल्हन। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“बोल ना?” मीरा ने कहा।
“भाभी…” रोहित ने धीरे से कहा। “आप आज सुरेश भैया की दुल्हन लग रही हो।”
मीरा मुस्कुराई। मगर उसकी आँखों में कुछ और था। वो बोली — “हाँ। मैं आज सुरेश की दुल्हन हूँ। और हर करवा चौथ पर सिर्फ सुरेश की दुल्हन बनती हूँ।”
“तो…?”
“तो क्या?” मीरा ने पूछा।
रोहित ने हिम्मत की और बोला — “तो भाभी, दुल्हन को कोई दूल्हा भी तो चाहिए ना?”
मीरा एक पल रुकी, फिर हँसकर बोली — “दूल्हा तो गल्फ में है।”
“और यहाँ?”
मीरा ने जवाब नहीं दिया। बस मुस्कुरा दी। और फिर रसोई की तरफ चली गई — मगर उसके चूड़ियों की खनक कुछ ऐसी थी जैसे वो जवाब दे रही हो। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
भाग ४ — चाँद, और व्रत खुलवाना
रात आठ बजे मीरा छत पर गई। छलनी, थाली, दीया, मिठाई, और पानी का लोटा लेकर। रोहित पीछे-पीछे गया, क्योंकि घर में और कोई नहीं था जो साथ खड़ा होता।
आसमान साफ़ था। चाँद अभी उगा नहीं था। मीरा ने थाली रखी, दीया जलाया, और छलनी हाथ में ली। फिर वो आसमान की तरफ देखने लगी।
रोहित साइड में खड़ा था। मीरा बोली — “रोहित, चाँद दिख रहा है?”
“नहीं भाभी, अभी नहीं।”
“तो इंतज़ार कर।”
दस मिनट बाद चाँद निकला। मीरा ने छलनी में से चाँद को देखा, और फिर — जैसा हर सुहागिन करती है — छलनी में से अपने पति को देखा। मगर इस बार पति वहाँ नहीं था। और जब मीरा की नज़र छलनी के उस पार गई, तो सामने रोहित खड़ा था।
मीरा ठिठक गई। उसने छलनी में से चाँद को देखा, फिर रोहित को देखा, और फिर रोहित को देखते ही रह गई। और उस वक्त उसके मन में जो आया, वो उसने बोला भी। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“रोहित, छलनी में से चाँद तो दिखता है। मगर सुहाग तो आज भी गल्फ में है। फिर ये चाँद किसका?”
रोहित ने धीरे से कहा — “भाभी, चाँद तो सबका है।”
मीरा ने छलनी नीचे की, दीये की आरती की, और फिर रोहित की आरती की — बिना बताए, बिना पूछे। रोहित की आँखें भर आईं।
“ये क्या किया भाभी?”
“आरती।”
“पर आरती तो पति की करते हैं।”
मीरा ने रोहित की तरफ देखा और कहा — “आज तू ही तो सामने खड़ा है।”
फिर मीरा ने पानी का लोटा रोहित की तरफ बढ़ाया — “व्रत खोल दे।”
रोहित ने लोटा लिया, और मीरा ने हथेली फैलाई। रोहित ने उसकी हथेली पर पानी डाला, और मीरा ने पिया। और जैसे ही मीरा ने पानी पिया, उसकी आँखों से एक आँसू निकल पड़ा।
रोहित घबरा गया — “भाभी, क्या हुआ?”
मीरा ने आँसू पोंछा और बोली — “कुछ नहीं रोहित। बस… आज तक हर करवा चौथ पर व्रत खोलते वक्त सामने कोई होता ही नहीं था। तू आज सामने था। तो लगा कि सच में कोई है।” करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रोहित ने मीरा की हथेली पकड़ ली — बस पकड़ ली, पानी सुखाने के बहाने। मीरा ने हाथ नहीं खींचा।
“भाभी, आज से हर साल… मैं सामने खड़ा रहूँगा।”
मीरा ने रोहित की तरफ देखा। लंबे समय तक। फिर बोली — “चल, नीचे चल। खाना बना ले।”
दोनों नीचे आए। मीरा ने पकवान निकाले, थाली सजाई, और रोहित के पास बैठ गई। रोहित ने मीरा को अपने हाथों से खिलाया — पहली बार। मीरा ने भी रोहित को खिलाया।
खाने के बाद मीरा बोली — “तू जा, आराम कर। मैं बर्तन समेट के आती हूँ।”
रोहित कमरे में गया, बिस्तर पर लेट गया, मगर नींद नहीं आई। उसके मन में भाभी का चेहरा घूम रहा था — छलनी के पीछे से, दीये की आरती करते हुए, आँसू पोंछते हुए।
आधे घंटे बाद मीरा आई। दरवाज़े पर खड़ी होकर बोली — “सो गया?”
“नहीं।”
मीरा अंदर आई और रोहित के पलंग के किनारे बैठ गई। उसने रोहित के बालों में हाथ फिराया — जैसे भाभी करती है। मगर उस हाथ में आज कुछ ज़्यादा था।
“रोहित, आज तुझे कुछ पूछना है क्या?”
रोहित ने आँखें खोलीं। भाभी पास बैठी थी, लाल साड़ी में, सिंदूर में, चूड़ियों में। और उसकी आँखों में एक ऐसा सवाल था जो जवाब माँग रहा था। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रोहित ने कहा — “हाँ भाभी। पूछना है।”
“बोल।”
रोहित ने हिम्मत की और बोला — “भाभी, आज छलनी में चाँद को देखा। मगर सुहाग सामने था। तो क्या आज… सुहाग की जगह मैं हूँ?”
मीरा ने रोहित की तरफ देखा। देर तक। फिर वो बोली — “तू खुद सोच, जो सामने खड़ा था, जिसकी आरती की, जिसके हाथ से व्रत खोला — वो सुहाग है या नहीं?”
रोहित उठ बैठा। उसने मीरा का हाथ पकड़ा और बोला — “भाभी… तो फिर आज?”
मीरा ने जवाब दिया — “आज जो होगा, वो करवा चौथ की रात कहलाएगी। और सुहागरात भी।”
भाग ५ — रात, और दो जिस्मों की प्यास
रोहित ने धीरे से मीरा का हाथ खींचा। मीरा उसके पास आ गई। दोनों एक-दूसरे को देखते रहे, जैसे पहली बार देख रहे हों — जबकि पाँच साल से एक ही घर में रह रहे थे। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“भाभी, पाँच साल से एक ही घर में हूँ। मगर आज लग रहा है जैसे आपको पहली बार देख रहा हूँ।”
मीरा ने धीरे से कहा — “और मुझे लग रहा है कि पाँच साल से तुझे देख रही थी, मगर आज जाकर पहचाना।”
रोहित ने आगे बढ़कर मीरा के माथे को चूमा — सिंदूर को। फिर आँखों को, फिर गालों को। मीरा ने आँखें बंद कर लीं। रोहित का होंठ जब मीरा के होंठों पर पहुँचा तो मीरा काँप गई। पहला चुंबन लंबा था, गहरा था, और दोनों की पाँच साल की खामोशी उसमें घुल गई। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
चुंबन तोड़ते हुए मीरा ने फुसफुसाया — “रोहित, तेरे भाई को पता नहीं होगा।”
“किसे पता होता है भाभी? सुहाग तो गल्फ में है। और यहाँ… यहाँ तो रात है।”
मीरा हँसी और फिर चूम लिया।
रोहित ने मीरा की साड़ी का पल्लू धीरे से सरकाया। मीरा ने रोहित की शर्ट के बटन खोले। दोनों एक-दूसरे को धीरे-धीरे खोलते रहे, जैसे कोई बहुत पुरानी चीज़ को संभालकर खोल रहा हो। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रोहित ने मीरा के मंगलसूत्र को देखा, चूड़ियों को, सिंदूर को। उसने कहा — “भाभी, ये सब तो सुहाग के हैं।”
“तो?”
“तो मैं इन्हें नहीं छूँगा। बस… इनके नीचे वाली औरत को छूँगा।”
मीरा की आँखें भर आईं। पाँच साल में किसी ने उसे ऐसे नहीं कहा था। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रोहित ने मीरा के ब्लाउज़ के हुक खोले। सफ़ेद ब्रा के नीचे मीरा की छाती धड़क रही थी। रोहित ने ब्रा को धीरे से हटाया और मीरा की चुचियों को देखा। मीरा ने शरमाकर हाथ से ढकना चाहा, मगर रोहित ने हाथ पकड़ लिया और धीरे से उसे चूम लिया। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
मीरा सिहर उठी — “आह्ह्ह रोहित…”
रोहित ने एक चुच्ची अपने मुँह में ली और दूसरी को हाथ से सहलाने लगा। मीरा की साँस फूलने लगी। वो रोहित के बालों में हाथ डालकर उसका सिर अपनी छाती पर दबाने लगी — जैसे बरसों की प्यास हो।
“रोहित, ऐसे ही रहने दे… ऐसे ही…”
रोहित ने मीरा को बिस्तर पर लिटाया और उसकी साड़ी पूरी खोल दी। अब मीरा सिर्फ पेटीकोट और ब्रा में थी। रोहित ने मीरा की नाभि को चूमा, कमर को चूमा, और फिर पेटीकोट की नाड़ा खोल दी। मीरा ने कसमसाकर कमर उठाई, जिससे पेटीकोट सरक गया। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
अब मीरा सिर्फ अपनी चड्ढी में थी — सफ़ेद, छोटी।
रोहित ने उसे देखा और धीरे से कहा — “भाभी, आप तो…”
“बोल।”
“आप तो किसी दुल्हन से कम नहीं।”
मीरा ने आँखें बंद कर लीं और बोली — “रोहित, पाँच साल में मेरे पास कोई नहीं आया। धीरे करना।”
रोहित ने मीरा की चड्ढी उतारी और अपनी नज़र मीरा की चूत पर टिक गई। वो मीरा की चूत को देख रहा था — बिना छुए। मीरा शरमाकर बोली — “क्या देख रहा है?”
“भाभी, ये तो…”
“क्या?”
रोहित ने धीरे से चूत को होंठों से चूम लिया। मीरा का पूरा बदन झटके से उठ गया — “आह्ह्ह रोहित! वहाँ?”
रोहित ने जीभ चलाई। मीरा की चूत गीली होने लगी। मीरा ने रोहित का सिर पकड़कर दबा दिया — जैसे पाँच साल की प्यास आज फूट पड़ी हो। रोहित की जीभ मीरा के कौड़े पर फिरती रही, और मीरा की चूड़ियाँ बिस्तर पर खनकने लगीं। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
दस मिनट में मीरा झड़ गई। उसने आँखें खोलीं और रोहित को अपने ऊपर खींच लिया।
“अब तू।”
रोहित ने अपनी पैंट और कच्छा उतार दिया। उसका लंड खड़ा था — पूरा, कड़ा, और तैयार।
मीरा ने उसे देखा और बोली — “रोहित, तेरे भाई से तो ये बड़ा है।”
रोहित हँसा — “भाभी, आज तो तुलना का दिन है।”
“तुलना मत कर। बस… अंदर कर।”
रोहित ने लंड की नोक मीरा की चूत पर रखी, और धीरे से धक्का दिया। मीरा ने सिसकी भरी — “आह्ह्ह रोहित…”
“भाभी, दर्द?”
“नहीं… आह्ह्ह, और कर।”
रोहित ने पूरा अंदर कर दिया। मीरा ने पैरों से रोहित की कमर को जकड़ लिया। रोहित धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। मीरा की चूड़ियाँ खनक रही थीं, पायल की रुनझुन पूरे कमरे में गूँज रही थी, और मीरा आह्ह्ह-उफ्फ कर रही थी।
“रोहित… और तेज़… और…”
रोहित ने तेज़ किया। मीरा उसके नीचे थी, आँखें बंद, होंठ काँपते हुए, और मन में पाँच साल की खामोशी का टूटना। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
पंद्रह मिनट बाद मीरा ने कहा — “रोहित, घोड़ी बनूँ?”
रोहित ने हाँ में सिर हिलाया। मीरा उठी और घुटनों के बल बैठ गई, कमर झुकाई, और रोहित को इशारा किया। रोहित ने पीछे से लंड डाला। मीरा ने आह्ह्ह भरी और अपनी कमर रोहित की तरफ धकेली।
अब रोहित पीछे से मीरा को चोद रहा था, और मीरा के गोरे-गोरे कूल्हे उसके हर धक्के पर हिल रहे थे। मीरा ने धीरे से कहा — “रोहित, मेरा आँचल… खींच ले।”
रोहित ने साड़ी का आँचल खींचा। मीरा की पीठ पूरी खुल गई। रोहित ने झुककर उसकी पीठ को चूमा, और तेज़ धक्के लगाने लगा।
“आह्ह्ह रोहित! आह्ह्ह… रुक मत… आह्ह्ह…”
मीरा झड़ गई, और उसके साथ रोहित भी। रोहित ने सारा माल मीरा की चूत में ही छोड़ दिया। मीरा के पैर काँप रहे थे। दोनों बिस्तर पर गिर पड़े। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
दोनों देर तक पसरे रहे। मीरा ने रोहित की छाती पर सिर रखा और बोली — “रोहित, आज तक कभी ऐसे नहीं हुई।”
“भाभी, सुरेश भैया को बताना?”
“किसे पता है। बस… जो हुआ, अच्छा हुआ।”
फिर मीरा उठी, रसोई से दो गिलास पानी लाई, दोनों ने पिया। मीरा ने साड़ी सही की, बाल सँभाले। मगर रोहित का हाथ फिर उसकी कमर पर चला गया। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
“भाभी, एक बार और?”
मीरा हँसी — “तू तो पूरा देवर निकला।”
“तो?”
“तो करवा चौथ है ना। आज तो व्रत का फल पूरा मिलना चाहिए।”
रोहित ने मीरा को गोद में बिठाया और दोबारा अंदर कर दिया। मीरा ने रोहित के गले में बाँहें डाल दीं और उसकी गोद में बैठकर उठने-गिरने लगी। इस बार दोनों की साँसें साथ चल रही थीं, और मीरा के होंठ रोहित के कान के पास फुसफुसा रहे थे — “रोहित… रोहित…”
तीसरी बार में जब रोहित निकलने वाला हुआ, तो मीरा ने कहा — “मुँह में कर दे।”
मीरा रोहित के सामने बैठी, और रोहित ने उसके मुँह में सब छोड़ दिया। मीरा ने पूरा निगल लिया और हँसकर बोली — “अब पता चला, व्रत में सुहागिन को क्या मिलता है।” करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
रात के तीन बज गए थे। दोनों सो गए — एक ही बिस्तर पर, एक ही चादर में।
भाग ६ — सुबह, और लौटती दुनिया
सुबह छह बजे मीरा की आँख खुली। रोहित की बाँह उसकी कमर पर थी। मीरा ने उसे हटाना चाहा — मगर हटाया नहीं। जाने दिया। करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
सात बजे माँ-बाप लौट आए। मीरा रसोई में चली गई, चाय बनाई, नाश्ता तैयार किया — बिल्कुल वैसे ही जैसे रोज़ करती थी। जैसे कुछ हुआ ही न हो।
माँ ने पूछा — “चाँद देख लिया था?”
मीरा ने हाँ कहा।
“व्रत खोला?”
“खोल लिया।” मीरा ने रोहित की तरफ देखा, जो बरामदे में बैठा चाय पी रहा था। और मुस्कुरा दी।
माँ ने कहा — “अच्छा। सुरेश को फोन कर लिया?”
मीरा रुकी। फिर बोली — “अम्मा, फोन तो कर लिया। मगर… सुरेश को पता नहीं, इस बार करवा चौथ कितनी अनोखी थी।”
माँ हँसी और बोली — “हर करवा चौथ अनोखी होती है बेटा। बस सुहाग सामने हो तो।” करवा चौथ पर भाभी की चुदाई 2026 | देवर-भाभी सुहागरात
और मीरा की आँखें फिर भर आईं।
उस दिन के बाद से हर साल करवा चौथ पर मीरा व्रत रखती थी, और रोहित सामने खड़ा रहता था — चाँद देखने के बहाने, आरती के बहाने, और हर बार मीरा कहती थी — “रोहित, आज भी अनोखी करवा चौथ है।”
और रोहित हर बार वही कहता था — “हाँ भाभी। और हर साल और अनोखी होगी।”
सुरेश आज भी गल्फ में था। मगर मीरा की चूत अब सूखी नहीं रहती थी — क्योंकि घर में अब एक देवर था, और उसे पता था कि भाभी की प्यास कैसे बुझती है।
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